अंतिम अमृत स्नान पर श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा, लगे जयकारे
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अंतिम अमृत स्नान पर श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा, लगे जयकारे*
*योगी सरकार की ओर से बसंत पंचमी के अवसर पर सभी घाटों और अखाड़ों पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा*
*संगम तट पर पुष्पवर्षा से अभिभूत संतों, संन्यासियों और श्रद्धालुओं ने लगाए जय श्री राम और हर हर महादेव के नारे*
*03 फरवरी, महाकुम्भनगर।* महाकुम्भ 2025 के अंतिम अमृत स्नान बसंत पंचमी के दिन सोमवार को संगम तट पर डुबकी लगाने पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं पर योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई। हेलीकॉप्टर से सभी घाटों और अखाड़ों पर स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई। पुष्प वर्षा की शुरुआत सुबह 6.30 बजे से ही हो गई, जब अखाड़ों का अमृत स्नान जारी था। गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश देख संगम तट पर मौजूद नागा संन्यासियों, संतों और श्रद्धालुओं ने अभिभूत होकर जय श्री राम और हर हर महादेव के नारे लगाए।
महाकुम्भ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं पर स्नान पर्वों के मौके पर पुष्प वर्षा को लेकर योगी सरकार के निर्देश पर उद्यान विभाग ने पिछले काफी समय से तैयारी कर रखी थी। इसके लिए गुलाब की पंखुड़ियों की खास तौर पर व्यवस्था की गई थी। महाकुम्भ के सभी स्नान पर्वों पर पुष्प वर्षा कराने की तैयारी की गई है। प्रत्येक स्नान पर्व पर लगभग 20 कुंतल गुलाब की पंखुड़ियों से बारिश की जा रही है।पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा और पहले अमृत स्नान पर्व मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं गई थीं, जबकि मौनी अमावस्या के दूसरे अमृत स्नान पर भी सांकेतिक रूप से पुष्प वर्षा कराई गई।
अमृत स्नान के दौरान पुष्पवर्षा से नागा संन्यासी, साधु संत और श्रद्धालु भी अभिभूत नजर आए। हर हर महादेव, जय श्री राम, गंगा मैया की जय जैसे जयकारों से पूरा त्रिवेणी क्षेत्र गुंजायमान हो गया। मालूम हो कि प्रयागराज उद्यान विभाग की ओर से अमृत स्नान के लिए पहले ही पर्याप्त फूलों की व्यवस्था की गई है। उद्यान विभाग की ओर 20 क्विंटल से अधिक मात्रा में गुलाब के फूलों का स्टॉक जमा किया गया था। वहीं 5 क्विंटल फूल रिजर्व में भी रखे गए हैं।
*एकता के महाकुम्भ के साथ ही महाकुम्भ ने दिया वसुधैव कुटुंबकम का संदेश*
*दुनिया के कई देश, देश के हर राज्य और हर जाति, संप्रदाय के लोगों ने एक साथ लगाई संगम में डुबकी*
*महाकुम्भ के तीसरे और अंतिम अमृत स्नान पर नजर आया सनातन का संगम*
*संगम की रेत पर नाचते गाते जयकारे लगाते श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान*
*बम बम भोले बोलकर झूमते नजर आए अमेरिकी, इजरायली और फ्रांसीसी नागरिक*
*दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, आंध्र प्रदेश और बिहार समेत हर जगह से पहुंचे श्रद्धालु*
*भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ किया गंगा स्नान*
*बिना भेदभाव हर वर्ग और संप्रदाय के श्रद्धालु कर रहे स्नान, पूजन और दर्शन*
बसंत पंचमी पर महाकुम्भ में भारत के हर राज्य और हर जाति लोगों ने एक साथ संगम में अमृत स्नान किया। इसके साथ दुनिया भर के कई देशों के श्रद्धालु भी पहुंचे और जय श्री राम, हर हर गंगे, बम बम भोले के उद्घोष के साथ भारतीय जनमानस के साथ घुल मिल गए। अमृत स्नान पर महाकुम्भ नगर में एकता का महाकुम्भ नजर आया। यहां भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ पहुंचकर गंगा स्नान किया। जय श्री राम, हर हर गंगे का नारा लगाकर लोग उत्साह से लबरेज नजर आए।
*आस्था का संगम*
महाकुम्भ के इस ऐतिहासिक मौके पर संगम का तट भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं से पूरी तरह से भर गया। आस्था का ऐसा संगम हुआ कि संगम की रेत तक नजर नहीं आ रही थी। हर जगह सिर्फ मुंड ही मुंड नजर आ रहे थे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश समेत हर राज्य, हर जाति के लोग और अन्य देशों से आए विदेशी नागरिकों ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। अमेरिकी, इजरायली, फ्रांसीसी समेत कई अन्य देशों के नागरिक गंगा स्नान करते हुए भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत हुए। वे भी बम बम भोले के नारे लगाते हुए उत्साह से झूमते नजर आए।
*महाकुम्भ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी भारत की ब्रांडिग*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्य और भव्य महाकुम्भ का अलौकिक आयोजन किया गया है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति महाकुम्भ के इस बार के अद्भुत आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी ज्यादा बढ़ा दी है। महाकुम्भ में दुनिया भर के कई देशों के नागरिकों ने भाग लिया और भारत की संस्कृति को अनुभव किया। विदेशी श्रद्धालु भारत की सनातन संस्कृति से गहरे प्रभावित हुए और परिवार के साथ गंगा में स्नान किया। संगम के तट पर जय श्री राम और हर हर गंगे के उद्घोष से माहौल बना और श्रद्धालु श्रद्धा से गंगा में डुबकी लगाते रहे।
