भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता युवाओं के प्रेरणास्रोत हर दिल अजीज लोकप्रिय जन नेता सर्वेश पाठक की स्टोरी
1 min read
जिंदगी बहुत खूब सूरत है, इससे बेपनाह पार करो हर दुःख के बाद , सुख का इंतज़ार करो “आयेगा, जिसका बेसब्री वो दिन भी ज़रूर आयेगा. से इंतजार है ऊपर वाले पर मरोसा और सही कात का इंतजार करो नमस्कार आप सभी लोगों को !
आज मैं पुनः उपस्थित हूँ एक ये कहानी ऐसे शख्स नयी कहानी के साथ की है जिसका गरीबी से बहुत ही गहरा नाता है, ये कहानी ऐसे शब्स की है, जिसने चिज जिंदगी में दूसरों के लिए कुछ करने की उनी है कहानी की शुरुआत में एक कहावत से शुरू करता हूँ कहावत है, जिंदगी हर किसी के हिस्से में आती है कोई जीता है खुद के लिए तो कोई दूसरों के लिए खुद पर जीने वालों का अस्तित्व मिट जाता है।
परमार्थ पर मरने वात्रा अमर हो जाता है उत्तर प्रदेश संभावनाओं का प्रदेश है ऐतिहासिक कारणों में भी भारतीय संघ में सर्वोच्च रहा है। हम बात करते है इसी प्रदेश में बाहुबलियों के वर्चस्म से निरंकुशता जाने जाना वाला जनपद बहराइच व गोण्डा की बात बात है 90 के दशक की, जब गोण्डा में. राजनीतिक हलचलों एवं बाहुबलियों एवं तथा आक्रांताओं के प्रकोप से गोण्डा एवं बहराइच की जनता तथा युवाजन अपने भविष्य को लेकर असहज, महसूस कर रहे थे, पर हकीकत को धरातल पर लाने में
वो असुरक्षित महसूस करते थे। परंतु एक कहावत है कि जब संभावनाओं की सीमा पार
होती है उसी समय किसी द्विष्य प्रकाश का आगमन होता है। 90 के दशक में एक ऐसा ही प्रकाश पुखरूसीन अली अहमद राजकीय इंटर कालेज के हास्टल से दिप्त हुआ।
दर्द भी एक समय होता है, मानवीय संवेद्याओं से निकला एफ छात्र जो अपने समाज के छोटे तफ्ते से निकलकर मानव धर्म को सर्वोपरि मानकर लोगों के जख्मों में मरहम का काम करने लगा, उत्साह, लगन, भाव, एवं संवेदना उसके संगी साथी बनें, मौन से परे चेतना का संचार उसका पहला का मकशद बना । 14 वर्ष की क्रयायु में समस्याओं में गुथी मानवता, क्षेत्र विशेष
की हालत देखकर उसके भाव उसके नेत्रों से स्वस्पष्ट देखे जा सकते थे, इसी दरमियान वह प्रथम बार स्वयं सेवक बनकर जीवन की शुरुआत की, रास्ता इतना आसान नहीं था जितना दिखायी देता था फिर भी यदि व्यक्ति में साहस, विश्वास, दृढ़ इच्छा शक्ति की प्रबल धारा उपस्थित हो तो कार्य आसान लगने लगता है। बालक का मानना था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी उम्र क्या है, फर्क इससे पड़ता है कि आप किस उम्र की सोच रखते शुरुआती दिनों में हॉस्टल में रहकर सामाजिक कार्यों को अपनी दैनिक गतिविधि समझकर लोगों की समस्याओं में भाग लेना तथा उनका हर संभव निस्तारण करवाना एवं गरीब छात्रों को अपने साथ जोड़कर शिक्षक प्रशिक्षण के लिए सहयोग और लाल बहादुर शास्त्री महाविद्याल में पढ़ने वाले छात्रों को अपने हॉस्टल में पनाह देना और उनकी हर संभव मदद करना अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझा, इसी गतिविधियों के दौरानक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठन का एक हिस्सा बना ,
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में रहकर रहते हुए लाल- बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में छात्र राजनीति करने वाले अनेक राजनीतिक महारथियों के बीच रहकर छात्र राजनीति सक्रियता दिखाने जैसे एक अनूठी कला तथा अपनी स्वच्छ एवं निष्पक्ष, विवेकशैली के कारण एक छोटा सा कार्यकती जिले से कमिश्नरी तथा राज्य स्तर के नेतृत्व के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के साथ काम करने की दिशा निधर्धारित करने लगा तथा एक्सेल नेट कंप्यूटर के नाम से गरीब छात्रों को निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण अति दुर्बल आय वर्ग हेतु कंप्यूटर प्रशिक्षण छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से गरीबी मिटाने के लिए कार्य करने लगा छत्रपति योजना का कार्य करते हुए कमिश्नरी अस्तर ही नहीं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों सहित उत्तराखंड हरियाणा,बिहार, झारखंड,दिल्ली मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र प्रमुख प्रदेश में गरीबी से लड़ने के लिए मुहिम छेड़ कर कंप्यूटर प्रशिक्षण छात्रवृत्ति योजना का कार्य करते हुऐ अपनी साफ स्वच्छ: कुशल प्रणाली के कारण कमिश्नरी स्तर पर काम