जनगणना 2027 प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानो की गणना एवं स्व गणना के
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जनगणना 2027 प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानो की गणना एवं स्व गणना के संबंध में डीएम उमेश मिश्रा ने की पीसी दी महत्वपूर्ण जानकारी। मुजफ्फरनगर 4 मई प्राप्त समाचार के अनुसार आज कलेक्ट्रेट के जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर जनगणना 2007 प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानो की गणना और स्व गणना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्व गणना का कार्य दिनांक 7 मई से 21 मई तक आयोजित किया जाएगा और मकान सूचीकरण का कार्य दिनांक 22 मई से 20 जून 2026 तक किया जाएगा पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी प्रकार से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है और आपकी किसी भी प्रकार की निजी जानकारी नहीं मांगी जाएगी बल्कि जो सही है वही आप बताइए आपको किसी को भी किसी भी प्रकार का अपना परिचय से संबंधित डॉक्यूमेंट किसी को भी देने की आवश्यकता नहीं है और किसी के भी बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है यह कार्य राष्ट्रहित का कार्य है और राष्ट्रहित में आप सभी को सहयोग देने की आवश्यकता है जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने आम जनता और मीडिया से अपील की की जनगणना के कार्यक्रम की अधिक से अधिक पब्लिसिटी करें और अपना भरपूर सहयोग करें इस अवसर पर अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री गजेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता का संचालन किया यहां पर संयुक्त रूप से जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री गजेंद्र कुमार ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानौ की गणना आदि के संबंध में विस्तार से बताते हुए कहा कि स्व-गणना (Self-Enumeration
स्व-गणना (SE) क्या है?
निवासी स्वयं अपने परिवार का विवरण https://se.census.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भर सकते हैं।
परिवार का विवरण सफलतापूर्वक भरने के बाद एक विशिष्ट ‘SE ID’ जनरेट होगी।
यह प्रक्रिया पूर्ण करने में लगभग 15 से 20 मिनट लगता है।
यह प्रक्रिया घर-घर जाने वाले प्रगणक के काम को आसान बनाती है।
स्व-गणना कब करें?
स्व-गणना का पोर्टल प्रगणक द्वारा घर-घर गणना शुरू हो से 15 दिन पहले सक्रिय हो जाता है।
उत्तर प्रदेश में यह तिथि 07 मई से 21 मई 2026 है। स्व-गणना की प्रक्रिया
उपकरण संबंधी सुझावः
यद्यपि स्व-गणना मोबाइल पर भी किया जा सकता है परन्तु बेहतर दृश्यता और मैप मार्किंग के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना अनुशंसित है।
स्टेप -1
> पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाएँ।
Self-Enumeration (HLO) Login
> राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का चयन करें।
> कैप्चा कोड दर्ज करें।
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स्टेप-2
परिवार का पंजीकरण
Censes of etia 207
परिवार के मुखिया का नाम दर्ज करें।
(नोट: मुखिया का नाम पंजीकरण के बाद बदला नहीं जा सकेंगा।)
मोबाइल और ईमेल पंजीकरणः
एक परिवार के लिए केवल एक ही मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
ईमेल आईडी वैकल्पिक है (SE ID प्राप्त करने के लिए उपयोगी) स्टेप -3
भाषा और ओटीपी
भाषा का चयन सावधानीपूर्वक करें । (भाषा बाद में नहीं बदला जा सकेगा।)
ओटीपी सत्यापन
( मोबाइल में नेटवर्क सुनिश्चित करें।)
Language Selection and OTP Verification
हिंदी
OTP sent to your mobile number
fly OTP
स्टेप – 4
निवास स्थान का विवरण
जिला, पिन कोड, गाँव/नगर और लैंडमार्क भरें।
इसके बाद ‘खोज’ (Search) पर क्लिक करें।
स्टेप – 4 जारी..
