वशिष्ट हॉस्पिटल से10 लाख की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी का आरोप:डॉ वागीश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने डीएम और एसएसपी को दिया ज्ञापन: जयवीर सिंह ने भी लगाए आरोप
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वशिष्ट हॉस्पिटल से10 लाख की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी का आरोप:डॉ वागीश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने डीएम और एसएसपी को दिया ज्ञापन: जयवीर सिंह ने भी लगाए आरोप
मुजफ्फरनगर 16 सितंबर प्राप्त समाचार के अनुसार
अस्पताल प्रबंधक वागिश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने डीएम एवं एसएसपी से की मुलाकात, हाथों में थे ‘जयवीर को गिरफ्तार करो’ लिखे पोस्टर जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर को ज्ञापन भी दिया गया दूसरी ओर जाट महासभा मुजफ्फरनगर के महामंत्री चौधरी जयवीर सिंह ने भी सभी आरोपो का मीडिया के सामने आकर खंडन किया
मुजफ्फरनगर 16 सितंबर प्राप्त समाचार के अनुसार वशिष्ठ हॉस्पिटल जानसठ रोड के संचालक एवं जनरल सर्जन डॉ. आशीष वशिष्ठ से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर जान से मारने तथा अस्पताल बंद कराने की धमकी देने के आरोप को लेकर अस्पताल प्रबंध निदेशक डॉ वागिश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने डीएम एवं एसएसपी से मुलाकात की। इस दौरान सभी लोग हाथों में ‘जयवीर को गिरफ्तार करो’ लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे थे। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन के साथ काम करने वाली एक महिला के माध्यम से जयवीर सिंह निवासी ग्राम काकीपुर के बारे में जानकारी सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जयवीर सिंह स्वयं को जाट महासभा मुजफ्फरनगर का सचिव बताता है और प्रतिष्ठित व्यवसायियों के खिलाफ शिकायतें कर उनसे अवैध धन वसूली का प्रयास करता है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जयवीर सिंह ने पूर्व में अस्पताल में उपचार करा चुकी एक महिला मरीज से संबंधित मामले को लेकर शिकायत की थी। इस शिकायत की मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर से जांच कराए जाने का भी उल्लेख शिकायती पत्र में किया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों का परीक्षण किया गया और शिकायत में लगाए गए चिकित्सीय लापरवाही के आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए।
अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि इसके बावजूद जयवीर सिंह और उसके सहयोगियों द्वारा अस्पताल एवं चिकित्सक के खिलाफ समाज और शहर में विभिन्न माध्यमों से झूठे एवं निराधार आरोपों का प्रचार किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि जब इस संबंध में जयवीर सिंह से बात की गई तो उसने अस्पताल चलाने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की। रकम देने से इनकार करने पर जान से मारने और अस्पताल बंद कराने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी अपने साथियों की मदद से अस्पताल के खिलाफ विभिन्न विभागों में शिकायतें कराकर कार्रवाई का दबाव बना रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी के कुछ प्रभावशाली एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से संबंध होने का आरोप लगाते हुए स्वयं तथा परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से डीएम एवं एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने तथा अस्पताल प्रबंधन एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
अस्पताल प्रबंध निदेशक डॉ
वागिश चंद्र शर्मा, अस्पताल ने कहा कि:
“अस्पताल के चिकित्सक से 10 लाख रुपये की मांग और रकम नहीं देने पर धमकी दिए जाने की शिकायत को लेकर हम डीएम एवं एसएसपी से मिले हैं। हमारा उद्देश्य किसी के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप लगाना नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराना है। जांच में जो तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। हमें पुलिस-प्रशासन पर भरोसा है।”
जाट महासभा जनपद मुजफ्फरनगर के महामंत्री जयवीर चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए
कहा कि जिस महिला की मौत को लेकर उन्होंने अस्पताल के खिलाफ आरोप लगाए हैं, वह उनकी सगी भाभी थीं। उनके अनुसार, भाभी की मौत चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई है और उन्होंने अब तक जो भी आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह सत्य हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं और किसी प्रकार का दबाव बनाने या अवैध वसूली का उनका कोई उद्देश्य नहीं है।
जयवीर चौधरी ने कहा कि आज वशिष्ठ हॉस्पिटल के संचालक एवं अन्य लोग उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे हैं। यदि जांच में उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं या उनकी कोई गलती सामने आती है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। वहीं, यदि निष्पक्ष जांच में अस्पताल प्रबंधन या चिकित्सकीय स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी तत्काल कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। चौधरी जयवीर सिंह ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि वशिष्ट हॉस्पिटल की लापरवाही से 50 महिलाओं की गैर इरादतन हत्या हो चुकी है जिसकी वह जांच करना चाहते हैं चौधरी जयवीर सिंह ने कई संगीन आरोप भी लगाए। इस दौरान जाट महासभा के वरिष्ठ नेता अध्यक्ष श्री धर्मवीर बालियान और महामंत्री चौधरी जयवीर सिंह ने जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर से मिलकर अपना पक्ष रखा और वशिष्ठ हॉस्पिटल द्वारा की जा रही लापरवाही लिखित में और विस्तार पूर्वक देते हुए अनगिनत आरोप भी लगाए कुल मिलाकर दोनों पक्षों की लड़ाई अब सार्वजनिक हो गई है इस लड़ाई का अंजाम क्या होगा यह कोई नहीं बता सकता क्योंकि दोनों ही पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं और दोनों ही पक्ष समाज में अपनी जबरदस्त मजबूती रखते है