*हर वर्ग, संप्रदाय के लिए समानता का भाव*
प्रयागराज का महाकुम्भ विश्व का सबसे बड़ा मानवीय और आध्यात्मिक सम्मेलन है। यूनेस्को ने महाकुम्भ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। सीएम योगी का मानना है कि महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक है। यहां सब एक समान हैं। करोड़ों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। श्रद्धालु, समस्त साधु, संन्यासियों का आशीर्वाद ले रहे हैं, मंदिरों में दर्शन कर अन्नक्षेत्र में एक ही पंगत में बैठ कर भण्डारों में खाना खा रहे हैं। महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल है, जिसे दुनिया भर से आये पर्यटक देखकर आश्चर्यचकित हैं। कैसे अलग-अलग भाषायी, रहन-सहन, रीति-रिवाज को मानने वाले एकता के सूत्र में बंधे संगम में स्नान करने चले आते हैं। साधु-संन्यासियों के अखाड़े हों या तीर्थराज के मंदिर और घाट, बिना रोक टोक श्रद्धालु दर्शन,पूजन करने जा रहे हैं। संगम क्षेत्र में चल रहे अनेक अन्न भण्डार सभी भक्तों, श्रद्धालुओं के लिए दिनरात खुले हैं जहां सभी लोग एक साथ पंगत में बैठ कर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। महाकुम्भ मेले में भारत कि विविधता इस तरह समरस हो जाती है कि उनमें किसी तरह का भेद कर पाना संभव नहीं है।
*अनवरत जारी है सनातन संस्कृति की परंपरा*
महाकुम्भ में सनातन परंपरा को मनाने वाले शैव, शाक्त, वैष्णव, उदासीन, नाथ, कबीरपंथी, रैदासी से लेकर भारशिव, अघोरी, कपालिक सभी पंथ और संप्रदायों के साधु,संत एक साथ मिलकर अपने-अपने रीति-रिवाजों से पूजन-अर्चन और गंगा स्नान कर रहे हैं। संगम तट पर लाखों की संख्या में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु देश के कोने-कोने से आए हैं। अलग-अलग जाति, वर्ग, भाषा को बोलने वाले साथ मिलकर महाकुम्भ की परंपराओं का पालन कर रहे हैं। महाकुम्भ में अमीर, गरीब, व्यापारी, अधिकारी सभी तरह के भेदभाव भुलाकर एक साथ एक भाव में संगम में डुबकी लगा रहे हैं। महाकुम्भ और मां गंगा, नर, नारी, किन्नर, शहरी, ग्रामीण, गुजराती, राजस्थानी, कश्मीरी, मलयाली किसी में भेद नहीं करती। अनादि काल से सनातन संस्कृति की समता,एकता कि ये परंपरा प्रयागराज में संगम तट पर महाकुम्भ में अनवरत चलती आ रही है।
प्राप्त समाचार के अनुसार बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं उर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने त्रिवेणी के पवित्र संगम में लगाई आस्था की डुबकी
मंत्री ने मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना कर भगवान भोलेनाथ एवं सूर्य भगवान को अर्घ देकर देश एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा
मिली जानकारी के अनुसार
उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर तीर्थराज प्रयाग महाकुम्भ की त्रिवेणी के पवित्र संगम में अस्था की डुबकी लगायी। इस दौरान उन्होंने मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना कर तथा भगवान भोलेनाथ एवं सूर्य भगवान को अर्घ देकर देश एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
नगर विकास मंत्री ने कुम्भ मेला क्षेत्र में नगर विकास विभाग द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं जैसे कि मूत्रालय, शौचालय, पीने के पानी और घाटों पर कपड़ा बदलने की व्यवस्था का निरीक्षण कर लोगों का अभिप्राय जाना। सभी श्रद्धालू बेहद प्रसन्न एवं प्रभावित दिखे।
मंत्री के संगम त्रिवेणी में स्नान करने के बाद वहां पर युगांडा और कर्नाटक से आये श्रद्धालुओं ने उन्हें रोककर महाकुंभ की व्यवस्थाओं और विशेष रूप से स्वच्छता और लाइटिंग की प्रशंसा की। मंत्री एके शर्मा ने इसका श्रेय सफ़ाई कर्मियों एंव बिजली कर्मचारियों को दिया और सभी को नमन करते हुए धन्यवाद भी दिया। इससे अब यह सुनिश्चित हो गया है कि देश ही नहीं बल्कि विदेश से आये श्रद्धालुओं ने भी महाकुम्भ की व्यवस्थाओं से प्रभावित और गौरान्वित होकर जा रहे हैं।
नगर विकास मंत्री महाकुम्भ में दो हफ्ते से लगातार तीर्थराज प्रयाग में रहकर व्यवस्थाओं पर अपनी पैनी नजर बनाये हुए हैं। जहाँ कुछ भी कमियाँ दिखती हैं वह तत्काल अधिकारियों को निर्देशित कर सुधार करवा रहे हैं, जिससे किसी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
नगर विकास मंत्री के प्रयासों से एवं उनके नेतृत्व में कुम्भ मेला क्षेत्र की व्यवस्था बेहद चाक चौबंद रही, जिससे बसंत पंचमी में शाही स्नान सहित करोड़ों लोगों ने बेहद सुविधापूर्ण स्नान किया, किसी भी प्रकार की कोई परेशानी श्रद्धालुओं को नहीं हुई।
