आम नागरिकों के जीवन को सहज व सरल बनाने में
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*आम नागरिकों के जीवन को सहज व सरल बनाने में मदद करेगा आम बजट 2026-27 – सीएम योगी*
*सीएम योगी ने पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व निर्णायक नेतृत्व के लिए जताया आभार*
*मुख्यमंत्री ने कर्तव्य भवन से प्रस्तुत किए गए पहले बजट के लिए वित्त मंत्री का किया अभिनंदन*
*लखनऊ, 1 फरवरी।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम बजट 2026-27 की सराहना करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में नए व विकसित भारत की संकल्पना का रोडमैप लेकर देशवासियों के सामने नया बजट प्रस्तुत किया गया है। सीएम योगी ने इस बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व निर्णायक नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कर्तव्य भवन में बने पहले बजट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद ज्ञापित किया। सीएम ने कहा कि बजट में नए व विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है।
*145 करोड़ भारतवासियों की आशा व आकांक्षाओं का प्रतीक*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 145 करोड़ भारतवासियों की आशा व आकांक्षाओं के प्रतीक इस बजट में नए भारत व विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है। 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कैपिटल एक्सपेंडिचर, सुदृढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर और 7 रेल कॉरिडोरों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। आयुष सेक्टर को विकसित करने और हेल्थ सेक्टर की मजबूती के लिए प्रयास किए गए हैं। बजट में आम नागरिकों व महिलाओं को केंद्रित करते हुए जोर दिया गया है।
*आम नागरिकों के जीवन को सहज-सरल बनाने में मददगार*
सीएम योगी ने हर जनपद में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण, स्टेम ( साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग व मैथ्स) संस्थानों की स्थापना और युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर से लैस सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे कार्यों के लिए बजट की सराहना की। सीएम ने कहा कि नौजवानों के लिए हर एक सेक्टर में अवसर उपलब्ध कराने के साथ जो व्यापक रिफॉर्म प्रस्तुत किए गए हैं, वे आम नागरिकों के जीवन को सहज व सरल बनाने में मदद करेंगे।
*सभी के लिए नए अवसर प्रदान करने वाला बजट*
सीएम योगी ने बजट प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ाने में मददगार साबित होगा। यह युवाओं, महिलाओं, किसानों, उद्यमियों व आम नागरिकों के लिए नए अवसर प्रदान करने वाला बजट है। मध्यम वर्गीय परिवार समेत आम नागरिक बजट को बड़ी आशा भरी निगाहों से देख रहा था। गत वर्ष देश ने जीएसटी रिफॉर्म को देखा, आम नागरिकों ने उसका लाभ लिया है। इनकम टैक्स एक्ट को अप्रैल से लागू करने, सरलीकृत करने और हर व्यक्ति आसानी से रिटर्न भर सके, इस दिशा में उठाया गया कदम स्वागत योग्य है। अधिक से अधिक व्यक्ति इनकम टैक्स भरने के लिए आकर्षित होकर राष्ट्र निर्माण के कार्यक्रम में योगदान दे सकें, इस दृष्टि से यह अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
*समाज के हर तबके को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट*
सीएम योगी ने कहा कि यह बजट समाज के हर तबके (युवा, महिला, किसान, उद्यमी) को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो नए भारत को विकसित भारत की तरफ तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में प्रस्तुत करने वाला है।
*Budget presents a clear vision for a new and developed India: CM*
*Union Budget 2026-27 will make the lives of common citizens easier and simpler*
*CM Yogi expresses gratitude to PM Narendra Modi for his guidance and decisive leadership*
*CM congratulated the Finance Minister for the first budget prepared at Kartavya Bhavan*
*Lucknow, February 1*
Chief Minister Yogi Adityanath praised the Union Budget 2026-27 and shared his reaction by stating, “The new budget has been presented to the nation with a clear roadmap for a New and Developed India in the world’s largest democracy. I express my gratitude to Prime Minister Narendra Modi for his guidance and decisive leadership behind the budget. I also thank Union Finance Minister Nirmala Sitharaman for presenting the first budget prepared at Kartavya Bhavan.” The budget clearly reflects the vision of a New and Developed India, he added.
