उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम
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*मुजफ्फरनगर में “उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021” के अंतर्गत “किरायेदारी सूचना पोर्टल” का जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा भव्य शुभारंभ*
*अब घर बैठे ऑनलाइन जमा की जा सकेगी किरायेदारी की सूचना, कलेक्ट्रेट या न्यायालय के चक्कर काटने से मिली मुक्ति।*
*आवेदन स्वीकृत होने पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित “किरायेदारी सूचना प्रमाणपत्र” और सुरक्षित QR कोड किया जाएगा जारी।*
*सुरक्षित किरायेदारी और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन का एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम।*
मुजफ्फरनगर 16 मई प्राप्त समाचार के अनुसार जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय पर जिलाधिकारी महोदय श्री उमेश मिश्रा एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री गजेन्द्र कुमार द्वारा “उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021” के कड़ाई से अनुपालन और नागरिक सुविधाओं के सरलीकरण हेतु “किरायेदारी सूचना पोर्टल” का आधिकारिक रूप से शुभारंभ (Launch) कर दिया गया है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने बताया कि पूर्व में नागरिकों को अधिनियम के अंतर्गत किरायेदारी की लिखित सूचना (अनुसूची के प्रपत्र में) भौतिक रूप से आकर किराया प्राधिकरण कार्यालय में जमा करनी पड़ती थी। शासन के आमजमानस को डिजिटल माध्यम से विभिन्न सर्विसेस लास्ट माइल डिलीवरी सुनिश्चित करने की मंशानुसार जिलाधिकारी महोदय के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री गजेंद्र कुमार के निकट पर्यवेक्षण में ई-गवर्नेस सेल मुजफ्फरनगर द्वारा यह पोर्टल https://rca-mzn.in/ विकसित किया गया है। इस डिजिटल पोर्टल के प्रारंभ होने से अब जिले के समस्त भू-स्वामी (मकान मालिक) और किरायेदार घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
*न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) द्वारा जारी होगा डिजिटल प्रमाणपत्र:*
पोर्टल की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया गया कि नागरिकों द्वारा पोर्टल पर “किरायेदारी सूचना आवेदन प्रपत्र” के अंतर्गत भू-स्वामी, किरायेदार एवं संपत्ति प्रबंधक (यदि कोई हो) का पूर्ण विवरण, मासिक किराया, फर्नीचर की सूची, बिजली-पानी के प्रभार तथा अनुबंध की अवधि दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही किरायेदारी करार (Rent Agreement), दोनों पक्षों के पहचान पत्र तथा हस्ताक्षरयुक्त फोटो को ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।
प्राधिकरण स्तर पर दस्तावेजों की ऑनलाइन समीक्षा के उपरांत “किराया प्राधिकरण मुजफ्फरनगर / न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व)” के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त “किरायेदारी सूचना प्रमाणपत्र” स्वतः जनरेट हो जाएगा, जिसे नागरिक अपने लॉगिन से डाउनलोड कर सकेंगे।
*QR कोड आधारित सुरक्षा प्रणाली:*
इस डिजिटल प्रमाणपत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस पर एक अनूठा QR कोड अंकित होगा। पुलिस विभाग या कोई भी प्रशासनिक अधिकारी सड़क पर या फील्ड में रहते हुए भी मात्र 2 सेकंड में इस QR कोड को स्कैन करके किरायेदार के विवरण और प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता की ‘सत्यापन जांच’ (Real-time Verification) कर सकेगा।
*पोर्टल के मुख्य लाभ:*
*समय की बचत* ⏰: भू-स्वामियों और किरायेदारों को किसी भी सरकारी कार्यालय या न्यायालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
*पारदर्शिता* * : आवेदन पेंडिंग है या स्वीकृत हो चुका है, इसकी लाइव स्थिति (Track Status) मोबाइल पर देखी जा सकती है।
*सुरक्षा सुदृढ़ीकरण 🔐* : जिले में रह रहे समस्त किरायेदारों का एक प्रामाणिक डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन मुजफ्फरनगर द्वारा जिले के सभी नागरिकों, मकान मालिकों और किरायेदारों से अपील की जाती है कि वे अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए नए पोर्टल https://rca-mzn.in/ पर अपनी किरायेदारी की सूचना तत्काल दर्ज कराएं और अपना डिजिटल “किरायेदारी सूचना प्रमाणपत्र” प्राप्त करें।
