नचिकेता स्कूल, मुजफ्फरनगर में साइबर अपराध एवं बाल सुरक्षा
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*नचिकेता स्कूल, मुजफ्फरनगर में साइबर अपराध एवं बाल सुरक्षा जागरूकता गोष्ठी का किया आयोजन, पुलिस अधीक्षक अपराध मुजफ्फरनगर द्वारा छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक।*
मुजफ्फरनगर 21 अगस्त प्राप्त समाचार के अनुसार
उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित साइबर जागरूकता अभियान के क्रम में नचिकेता स्कूल, मुजफ्फरनगर में साइबर अपराध की रोकथाम एवं बाल सुरक्षा विषय पर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
▶️ कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध मुजफ्फरनगर श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ एवं थाना साइबर क्राइम प्रभारी श्री कर्मवीर सिंह द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के उपायों तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
▶️ गोष्ठी के दौरान ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, फेक प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक, APK फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन वित्तीय ठगी, ऑनलाइन ग्रूमिंग, CSEAM, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, पहचान की चोरी एवं ऑनलाइन शोषण जैसे विषयों पर जागरूक किया गया।
▶️ पुलिस अधीक्षक अपराध महोदया द्वारा छात्र-छात्राओं को बताया गया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग एवं चैटिंग एप्स के माध्यम से बच्चों से संपर्क कर उनका विश्वास जीतने का प्रयास कर सकते हैं। अतः किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, वीडियो अथवा लोकेशन साझा न करें। ऑनलाइन अनुचित संदेश, फोटो की मांग अथवा धमकी मिलने पर तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को सूचित करें।
*साइबर थाना टीम द्वारा साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए बताया गया कि—*
*1.* अज्ञात लिंक, QR कोड अथवा मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड न करें।
*2.* OTP, CVV, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें।
*3.* सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी एवं फोटो साझा करते समय सावधानी बरतें।
*4.* ऑनलाइन मित्रता एवं अज्ञात व्यक्तियों से बातचीत करते समय सतर्क रहें।
*5.* बच्चों को अज्ञात व्यक्तियों के साथ चैटिंग, वीडियो कॉल अथवा निजी फोटो साझा करने से बचना चाहिए।
*6.* साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न अथवा ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों एवं पुलिस को सूचित करें।
*7.* अभिभावक बच्चों के मोबाइल एवं इंटरनेट उपयोग पर उचित निगरानी रखें।
*8.* साइबर अपराध होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
साइबर थाना मुजफ्फरनगर द्वारा बताया गया कि विद्यार्थियों एवं युवाओं को साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन बाल संरक्षण के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे सुरक्षित एवं जागरूक डिजिटल समाज का निर्माण किया जा सके।