Chief Minister Yogi Adityanath said that this budget, representing the hopes and aspirations of 145 crore Indians, clearly showcases the vision of a New and Developed India. Provisions have been made for capital expenditure of more than ₹12 lakh crore, strengthening infrastructure and funding seven rail corridors. Efforts have been made to develop the AYUSH sector and strengthen healthcare services. The budget places special emphasis on common citizens and women.
CM Yogi appreciated the budget for initiatives such as the construction of girls’ hostels in every district, establishment of STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) institutions and providing world-class infrastructure facilities to give wings to the aspirations of youth.
He said, the wide-ranging reforms presented across all sectors, along with the creation of opportunities for youth, will help make the lives of common citizens easier and simpler.
Welcoming the budget provisions, CM Yogi said, “The budget will prove helpful in accelerating India’s economic growth. It is a budget that creates new opportunities for youth, women, farmers, entrepreneurs and common citizens. The middle class and ordinary people were looking at this budget with great hope”.
Last year, the country witnessed GST reforms, from which common citizens benefited. The move to implement, simplify and make the Income Tax Act easier from April, so that everyone can file returns conveniently, is a welcoming step. Encouraging more people to pay income tax and contribute to nation-building makes this an extremely important initiative.
CM Yogi further added, this budget has been crafted keeping every section of society including youth, women, farmers and entrepreneurs in focus. It presents India as a fast-growing economy moving towards a Developed India.
*अब ‘शी-मार्ट’ के जरिए उद्यमी बनेंगी ग्रामीण महिलाएं*
*केंद्रीय बजट से यूपी की महिलाओं को नई मजबूती*
*महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को मिलेगा बड़ा सहारा*
*’लखपति दीदी’ की सफलता के बाद अगले कदम की तैयारी*
*लखनऊ, 01 फरवरी :* केंद्रीय बजट 2026-27 ने उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं में नई उम्मीदें जगाई हैं। बजट में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर (शी-मार्ट्स) स्थापित करने के प्रस्ताव को यूपी में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए अब ग्रामीण महिलाएं केवल ऋण-आधारित आजीविका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने उद्यमों की मालकिन बनकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेंगी। यह बजट उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को मजबूती देता है, जिसके तहत प्रदेश में तीन करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी मुहिम चल रही है।
*उत्पादों की बिक्री के लिए मिलेगा संगठित, भरोसेमंद और स्थायी मंच*
‘शी-मार्ट’ सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें क्लस्टर-स्तरीय फेडरेशन के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक संगठित, भरोसेमंद और स्थायी मंच उपलब्ध कराना है। इसके लिए उन्नत और नवाचारी वित्तपोषण साधनों का उपयोग किया जाएगा तथा केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ साझेदारी कर इस पहल को जमीन पर उतारेगी।
*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद*
‘लखपति दीदी’ की सफलता को आगे बढ़ाते हुए बजट में महिलाओं को ऋण-आधारित आजीविका से आगे ले जाकर उद्यमों का मालिक बनाने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया गया है। महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को बाजार, पूंजी और नेटवर्क तीनों स्तरों पर सहयोग मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
*सीएम योगी के विजन को मिली मजबूती*
इस बजट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को मजबूती मिलेगी, जिसके तहत आगामी वर्षों में प्रदेश में तीन करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सबसे बड़ी मुहिम चल रही है। योगी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी के तहत एक वर्ष में एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम हो रहा है।
*शी-मार्ट’ के जरिए रोजगार देने वाली उद्यमी बन सकेंगी ग्रामीण महिलाएं*
प्रदेश में कृषि और गैर-कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत घर-घर संपर्क कर प्रशिक्षण, तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है। ‘शी-मार्ट’ के जरिए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा और वे दूसरों को रोजगार देने वाली उद्यमी बन सकेंगी।
