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May 5, 2026

Suraj Kesari

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आईआईटी कानपुर ने ‘आइकॉनिक क्विज़वर्स’ ग्रैंड फिनाले में जीता राष्ट्रीय खिताब

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आईआईटी कानपुर ने ‘आइकॉनिक क्विज़वर्स’ ग्रैंड फिनाले में जीता राष्ट्रीय खिताब

लखनऊ 26अप्रैल, आईआईटी कानपुर के बायोलॉजिकल साइंसेज और बायो इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र पार्थ आर्या भट्ट और वकार मोइद ने शिव नाडर फाउंडेशन द्वारा आयोजित पैन-इंडिया इंटर-कॉलेज क्विज प्रतियोगिता आइकॉनिक क्विज़वर्स चैलेंज के ग्रैंड फिनाले में राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब जीता। यह फिनाले नई दिल्ली के एयर फोर्स ऑडिटोरियम, सुब्रतो पार्क में हुआ। इस प्रतियोगिता में देशभर के 194 शहरों के 430 कॉलेजों के छात्रों ने हिस्सा लिया।

फाइनल में चार टीम —आईआईटी कानपुर (नॉर्थ), नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद (साउथ), आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज, पुणे (वेस्ट) और कॉटन यूनिवर्सिटी, गुवाहाटी (ईस्ट)—ने हिस्सा लिया।

आइकॉनिक क्विज़वर्स को स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में लॉन्च किया गया है । इसमें ऐप के जरिए शुरुआती राउंड और उसके बाद लाइव मुकाबले होते हैं।

इस प्रतियोगिता का फॉर्मेट ‘ट्री ऑफ नॉलेज’ टीम के साथ मिलकर तैयार किया गया है, जिसका नेतृत्व जाने-माने क्विज मास्टर सिद्धार्थ बासु कर रहे हैं। उन्होंने देश में क्विजिंग को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

यह पहल शिव नाडर फाउंडेशन के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत बनाने पर काम किया जा रहा है। आइकॉनिक क्विज़वर्स जैसे मंच छात्रों को जिज्ञासा बढ़ाने, नए तरीके से सोचने और अलग-अलग विषयों को समझने का मौका देते हैं।

इस मौके पर सुंदर महालिंगम, प्रेसिडेंट – स्ट्रैटेजी, शिव नाडर फाउंडेशन ने कहा, “शिव नाडर फाउंडेशन में हम लंबे समय से बेहतर शिक्षा और उसके विस्तार पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही ऐसे मंच बनाना भी जरूरी है, जहां छात्र खुद सोचें, सवाल करें और अलग-अलग परिस्थितियों में अपने ज्ञान का इस्तेमाल करें। आइकॉनिक क्विज़वर्स इसी सोच का हिस्सा है, जो छात्रों को क्लासरूम के बाहर सीखने और आगे बढ़ने का मौका देता है।”

सिद्धार्थ बासु ने आगे कहा, “क्विजिंग हमेशा जिज्ञासा और अलग-अलग जानकारियों को जोड़ने की कला रही है। जो बात यहाँ सबसे ज़्यादा दिखी, वो थी छात्रों का इस प्रतियोगिता के प्रति गंभीर रवैया और मौके पर तुरंत सोचकर जवाब देने की उनकी क्षमता।

कुल 25 लाख रुपये की इनामी राशि के अलावा विजेताओं को एचसीएल जीयूवीआई के दो प्रीमियम जेन क्लास प्रोग्राम भी मिलेंगे, जिनकी कीमत 1.7 लाख रुपये प्रति प्रोग्राम है। इससे उन्हें आगे सीखने और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

 

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