केंद्रीय रेल मंत्री ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
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केंद्रीय रेल मंत्री ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, एच. डी. कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस झंडी दिखाने के समारोह में शामिल हुए
नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस बेंगलुरु और मुंबई के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, जो भारत की आईटी और स्टार्टअप राजधानी को इसकी वित्तीय राजधानी से जोड़ेगी: श्री अश्विनी वैष्णव
आधुनिक ओवरनाइट रेल कनेक्टिविटी से पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा
(वरिष्ठ पत्रकार उमेश तिवारी की विशेष कवरेज)
*गोरखपुर 2 नवंबर,2026:*केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री श्री एच. डी. कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में SMVT बेंगलुरु-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम भारत के दो प्रमुख महानगरों और आर्थिक केंद्रों के बीच आधुनिक ‘ओवरनाइट’ (रात भर चलने वाली) रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अगली पीढ़ी की इस स्लीपर ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों को बेंगलुरु और मुंबई के बीच यात्रा करने के लिए एक और आधुनिक, आरामदायक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। इस सेवा से पेशेवरों, उद्यमियों, व्यावसायिक यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इससे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
जनवरी 2026 में हावड़ा-गुवाहाटी कॉरिडोर पर वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने और कल वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद, बेंगलुरु-मुंबई सेवा आधुनिक ‘ओवरनाइट’ रेल यात्रा के नेटवर्क का और विस्तार करती है। यह यात्रियों की जरूरतों को प्राथमिकता देने वाली परिवहन व्यवस्था के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है।
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत पर प्रकाश डालते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि यह सेवा देश की आईटी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु को उसकी वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। यह ट्रेन आंध्र प्रदेश में अनंतपुर और गुंतकल; कर्नाटक में रायचूर, यादगीर और कलबुर्गी; तथा महाराष्ट्र में सोलापुर, पुणे और कल्याण से होकर गुजरेगी। इससे उत्तरी कर्नाटक के उन कई हिस्सों में बेहतर ‘ओवरनाइट’ (रात भर की) कनेक्टिविटी मिलेगी, जहाँ पहले विश्व स्तरीय प्रीमियम ट्रेन सेवाओं की सुविधा नहीं थी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर सेवा बेंगलुरु से शुरू होगी, जो राज्य के उत्तरी हिस्सों (हुब्बल्ली क्षेत्र की ओर) को जोड़ेगी और फिर पुणे तथा मुंबई की ओर जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि विद्युतीकरण पूरा होने और रूट पर सफल परीक्षण के बाद, अगले कुछ हफ्तों में बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा शुरू होने की उम्मीद है। यह सेवा बेंगलुरु और तटीय कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नई सेवा इस क्षेत्र को तेज, अधिक आरामदायक और विश्व स्तरीय रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। उन्होंने यात्री कनेक्टिविटी को मजबूत करने और कर्नाटक के आर्थिक विकास में सहयोग देने के लिए आधुनिक रेलवे बुनियादी ढांचे, तकनीक-आधारित सुधारों और हाई-स्पीड सेवाओं के विस्तार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कर्नाटक में हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी के विस्तार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने तथा आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए नए रेलवे कॉरिडोर के विकास पर जोर दिया। यात्रा के समय में होने वाली संभावित कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बेंगलुरु-चेन्नई की यात्रा में केवल 73 मिनट लगेंगे, जबकि बेंगलुरु-हैदराबाद की यात्रा लगभग 2 घंटे 10 मिनट में पूरी होगी।
केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने पूरे कर्नाटक, विशेष रूप से उत्तरी कर्नाटक में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेल मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास के लिए फंड आवंटन में की गई वृद्धि का उल्लेख किया और कर्नाटक में रेलवे विकास कार्यों में हुई उल्लेखनीय प्रगति की प्रशंसा की। श्री जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि इस बड़े निवेश से बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विस्तार और सुरक्षा में सुधार दोनों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली लागू होने के बाद दुर्घटनाओं की दर 135 से घटकर 16 रह गई है, और अब लक्ष्य यह है कि भविष्य में कोई दुर्घटना न हो (जीरो एक्सीडेंट)। उन्होंने नई वंदे भारत सेवाओं की शुरुआत और अतिरिक्त हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से यात्रियों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और पूरे कर्नाटक में लोगों को आधुनिक रेल सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री श्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा, बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच प्रस्तावित वंदे भारत कनेक्टिविटी, और बेंगलुरु को पुणे से जोड़ने वाली रेल कनेक्टिविटी की योजनाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल कर्नाटक के लोगों को फायदा होगा, बल्कि बेंगलुरु में रह रहे पश्चिम बंगाल, असम और बिहार जैसे राज्यों के बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही, इससे यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।
रेल राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने कर्नाटक में रेलवे के बुनियादी ढांचे में आए बड़े बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और पूरे राज्य में यात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 52,000 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास का काम चल रहा है। उन्होंने रेल मंत्री के प्रयासों की सराहना की, जिसके तहत ट्रेन सेवाओं को बहाल किया गया है, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण में तेजी लाई गई है, और बेंगलुरु, जिला मुख्यालयों तथा अन्य महत्वपूर्ण केंद्रों पर रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
दो प्रमुख आर्थिक और व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ना
नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र बेंगलुरु और देश की वित्तीय व व्यावसायिक राजधानी मुंबई के बीच एक महत्वपूर्ण ‘ओवरनाइट’ (रात भर चलने वाला) रेल संपर्क स्थापित करेगी।
इन दोनों महानगरों के बीच पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, व्यावसायिक यात्रियों और परिवारों का काफी आना-जाना लगा रहता है। यह नई सेवा यात्रियों को यात्रा का एक और सुविधाजनक विकल्प देगी, जिससे वे रात भर में लंबी दूरी तय करके अगले दिन अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे।
यह ट्रेन अपने मार्ग पर आने वाले महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगी, जिनमें अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, यादगीर, वाडी, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण शामिल हैं। इससे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे महत्वपूर्ण व्यावसायिक, शैक्षिक और क्षेत्रीय केंद्रों तक पहुँच आसान हो जाएगी।
यह ट्रेन SMVT बेंगलुरु से 19:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन 11:55 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुँचेगी। वापसी की दिशा में, यह CSMT से 20:10 बजे चलेगी और अगले दिन 12:00 बजे SMVT बेंगलुरु पहुँचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन चलेगी; बेंगलुरु से चलने वाली ट्रेन सोमवार को और मुंबई से चलने वाली ट्रेन मंगलवार को नहीं चलेगी।
रात भर चलने वाली इस सेवा से यात्री इन दो महानगरों के बीच आराम से यात्रा कर सकेंगे और अपने दिन के समय का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। इस मार्ग पर पड़ने वाले अन्य शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी यात्रा के एक और आधुनिक विकल्प का लाभ मिलेगा।
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत, भारतीय रेलवे के उस निरंतर प्रयास में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत तकनीक और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए यात्री परिवहन को बदलना है। भारतीय रेलवे एक ऐसा आधुनिक, कुशल, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित परिवहन नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि में सहायक हो और महानगरों को उभरते क्षेत्रीय केंद्रों से जोड़े।