*सोलर, बैटरी और ई-मोबिलिटी को एक साथ गति देगा बजट 2026*
*कस्टम ड्यूटी में छूट से यूपी में पीएम सूर्य घर योजना, सोलर मैन्युफैक्चरिंग और ईवी इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा बल*
*रूफटॉप सोलर विस्तार, सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा संतुलन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगी गति*
*लखनऊ, 1 फरवरी।* केंद्रीय बजट 2026 में सोलर, नवीकरणीय ऊर्जा और ई-मोबिलिटी से जुड़ी कस्टम ड्यूटी एवं आयात शुल्क में दी गई रियायतों को उत्तर प्रदेश में लागू प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना और राज्य के उभरते ई-मोबिलिटी इकोसिस्टम से जोड़कर देखा जा रहा है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ये फैसले प्रदेश में रूफटॉप सोलर विस्तार, सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा संतुलन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी-इन चारों को एक साझा दिशा में आगे बढ़ाएंगे।
*बैटरी स्टोरेज और ग्रिड बैलेंसिंग को मिलेगा बल*
बजट 2026 में लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल- कोबाल्ट पाउडर, बैटरी स्क्रैप और अन्य क्रिटिकल मिनरल्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा लाभ ग्रिड-स्तरीय बैटरी स्टोरेज और पावर सिस्टम बैलेंसिंग को मिलेगा। सोलर आधारित बिजली उत्पादन में दिन-रात और मौसम के अनुसार आने वाले उतार-चढ़ाव को बैटरी स्टोरेज के माध्यम से बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा। इससे उत्तर प्रदेश की बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, भरोसेमंद और लागत-प्रभावी बनने की संभावना है।
*सोलर ग्लास पर राहत से रूफटॉप सोलर होगा सस्ता*
सोलर सेक्टर के लिए बजट में एक अहम और स्पष्ट प्रावधान किया गया है। सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल सोडियम एंटीमॉनेट को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है। यह सोलर ग्लास का एक प्रमुख कंपोनेंट है, जो ग्लास की गुणवत्ता, मजबूती और प्रदर्शन को बेहतर बनाता है। ड्यूटी हटने से सोलर ग्लास और इसके माध्यम से सोलर मॉड्यूल व पैनल की लागत घटेगी। इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को मिलेगा, जहां रूफटॉप सोलर सिस्टम सस्ते होने से अधिक घर इस योजना से जुड़ सकेंगे और उपभोक्ताओं को बिजली बिल में उल्लेखनीय राहत मिलेगी।
*डीसीआर आधारित सोलर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा*
उद्योग जगत का मानना है कि इन रियायतों से डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (डीसीआर) आधारित सोलर पैनल निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। सोलर ग्लास और अन्य इनपुट्स सस्ते होने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। इसका असर उत्तर प्रदेश में सोलर वैल्यू चेन के विस्तार के रूप में सामने आ सकता है।
*नोएडा से पूर्वांचल तक निवेश की संभावनाएं*
बजट प्रावधानों के बाद नोएडा, लखनऊ, कानपुर और पूर्वांचल के औद्योगिक क्षेत्रों में नई सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के साथ-साथ ईवी कंपोनेंट्स, बैटरी पैक असेंबली और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
*ई-मोबिलिटी को मिलेगा किफायती विस्तार*
ई-मोबिलिटी के दृष्टिकोण से बजट 2026 को उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। बैटरी और क्रिटिकल मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट से इलेक्ट्रिक वाहनों की निर्माण लागत घटेगी, जिससे ईवी की कीमतें अधिक किफायती हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर ई-बसों, ई-ऑटो, इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को तेजी से अपनाने के रूप में दिखेगा। इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी और शहरी प्रदूषण में कमी आएगी।
*हरित अर्थव्यवस्था की ओर एकीकृत दिशा*
बजट 2026 में घोषित कस्टम ड्यूटी और आयात शुल्क में रियायतें, विशेषकर सोलर ग्लास के लिए सोडियम एंटीमॉनेट पर छूट उत्तर प्रदेश में सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा संतुलन और ई-मोबिलिटी को एक साझा रणनीतिक दिशा देती नजर आती हैं।
नीति विशेषज्ञों का कहना है कि इस समन्वित दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश न केवल सस्ती और स्वच्छ बिजली की ओर तेजी से बढ़ेगा, बल्कि स्वच्छ परिवहन, मजबूत ऊर्जा ग्रिड और हरित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।
*उत्तर प्रदेश के विकास को गति देगा आम बजट, इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर किसानों-महिलाओं तक फोकस*
*वाराणसी को विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, एमएसएमई, खेल, टेक्सटाइल और एआई आधारित कृषि से यूपी को होगा व्यापक लाभ*
*हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से यूपी की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार*
*वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम से जल परिवहन को मिलेगा बल, रोजगार सृजन भी*
