शराब की आदत से लिवर को नुकसान, लेकिन रिकवरी का रास्ता अभी भी खुला है
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*शराब की आदत से लिवर को नुकसान, लेकिन रिकवरी का रास्ता अभी भी खुला है*
*मुजफ्फरनगर*: आज के समय में शराब का सेवन कई लोगों की सामाजिक और व्यक्तिगत दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। अक्सर यह एक-दो पेग से शुरू होकर धीरे-धीरे रोज़ की आदत में बदल जाता है और कई बार व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि वह शराब पर निर्भर होता जा रहा है। इसका सबसे अधिक असर हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंग—लिवर—पर पड़ता है, जो शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है।
लंबे समय तक अत्यधिक शराब पीने से लिवर की कोशिकाओं में फैट जमा होने लगता है, जिसे अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह सूजन, स्कारिंग और यहां तक कि लिवर फेलियर जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है। हालांकि अच्छी बात यह है कि शुरुआती चरण में इस नुकसान को सही कदम उठाकर पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
*मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. के. आर. वासुदेवन, ने बताया* “फैटी लिवर डिजीज की शुरुआती अवस्था में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है। फिर भी कुछ लोगों को लगातार थकान, पेट में असहजता या बिना कारण वजन कम होने जैसे संकेत महसूस हो सकते हैं। यदि इन संकेतों को नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होकर हेपेटाइटिस या सिरोसिस जैसी बीमारियों का रूप ले सकती है। लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा अंग है जिसमें खुद को दोबारा ठीक करने की अद्भुत क्षमता होती है। अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं और जीवनशैली में सुधार किया जाए, तो शुरुआती चरण में फैटी लिवर को पूरी तरह से रिवर्स किया जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि हम शराब के लिवर पर पड़ने वाले प्रभाव को समझें और अपनी आदतों में बदलाव लाएं।“
*डॉ. वासुदेवन, ने आगे बताया* “छोटे लेकिन लगातार किए गए बदलाव लिवर को स्वस्थ बनाने में बड़ा योगदान देते हैं। शराब का सेवन कम करना या पूरी तरह छोड़ना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सपोर्ट ग्रुप, काउंसलिंग और परिवार का साथ इस सफर को आसान बना सकता है। इसके साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाना जरूरी है, जिसमें ताजे फल-सब्जियां, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल हों। नियमित शारीरिक गतिविधि, जैसे रोज़ाना 30 मिनट की तेज़ चाल से वॉक, लिवर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है और मानसिक स्थिति को भी सुधारती है। पर्याप्त पानी पीना और अच्छी नींद लेना भी रिकवरी के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही, समय-समय पर हेल्थ चेक-अप कराना लिवर की स्थिति पर नजर रखने और समय रहते इलाज शुरू करने में मदद करता है।“
अगर आप या आपका कोई करीबी शराब की समस्या से जूझ रहा है, तो यह समझना जरूरी है कि आप अकेले नहीं हैं और मदद हमेशा उपलब्ध है। बदलाव संभव है, चाहे आप किसी भी स्थिति में हों। शुरुआत करना मुश्किल लग सकता है, लेकिन हर छोटा कदम आपको बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जाता है। अभी भी समय है, उम्मीद है और एक बेहतर भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। बस एक पल रुकें, सोचें और मदद लेने की दिशा में पहला कदम बढ़ाएं—क्योंकि नई शुरुआत के लिए कभी देर नहीं होती।


