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June 23, 2026

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जज ने सच बोला तो धमका रहे, सीएम योगी ने किया कठमुल्ला कहने वाले न्यायाधीश शेखर यादव का समर्थन

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विरासत के बिना विकास संभव नहीं है। पर, भारत की विरासत की चर्चा करने वाले व्यक्तियों को कुछ लोग धौंस-धमकी दे रहे हैं। इन्हीं लोगों ने कुम्भ की आध्यात्मिक व सामाजिक विरासत को भगदड़ व अराजकता का पर्याय बना दिया था।
उन्होंने न्यायमूर्ति शेखर यादव का नाम लिए बगैर कहा कि एक न्यायमूर्ति ने सच कहा तो उन्हें कठघरे में खड़ा किया गया। सच बोलने वालों को धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ यूपी की आर्थिक समृद्धि के रोडमैप को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक होगा।

मुख्यमंत्री ने ये बातें रविवार को ‘हिन्दुस्तान दिव्य महाकुम्भ- 2025’ सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर कहीं। इस मौके पर ‘हिन्दुस्तान’ के प्रधान संपादक शशि शेखर ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शेखर यादव ने विहिप के लीगल सेल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि कठमुल्ला देश के लिए घातक हैं। इसके साथ ही कहा था कि हिन्दुस्तान देश के बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा। शेखर यादव के बयान का विपक्षी दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। महाभियोग की भी तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी शेखर यादव के बयान का संज्ञान लिया और हाईकोर्ट से ब्योरा तलब किया है।

सेक्युलर शब्द संविधान में जबरन शामिल करने वाले पाखंड कर रहे

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को आईना दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ को भारत का सबसे प्राचीन ग्रंथ मानने वाले लोग भारत का ठेका लिए घूमते हैं। 9 नवंबर 2019 को उच्चतम न्यायालय ने श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित फैसला दिया। उसके बाद विवाद तो खत्म हो गया। अब न हिंदुओं को परेशानी है न मुसलमानों को लेकिन तथाकथित सेक्युलर लोगों को इससे बहुत परेशानी है। ये लोग आज भी जज को धमकी देते हैं। सच कहने के कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति को कठघरे में खड़ा किया गया। यही लोग अब संविधान के नाम पर देश के सामने पाखंड कर रहे हैं। राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उनकी आवाज को दबाना चाहते हैं। निष्पक्ष चुनाव कराने के कारण चुनाव आयोग को भी कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।

संभल में नरसंहार करने वालों को सजा क्यों नहीं मिली

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हम हैं कि कुम्भ की परंपरा को सुरक्षा, स्वच्छता व सुव्यवस्था के साथ जोड़ा। प्रयागराज महाकुम्भ को आस्था व आधुनिकता का महासंगम बनाने की तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने संभल में मिले प्राचीन मंदिर व 46 साल पहले हुए नरसंहार का जिक्र करते हुए सवाल किया कि 46 वर्ष पहले जिन दरिंदों ने संभल के अंदर नरसंहार किया था, उन्हें आज तक सजा क्यों नहीं मिली।

कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्ही के समय में 46 वर्ष पहले संभल में जिस मंदिर को बंद कर दिया गया, वह मंदिर फिर से सबके सामने आ गया। संभल में जिनकी निर्मम हत्या हुई, उन निर्दोषों का क्या कसूर था। जो भी सच बोलेगा, उसे धमकी दी जाएगी, मुंह बंद कराने का प्रयास होगा। यही लोग कुम्भ के बारे में भी दुष्प्रचार का कुत्सित प्रयास करेंगे।

चोरी से सेक्युलर शब्द डालने वाले लोग घर में मना रहे शोक

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के संविधान का गला घोंटकर इसमें चोरी से ‘सेक्युलर’ शब्द डालने वाले लोग अपने घर में शोक मना रहे हैं। उन्हें काशी, अयोध्या की आध्यात्मिकता व विकास से परेशानी है। उन लोगों ने दशकों तक शासन किया, लेकिन कुछ कर नहीं पाए। अब अपनी नाकामी के लिए हम लोगों को कोस रहे हैं। अपनी अकर्मण्यता का दोष हमारी सफलता को कोसकर दे रहे हैं। हमें इनकी मानसिकता को देखना होगा। इन्हें पता होना चाहिए कि अगर अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनता तो एयरपोर्ट, डबल रेल लाइन, कनेक्टिविटी नहीं हो पाती। नए विकास कार्यों से आमजन खुश हैं।

पहले के कुम्भ गंदगी, अव्यवस्था व असुरक्षा के प्रतीक बन गए थे: मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले कुम्भ गंदगी, भगदड़, अव्यवस्था, असुरक्षा का प्रतीक बन गए थे। वही प्रयागराज कुम्भ-2019 में दिव्य-भव्य बना। सुरक्षा, सुव्यवस्था और स्वच्छता का मानक गढ़ा था। स्वच्छता इस कदर रही कि पीएम मोदी ने स्वच्छता कर्मियों का पाद प्रक्षालन भी किया। यह भारत की विरासत है कि जिसने भी कार्य किया है, उसके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करें। महाकुम्भ-2025 में आस्था व आधुनिकता का संगम भी दिखाई देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लकीर के फकीर नहीं बने। आस्था व आधुनिकता के संगम के रूप में महाकुंभ नए प्रतिमान बनाने जा रहा है।

पहली बार गंगा नदी पर रिवर फ्रंट देखने को मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में पहली बार गंगा नदी पर रिवर फ्रंट देखने को मिलेगा। पहली बार संगम में पक्के घाट के दर्शन होंगे। पहली बार गंगा नदी पर रिवर फ्रंट देखने को मिलेगा। संगम का जल निर्मल व अविरल भी होगा। अक्षयवट कॉरिडोर में श्रद्धालु वर्ष भर दर्शन कर सकेंगे। सरस्वती कूप का कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है। बड़े हनुमान मंदिर, महर्षि भारद्वाज आश्रम कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है। 216 से अधिक मार्ग ऐसे हैं, जो सिंगल से डबल, डबल से फोरलेन, फोर लेन से सिक्सलेन कराए जा रहे हैं।

स्नान करेंगे छह करोड़, तैयारी 10 करोड़ की

मुख्यमंत्री ने महाकुंभ की तैयारियों का ब्योरा देते हुए कहा कि 45 दिन के इस विराट आयोजन में (13 जनवरी से 26 फरवरी) में 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, लेकिन तैयारी 100 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए होगी। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर मुख्य मुहूर्त में प्रयागराज में छह करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे, लेकिन तैयारी 10 करोड़ की होगी। 10 हजार एकड़ क्षेत्रफल में कुम्भ का विस्तार किया गया है।

द्वादश ज्योतिर्लिंग व अन्य प्रमुख ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन होंगे। प्रयागराज कुम्भ, खोया-पाया के बारे में एआई टूल, भाषिणी ऐप के माध्यम से भारत की 11 भाषाओं को समाहित करते हुए हर व्यक्ति अपनी भाषा में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। कुम्भ में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की काउंटिंग भी सरकार के पास होगी। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, 1.50 लाख शौचालय, सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री कुम्भ होगा। महाकुम्भ यूपी के आर्थिक समृद्धि के रोडमैप को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक होगा।

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