*सारनाथ व हस्तिनापुर को प्रमुख पुरातात्विक पर्यटन स्थलों का दर्जा, पर्यटन व रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
*सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) योजना से प्रदेश के टियर-2 व टियर-3 शहरों का होगा समग्र विकास*
*₹12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर से यूपी में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती*
*खेल, एमएसएमई व टेक्सटाइल सेक्टर के प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार व निर्यात को प्रोत्साहन*
*एआई आधारित ‘भारत-विस्तार’ से किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने की पहल*
*शी-मार्ट्स के जरिए यूपी के महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया बाजार*
*प्रदेश के युवाओं के लिए कौशल, उद्यमिता व रोजगार के नए अवसर खोलेगा केंद्रीय बजट*
*हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल व जिला अस्पतालों के सुविधा विस्तार से स्वास्थ्य-शिक्षा ढांचे को मिलेगी मजबूती*
*लखनऊ, 1 फरवरी।* वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देगा। इस बजट में राज्य के आर्थिक, औद्योगिक व सामाजिक परिदृश्य को सशक्त करने वाली कई दूरगामी घोषणाएं की गई हैं। आधुनिक कनेक्टिविटी, बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश और रोजगारोन्मुखी योजनाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और प्रभावी तरीके से निभा सकेगा।
बजट में किसान, महिला, युवा, कारीगर व छोटे उद्यमियों को केंद्र में रखते हुए समावेशी विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से पूर्वांचल, काशी क्षेत्र, बुंदेलखंड और टियर-2 व टियर-3 शहरों के लिए ये योजनाएं क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, निवेश व आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगी।
*हाई-स्पीड रेल से बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर*
केंद्रीय बजट में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर सीधे उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं, जिनमें दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी दिल्ली से काशी, पूर्वांचल और आगे पूर्वी भारत तक की रेलयात्रा तेज, सुरक्षित, सुविधाजनक तरीके से संपन्न होगी। आधुनिक तकनीक से लैस रेल नेटवर्क प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। हाई-स्पीड रेल से लंबी दूरी की यात्रा का समय काफी कम होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों, औद्योगिक निवेश व पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। काशी, पूर्वांचल व सीमावर्ती जिलों में उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। साथ ही, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को गति मिलने से होटल, ट्रांसपोर्ट, टूरिस्ट गाइड जैसे स्थानीय व्यवसायों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
*वाराणसी को मिलेगा जल परिवहन में नया आयाम*
राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा) के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा जल परिवहन को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय बजट में वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किए जाने की घोषणा की गई है। यह पहल गंगा नदी पर विकसित हो रहे जलमार्ग आधारित परिवहन तंत्र को तकनीकी व व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाएगी। शिप रिपेयर इकोसिस्टम के स्थापित होने से मालवाहक जहाजों और जलपोतों के रखरखाव व मरम्मत की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी, जिससे समय और लागत दोनों में कमी आएगी। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलने के साथ जल परिवहन, एक किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में प्रभावी होगा। साथ ही, तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।
*पर्यटन व धार्मिक स्थलों को नई पहचान*
केंद्रीय बजट में पर्यटन व सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। इसी क्रम में भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ तथा हस्तिनापुर को देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक पर्यटन स्थलों के विकास कार्यक्रम में शामिल किया जाना उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे न केवल यूपी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई मजबूती मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। इससे धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होटल, होम-स्टे, गाइड सेवाएं, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। परिणामस्वरूप स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
*सिटी इकोनॉमिक रीजन से शहरों का समग्र विकास*