मकान सूचीकरण कार्य स्व-गणना (एसई)
असर पूछे जाने वाले
स्टेप – 5
मानचित्र पर चिन्हांकन (मैपिंग)
स्क्रीन पर एक लाल मार्कर () प्रदर्शित होगा।
लाल मार्कर (9) का उपयोग करें।
मार्कर को खीचकर अपने घर के सटीक स्थान पर सेट करें।
यह डेटा सही ब्लॉक आवंटन के लिए अनिवार्य है।
इसके बाद ‘सहेजे और आगे बढ़े’ पर क्लिक करें।
स्थान सम्बन्धी जानकारी की पुष्टि के लिये एक संदेश आयेगा।
यह स्व-गणना डाटा को मकान सूचीकरण ब्लॉक में आवंटित करने में सहायक होगा।
स्टेप-6
प्रश्नावली पूर्ण करनाः
सभी जानकारी प्रगणक द्वारा ली जाने वाली प्रश्नावली के समान है।
(टूलटिप्स और FAQs की सहायता लें।)
“नेविगेशन के अगले पपृष्ठ पर जाने के लिए वर्तमान पृष्ठ का पूरा होना जरूरी है। आप पिछली प्रविष्टियों में सुधार कर सकते हैं।
स्टेप -7
डेटा समीक्षा :
‘पूर्वावलोकन’ (Preview) के माध्यम से जानकारी जांचें। इस चरण तक बदलाव संभव हैं।
ड्राफ्ट के रूप में सहेजनाः
आप डेटा को ‘ड्राफ्ट’ में सेव कर सकते हैं और बाद में पूरा कर सकते हैं।
भवन संख्या और परिवार क्रमांक प्रगणक द्वारा मौके पर दर्ज किए जाएंगे। स्टेप-8
डेटा लॉक करनाः
“पुष्टि करें और सबमिट करें” पर क्लिक करें।
सबमिट करने के बाद बदलाव संभव नहीं है।
* महत्वपूर्ण चेतावनी – अंतिम तिथि का ध्यान रखें।*
(पोर्टल पर चलती हुई सूचना देखें)
तय समय के भीतर सबमिट न करने पर स्व-गणना अमान्य होगी।
SE ID प्राप्त करना
11 अंकों की ‘H’ से शुरू होने वाली ID प्राप्त होगी।
यह एसएमएस और ईमेल पर भी प्राप्त करें।
सथततापूर्वक सबमिट किया गया
SE ID सुरक्षित रखना, इसका स्क्रीनशॉट लें या लिखकर रखें।
खो जाने पर पोर्टल से पुनः प्राप्त करने की सुविधा है।
स्टेप-9
क्षेत्रीय सत्यापनः
जब प्रगणक घर आए, तो उन्हें अपनी SE ID दिखाएं।
आपकी स्व-गणना पहचान संख्या (एसई आईडी) है
सत्यापन प्रक्रियाः
H79342501416
यदि ID का मिलान हो जाता है, तो आपका डेटा सत्यापित हो जाएगा।
यदि मिलान नहीं हुआ, तो प्रगणक फिर से जानकारी एकत्र करेंगे। स्टेप-9
क्षेत्रीय सत्यापनः
जब प्रगणक घर आए, तो उन्हें अपनी SE ID दिखाएं।
आपकी स्व-गणना पहचान संख्या (एसईआईडी) है H79342501416
सत्यापन प्रक्रियाः
यदि ID का मिलान हो जाता है, तो आपका डेटा सत्यापित हो जाएगा।
यदि मिलान नहीं हुआ, तो प्रगणक फिर से जानकारी एकत्र करेंगे।
सारांश (Summary)
स्व-गणना सुविधाजनक है। सही जानकारी और सही लोकेशन मार्किंग सबसे जरूरी है।
जनगणना राष्ट्र के विकास का आधार है। इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
भारत की जनगणना
2027 CENSUS OF INT
जनगणना से जन कल्याण संभव है इसलिए इसमें सभी को आगे जाकर सहयोग करना चाहिए प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने सभी से अपील की की जनगणना के राष्ट्रीय कार्यक्रम को ऐतिहासिक सफल बनाने के लिए सभी सहयोग करें यह कार्य भी सभी का है और सभी के लिए है जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने कहा कि हम सभी भारतीयों का कर्तव्य है कि जनगणना के राष्ट्रीय कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर और पूरी ईमानदारी के साथ सहभागिता करें अंत में जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने तमाम पत्रकार बंधुओ का हार्दिक आभार भी व्यक्त किया जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 7 मई से 21 मई तक स्व गणना होगी*
पहले चरण में 22 मई से 20 जून तक मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना होगी
दूसरे चरण में 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना होगी
*जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि किसी भी प्रकार के साइबर फ़्रॉड से बचने के लिए ध्यान रखें इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी ओटीपी नहीं लिया जाएगा अतः जागरूक रहे!!*
जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने बताया कि *मुजफ्फरनगर में जनगणना के लिए 6576 अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं, जिनमे 6445 कर्मचारी घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे!!*
*7 मई को सभी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी गण स्व गणना करेंगे*
*9 मई को पत्रकार स्व गणना करेंगे*
*11 मई को ज्यूडिशियल जज, अधिवक्ता स्व गणना करेंगे*
जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने बताया कि 12 मई को पुलिस और अन्य वर्दीधारी स्व गणना करेंगे
14 मई को शिक्षा विभाग से जुड़े बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, शिक्षक स्वगणना करेंगे
15 मई को चिकित्सा आयुष विभाग से जुड़े सभी डॉक्टर स्वगणना करेंगे
भारत की जनगणना 2027
भारत सरकार
एक सम्मान एक सहभाग – पूर्ण विकास
CENSUS OF IND
जनगणना 2027
अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे।
जनगणना क्या है?
