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August 21, 2026

Suraj Kesari

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झूठे हजार कोशिश कर ले पर जीतेगी सच्चाई ही

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झूठे हजार कोशिश कर ले पर जीतेगी सच्चाई ही

दी उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन का 2024-26 सत्र का प्रांतीय चुनाव पुनः निरस्त घोषित

उप जिलाधिकारी (सदर तहसील वाराणसी) के कोर्ट ने भी किया निरस्त

पहले सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड, वाराणसी ने भी किया था निरस्त

वाराणसी। विगत दिवस शिकोहाबाद में हुए दी उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के प्रांतीय चुनाव को अब उप जिलाधिकारी (सदर तहसील, वाराणसी) ने भी निरस्त कर सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड, वाराणसी के आदेश को ही दोहराया है साथ ही अपर उप जिलाधिकारी सदर वाराणसी को चुनाव अधिकारी और सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड, वाराणसी को सहायक चुनाव अधिकारी नामित करते हुए पुनः चुनाव कराने का आदेश जारी किया है।
विदित हो कि 25-26 जनवरी 2025 की रात शिकोहाबाद में हुए उक्त चुनाव में चुनाव अधिकारी के सहयोग से व्यापक धांधली करते हुए एक गुट को विजयी घोषित करा दिया गया था। स्वयं चुनाव अधिकारी वी एन राय ने भी अपने 30 जनवरी 2025 को जारी पत्र में चुनाव में त्रुटियों को स्वीकार किया था।
उक्त चुनाव परिणाम के विरोध में तत्कालीन अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पूर्णेंदू शर्मा ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया था। उच्च न्यायालय ने उक्त याचिका को स्वीकार करते हुए सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड, वाराणसी को मामले की छानबीन करते हुए निर्णय देने का आदेश दिया था। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड वाराणसी ने दोनों पक्षो के पक्षकारों का पक्ष देखते हुए एवं उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर दिनांक 22 मई 2025 को अपने आदेश के तहत ये स्वीकार करते हुए कि चुनाव में कुछ गड़बड़िया हुई है, उक्त चुनाव को निरस्त कर दिया था और पुरानी कार्यसमिति को पुनः चुनाव कराने का निर्देश जारी किया था।
लेकिन इस आदेश के खिलाफ प्रतिवादी एवं उक्त चुनाव में अध्यक्ष निर्वाचित किए गए रमेश प्रसाद जायसवाल ने उच्च न्यायालय में सहायक रजिस्ट्रार द्वारा नियम 25(1) की अनदेखा करते हुए अपील किया कि इस नियम के तहत सहायक रजिस्ट्रार को इस मामले में फैसला देने का अधिकार ही नही है। उक्त अपील को स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय ने मामले को पुनः सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड, वाराणसी के पास भेजते हुए कहा कि आप पुनः सुनवाई करते हुए अपना रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित करिये।
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड वाराणसी ने मामले की पुनः सुनवाई करते हुए 14 नवंबर 2025 को ये कहते हुए कि चुनाव में त्रुटि होने के पर्याप्त आधार मौजूद है, अपनी रिपोर्ट उप जिलाधिकारी सदर तहसील वाराणसी को प्रेषित कर दिया। जिसके आधार पर साथ ही दोनों पक्षकारों के सभी दस्तावेजों का अवलोकन करने के पश्चात उप जिलाधिकारी सदर तहसील वाराणसी ने अपने 19 अगस्त 2026 को जारी किए गए आदेश में चुनाव में हुई धांधली को स्वीकार करते हुए चुनाव को निरस्त कर अपर उप जिलाधिकारी सदर वाराणसी को चुनाव अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स फंड वाराणसी को सहायक चुनाव अधिकारी नामित करते हुए पुनः चुनाव कराने का आदेश जारी किया।
इस आदेश पर याचिकाकर्ता पूर्णेंदू शर्मा की पैरवी कर रहें वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि झूठे हजार कोशिश कर ले लेकिन जीतना तो सच्चाई को ही है, ये पुनः साबित हो गया। इसके अलावा श्री श्रीवास्तव ने कहा कि धांधली के आधार पर बनी इसी फर्जी कार्यसमिति के द्वारा विक्रम चावला के नेतृत्व में एक फर्जी ‘निष्पक्ष न्याय अभियान समिति’ का गठन कर तत्कालीन प्रमुख सचिव राज्यकर श्री एम देवराज पर उन्हे तानाशाह बताते हुए प्रेस कांफ्रेंस एवं समाचार पत्रों के द्वारा 2000 करोड़ के राजस्व की चोरी का आरोप लगाते हुए उसे आतंकवाद तक बताया गया था और प्रदेश सरकार के छवि को धूमिल करने का घृणित एवं जघन्य अपराध किया गया था। जिसके विरुद्ध दि टैक्स बार एसोसिएशन सोनभद्र के संस्थापक द्वारा इन फर्जी पदाधिकारियों के कृतित्वों को उजागर करते हुए शासन से सम्बंधित अधिवक्ताओ के विरुद्ध जांच के मांग सम्बंधित दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर कमिश्नर राज्यकर उत्तर प्रदेश द्वारा जांच प्रचलन में है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि इसकी जांच कराकर सम्बंधित अधिवक्ताओ को दंडित कराना अगला लक्ष्य है।
याचिकाकर्ता और उक्त चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे नोएडा के पूर्णेंदू शर्मा ने भी खुशी जाहिर करते हुए इसे सत्य की असत्य पर जीत बताया।
उक्त चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहें और इस विवाद में एक पक्षकार भी रहें मीरजापुर के कर अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव, कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए प्रत्याशी रहें मीरजापुर के ही अनिल कुमार एवं रीतेश सिंह ने भी आदेश पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि भारतीय न्याय प्रणाली में देर है पर अंधेर बिल्कुल नही।

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