गन्ने के खेत में मिला मादा गुलदार का शव: संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या की भी आशंका
1 min read
गन्ने के खेत में मिला मादा गुलदार का शव: संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या की भी आशंका
अफजलगढ़। थाना क्षेत्र के गांव प्रेमपुरी में किसान गुरुदेव सिंह के गन्ने के खेत में मादा गुलदार का शव पड़ा मिला। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम गुलदार के शव को उठाकर बिजनौर में पोस्टमार्टम के लिए ले गई। अफसरों का दावा है कि प्रथम दृष्टया मादा गुलदार के मौत बिमारी से होना प्रतीत हो रही है। गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव प्रेमपुरी निवासी गुरूदेव सिंह पुत्र बलवंत सिंह का गांव के ही नजदीक में गन्ना का खेत हैं।
क्षेत्र के ही गन्ना छीलने वाले मजदूर मंगलवार की सुबह खेत में गन्ना छीलने गए हुए थे। जैसे ही उन्होंने गन्ने की छिलाई शुरू की उन्हें गन्ने के खेत में एक गुलदार को मृत अवस्था में पड़ा देखा। मजदूरों ने इसकी सूचना किसान को दी। वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई। गुलदार को देखने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वही गुलदार का शव पड़ा मिलने की सूचना मिलती ही वन दरोगा सुनील राजौरा वन विभाग टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम गुलदार के शव को बिजनौर में स्थित वन विभाग की नर्सरी में पोस्टमार्टम के लिए ले गई। ग्रामीणों की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार,सीओ अर्चना सिंह, कोतवाल राजकुमार सरोज मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों से मृत मादा गुलदार के शव के बारे में जानकारी ली। उधर वन दरोगा सुनील कुमार राजौरा ने बताया कि मादा गुलदार के शरीर पर घाव के निशान नहीं हैं। प्रथम दृष्टया मादा गुलदार के मौत बिमारी से होना प्रतीत हो रही है। मृत मादा गुलदार की उम्र लगभग डेढ़ से दो साल है। गुलदार की मृत्यु एक-दो दिन पूर्व होना बताया है। मृत मादा गुलदार का पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेज दिया गया है।
वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मौके पर पहुंचे वन अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने बताया है की जांच पड़ताल के बाद ही यह सही पता लग पाएगा की मादा गुलदार की हत्या हुई है या आकस्मिक मौत है वन अधिकारियों का कहना है कि कई बार देखने में आता है कि शिकारी भी अपने निजी स्वार्थ के लिए इस प्रकार का घिनौना कार्य कर देते हैं उन्होंने बताया कि बहुत ही पारदर्शिता के साथ इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है एवं सही कारणों का पता लगाया जा रहा है मादा गुलदार की मौत पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है