केंद्रीय बजट 2026–27 में टियर-2 और टियर-3 शहरों को विकास की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) योजना की शुरुआत की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत बड़े महानगरों पर निर्भरता कम करते हुए पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले अन्य शहरों में बुनियादी ढांचे व आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी जैसे प्रमुख शहरों को इस योजना का सीधा लाभ मिल सकता है। आगामी पांच वर्षों में प्रत्येक सिटी इकोनॉमिक रीजन के लिए लगभग ₹5000 करोड़ तक का चरणबद्ध निवेश प्रस्तावित है। इस निवेश से इन शहरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर, स्टार्टअप हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और सेवा क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। साथ ही शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास, सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी को भी आधुनिक बनाया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निजी निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
*इन्फ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश*
केंद्रीय बजट में देशभर में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की घोषणा की गई है, जिसका सीधा व अप्रत्यक्ष लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा। केंद्र सरकार के इस कैपेक्स का उद्देश्य आर्थिक विकास को रफ्तार देना, रोजगार सृजन करना और भारत को वैश्विक निवेश का आकर्षक केंद्र बनाना है। उत्तर प्रदेश में इस निवेश से सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, रेलवे नेटवर्क और लॉजिस्टिक हब के विस्तार को नई गति मिलेगी। राज्य का पहले से मजबूत होता एक्सप्रेसवे नेटवर्क (पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और लिंक एक्सप्रेसवे) औद्योगिक कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से माल और यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक पार्कों में निवेश बढ़ने से यूपी की सामरिक और औद्योगिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रेलवे और मल्टीमोडेल लॉजिस्टिक्स के विकास से राज्य उत्तर भारत के एक प्रमुख ट्रांजिट और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा।
*खेल, एमएसएमई व टेक्सटाइल सेक्टर को प्रोत्साहन*
केंद्रीय बजट में खेल, एमएसएमई और टेक्सटाइल सेक्टर को रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने वाले प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। खेल सामग्री निर्माण को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष प्रोत्साहन दिए जाने से उत्तर प्रदेश के मेरठ, नोएडा और आगरा जैसे परंपरागत खेल उद्योग केंद्रों को नई ऊर्जा मिलेगी। मेरठ पहले से ही देश का प्रमुख स्पोर्ट्स गुड्स हब है, जहां क्रिकेट, एथलेटिक्स और फिटनेस से जुड़ी सामग्री का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। बजट प्रावधानों से इन इकाइयों में आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता सुधार और निर्यात क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसी तरह, एमएसएमई सेक्टर को सशक्त करने के लिए क्रेडिट, तकनीकी उन्नयन और बाजार से जुड़ाव पर जोर दिया गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों को प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और स्टार्टअप तथा नए उद्यमियों को आगे आने का अवसर मिलेगा। टेक्सटाइल सेक्टर में टेक्सटाइल क्लस्टर, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी और ग्राम उद्योगों को मजबूती देने से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कारीगरों और बुनकरों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर प्रशिक्षण, डिजाइन नवाचार और विपणन सुविधाओं के माध्यम से उनकी आय बढ़ेगी और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
*किसानों, महिलाओं व युवाओं पर विशेष ध्यान*
केंद्रीय बजट में समावेशी विकास को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित “भारत-विस्तार” (Bharat-VISTAAR) योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि से जोड़ा जाएगा। इससे राज्य के अन्नदाता किसानों को मौसम, मिट्टी, फसल चक्र और बाजार की मांग के अनुरूप सटीक कृषि सलाह उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे फसल जोखिम कम होगा और राज्य के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि संभव होगी। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को लाभ मिलेगा, जो परंपरागत खेती पर निर्भर हैं। बजट में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शी-मार्ट्स (SHE-Marts) की शुरुआत की गई है। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रदेश के महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के विपणन, ब्रांडिंग और बिक्री का संगठित अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होगा। इन पहलों से युवाओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। कृषि-तकनीक, डिजिटल मार्केटिंग, लॉजिस्टिक्स और उद्यमिता