करते हुए जव राष्ट्रीय स्वंम सेवक संघ के उच्च एवं आला अधिकारी की नजर उस प्रकाश रूपी दिव्य पर पड़ती है तो उसके कार्य प्रणाली को विस्तारण देने के लिए ऐसे ऊर्जावान कार्यकर्त्ता को प्रदेश स्तर पर नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में कार्य करने का अवसर प्रदान किया गया इसी व्यवहारात्मक रवैमा के कारण वर्तमान युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने राष्ट्रीय नेतृत्व में स्टडी सर्किल में हिंदी वासी सभी प्रदेश के युवा मोर्चा पदाधिकारी को प्रशिक्षण हेतु राष्ट्रीय मंत्री के रूप में प्रमुख कार्यों के जिम्मेदारी दिया भाजुमो स्टडी सर्किल के राष्ट्रीय मंत्री रहते हुए नितिन गडकरी जी के नेतृत्व में मजदूर एवं कामगारों का नेतृत्व करने के लिए प्रमुख कार्य की जिम्मेदारी दिया इसी दौर एक ऐसा भी दौर आया जब लोग अपनों से दूर भागने लगे और अपनों अपनेो घरों में बैठ गए अब आप समझ गये होंगे हम किस दौर की बात कर रहे है, दौर था कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का महामारी से परेशान लोग अपनों के पास आने से झिझकते थे उसी इस दौर में यह व्यक्ति किसी तेज पुंज की भांति, जीवन में दुखी लाचार, शहर में रहने वालों की घर वापसी जैसे कार्यों को टोली बनाकर अपनी अनिवार्य उपस्थित से जीवन को खतरे में डालकर सभी नेक काम कर रहे थो लेनिन जिसे स्वयं भी कोई परवाह नहीं होती वह इतिहास जरूर लिखता है, मै बात कर रहा है, ऐसे साहसी,ऊर्जावान ,कर्मठ, विद्वान, दयावान, संघर्षशील व्यक्ति माननीय सर्वेश पाठक जी की जो आज ‘जो वर्तमान में भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में विख्यात हुए ।जिन्होंने अपनी जिंदगी दूसरों के लिए जीने की ठानी है। ऐसे महान कार्यकती जिन्होंने अपने जन्मदिवस पर प्रत्येक वर्ष भारत वर्ष में प्रत्येक जिले में रक्तदान सिविर का आयोजन एक पर्व की तरह शुरू किया , और हर संभव लोगों की मदद करते की कसम खाई है, ऐसे महान व्यक्ति श्रीमान सर्वेश पाठक जी धन्म हों, जिनका जमीन से पुराना नाता है। इस मिट्टी में पले बढ़े जहाँ संभावनाओं को समय को गति से धकेला जाता है, मानव धर्म को सर्वोपरि तथा उसने अपने संकल्प और इरादों को पूरा करने के लिए, युवा हृदय सम्राट लोगों के चहेता अपने आत्म के कुछ अंश प्रकाशित कर रहे है।
गरीब कन्याओं की शादी में सहायता करते हुए,
अति दुर्बल आय वर्ग हेतु कंप्यूटर प्रशिक्षण छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से गरीब छात्रों की मदद करते,
दिल्ली में निर्भया कांड का समर्थन करते हुए,गरीबी मिटाने के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण देते हुए,
आदिवासी छात्रों के साथ समय बिताते हुए, महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए ,
गरीब एवं असहाय छात्रों को प्रशिक्षण देते हुए,दिव्यांगजनों को निशुल्क ट्राई साइकिल वितरण करते हुए,
मजदूरों को हर संभव मदद दिलाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हुए,युवाओं का मनोबल बढ़ाते हुए,
युवाओं को रोजगार मेला में उपस्थित गंगा – जमुना के लिए सफाई अभियान निकलते हुए,
कार्यकर्ताओं के लोकप्रिय राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश पाठक
गरीब कन्याओं की शादी में सहायता करते हुए,
अति दुर्बल आय वर्ग हेतु कंप्यूटर प्रशिक्षण छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से गरीब छात्रों की मदद करते,
दिल्ली में निर्भया कांड का समर्थन करते हुए,गरीबी मिटाने के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण देते हुए,
आदिवासी छात्रों के साथ समय बिताते हुए, महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए ,
गरीब एवं असहाय छात्रों को प्रशिक्षण देते हुए,दिव्यांगजनों को निशुल्क ट्राई साइकिल वितरण करते हुए,
मजदूरों को हर संभव मदद दिलाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हुए,युवाओं का मनोबल बढ़ाते हुए,
युवाओं को रोजगार मेला में उपस्थित गंगा – जमुना के लिए सफाई अभियान निकलते हुए,
कार्यकर्ताओं के लोकप्रिय राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश पाठक
लेखक ।।।।।।।। ।।।।।।।।।।सय्यद मुजम्मिल हुसैन मान्यता प्राप्त राज्य मुख्यालय पत्रकार उत्तर प्रदेश दैनिक सूरज केसरी समाचार पत्र लखनऊ एवं मुजफ्फरनगर मोबाइल नंबर 941280 7565 एवं 93586 24179.






