वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अपराध नियंत्रण गोष्ठी कर बदमाशों की शामत लाने हेतु दिए कड़े दिशा निर्देश
1 min read
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अपराध नियंत्रण गोष्ठी कर बदमाशों की शामत लाने हेतु दिए कड़े दिशा निर्देश
मुजफ्फरनगर 16 सितंबर प्राप्त समाचार के अनुसार
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध गोष्ठी कर कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा -निर्देश दिये गये।आज दिनांक 16.09.2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा की अध्यक्षता में पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन, पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, पुलिस अधीक्षक यातायात श्री अतुल कुमार चौबे, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, थाना व शाखा प्रभारीगण, निरीक्षक एलआईयू तथा प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जनपद में अपराध नियंत्रण, लंबित अभियोगों के निस्तारण तथा आगामी पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मीडिया एवं साइबर क्राइम से संबंधित घटनाओं के संबंध में पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी महत्वपूर्ण घटना की सूचना मिलने पर तत्काल तथ्यात्मक जानकारी एकत्र कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए तथा मीडिया के माध्यम से सही एवं प्रमाणित जानकारी ही साझा की जाए। साथ ही साइबर अपराधों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके उपरांत प्रस्तावित गैंगचार्टों की समीक्षा की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि गैंगचार्ट से संबंधित प्रकरणों में आवश्यक विधिक कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए तथा संबंधित प्रकरणों में थाना प्रभारी स्वयं उपस्थित रहकर आवश्यक अभिलेख एवं तथ्यों की जांच सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो और शासनादेशों एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाए। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत ऐसे अभियोगों की भी समीक्षा की गई, जिनमें धारा 14(1) के अंतर्गत कार्रवाई प्रस्तावित है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि ऐसे सभी प्रकरणों में अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति एवं उससे संबंधित अभिलेखों का विधिवत परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई के प्रस्ताव समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। इस कार्य में थाना प्रभारी स्वयं निगरानी रखें तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
आगामी पर्व एवं त्योहारों तथा विभिन्न विवादों के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों एवं विवादित मामलों को चिन्हित कर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए तथा छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लेते हुए समय रहते उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। गोष्ठी में विभिन्न न्यायालयों में साक्षीगण की उपस्थिति की भी समीक्षा की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने निर्देशित किया कि अभियोगों से संबंधित साक्षियों की न्यायालय में समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और साक्षियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। न्यायालयों में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष से समन्वय स्थापित कर मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई एवं ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान हो तथा किसी भी प्रकरण में औपचारिकता मात्र के लिए निस्तारण न किया जाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। गोष्ठी में यक्ष ऐप के संबंध में की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों से ऐप के माध्यम से की जा रही कार्रवाई एवं उसके प्रभावी उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि तकनीकी माध्यमों का बेहतर उपयोग करते हुए पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
इसके अतिरिक्त एसआईडी/ई-साक्ष्य/ई-समन की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इन डिजिटल माध्यमों का प्रभावी एवं नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विवेचना एवं न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित डिजिटल व्यवस्थाओं का सही ढंग से उपयोग होने से पुलिस कार्यवाही में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकती है। अंत में 60 एवं 90 दिवस की विवेचनाओं तथा लंबित मामलों के निस्तारण की समीक्षा की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए तथा अनावश्यक रूप से विवेचनाएं लंबित न रखी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से लंबित अभियोगों की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयावधि में उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने सभी अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, महिला सम्बन्धित अपराधों पर त्वरित व कठोर कार्यवाही तथा पुलिस कार्यप्रणाली में और अधिक प्रभावशीलता लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