जनगणना संपूर्ण जगसंख्या का स्वागत करती है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है जो हमें अपने देश की वास्तविक तस्वीर दिखाता है।
जनगणना क्यों महत्वपूर्ण है?
जनसंख्या की सटीक जानवरी प्रयान साठी है
●योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण
नामसंगत वितरण
गिका सास्थ्य आवास आदि सेवाओं की योनगा बनाने में
समानता एवं समावेशी विकास को बढ़ावा
जनगणना के प्रमुख तथ्य
प्रारम वर्ष 1872
हर 10 वर्ष में आयोजित
पूर्ण
आंकड़ों का
की जनगणना वर्ष 1872 आकीय एवं
हम सबकी भागीदारी
आडए, जनगणना 2027 की सफल समाएं और अपने देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
1. प्रस्तावना
जनगणना संगठन आपका स्वागत करता है। भारत की जनगणना 2027 के लिए प्रगणक / पर्यवेक्षक के रूप में आपका चयन एक सम्मान और सौभाग्य की बात है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे।
1.1 ऐतिहासिक पृष्ठभूমি
1.1.1 भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणनाओं में से II एक मानी जाती है तथा यह विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में शामिल है। जनगणना भारत यो संविधान की सातवीं अनुसूची के संघ सूची (अनुष्व 240) में हम संख्या 69 पर अंकित है तथा जनगणना अधिनियम, 1948 इसके संचालन का विधिक आधार प्रदान करता है।
1.1.2 भारत में प्रथम जनगणना वर्ष 1872 में कराई गई थी, जो देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग समय पर सपन्न हुई। वर्ष 1881 में पहली बार संपूर्ण देश में एक साथ जनगणना कराई गई। इसके पश्वातु 2011 तक प्रत्येक दस वर्ष में बिना किसी व्यवधान के जनगणना होती रही। तथापि, कोविड-19 महामारी के कारण भारत की जनगणना 202। नियमित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित नहीं की जा सकी। भारत की जनगणना 2027 वर्ष 1872 में अब तक की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की छपरी जनगणना होगी।
1.1.3 जनगणना की इस महान ऐतिहासिक परंपरा को आप जैसे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के सेवानाति उत्साह और समर्पण के माध्यम से निरंतर बनाए रखा गया है। जनगणना में आपकी तथा देश के नागरिकों की सहभागिता ‘विविधता में एकता की राष्ट्रीय भावना का सख्या प्रतिषिय है।
1.2 जनगणना आयोजित करने का उद्देश्य
1.2.1 भारतीय जनगणना जनसंख्या की विशेषताओं, आर्थिक गतिविधि, साक्षरता एवं शिक्षा, आवात एवं घरेलू सुविधाएँ शहरीकरण, प्रजनन, अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों, भाषा, धर्म, प्रवजन, दिव्यांगता तथा अन्य अनेक सामाजिक-सांस्कृतिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़ों का सबसे विश्वसनीय स्रोत है।
1.2.2 जनगणना से प्राप्त सूचनाएं देशवासियों के लाभ के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत सतर की जानकारी प्रदान करती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर संसद / विधानसमा निर्वाचन क्षेत्रों, पंचायतों एवं अन्य स्थानीय निकायों की सीटों का परिसीमन किया जाता है। इस प्रकार, प्रगणक केवल जानकारी एकत्र नहीं कर रहे होते, बल्कि वे एक विशाल राष्ट्र-निर्माण गतिविधि का अभिष्म अंग होते हैं।
1.2.3 चरण अर्थात मानसूचीकरण एवं मकानों की गणना अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि यह मानय पक्षियों की स्थिति, आवासीय कमी तथा आवासीय आवश्यकताओं के संबंध में व्यापक आंकडे प्रदान करता है, जी आधान नीतियों के निर्माण में सहायक होते है। इसके अतिरिक्त, यह परिवारों में उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपचियों से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराला है. जिसकी आवश्यकत्ता केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों तथा अन्य गैर-सरकारी एजेंसियों को विकास एवं योजना निर्माण के लिए होती है। मह जनसंख्या की गणना के लिए बाँधा भी उपलब्ध कराता है।
1.2.4 चरण- के रूप में आयोजित जनसंख्या की गणना देश के प्रत्येक व्यक्ति के संबंध में एक निश्चित सनयः बिंदु पर बहुमत्मा जानकारी प्रदान करती है। जनगणना के आंकड़े देश एवं जनता के कल्याण हंतु नीतियों एवं कार्यक्रमों के निर्माण के लिए अनिवार्य हैं। यह आंकडे प्रभावी एवं कुशल सार्बजनिक प्रशासन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।


