उपराष्ट्रपति ने त्रिवेणी संगम में लगाई पावन डुबकी
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*उपराष्ट्रपति ने त्रिवेणी संगम में लगाई पावन डुबकी, कहाः धन्य हुआ जीवन*
*तीर्थराज प्रयागराज में सपरिवार स्नान करने पहुंचे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर किया स्वागत*
*अरैल से त्रिवेणी संगम तक उपराष्ट्रपति ने की क्रूज की सवारी, साइबेरियन पक्षियों को देखकर हुए उत्साहित, पक्षियों को खिलाया दाना*
*त्रिवेणी संगम पर लगाई पुण्ड डुबकी, अक्षयवट-सरस्वती कूप और हनुमान मंदिर में सीएम योगी के साथ किए दर्शन*
*उपराष्ट्रपति ने संगम पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, सर पर शिवलिंग रखकर लगाई आस्था की पवित्र डुबकी*
*महाकुम्भनगर, 1 फरवरी।* भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को त्रिवेणी संगम में स्नान किया और इस घटना को जीवन धन्य करने वाला अवसर बताया। उपराष्ट्रपति धनखड़ तीर्थराज प्रयागराज पत्नी व परिवार समेत हेलिकॉप्टर से पहुंचे जहां हेलिपैड पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। यहां से वह अरैल संगम घाट की ओर बढ़े जहां क्रूज पर सवार होकर उन्होंने नौकायन का आनंद लिया और त्रिवेणी संगम में चिह्नित स्थान पर स्नान किया। इस दौरान स्वस्ति वाचन की गूंज के मध्य धनखड़ ने सिर पर शिवलिंग रखकर आस्था की पवित्र डुबकी लगाई। इस दौरान वृंदावन के मुख्य पुजारी पुंडरीक गोस्वामी ने पूजन-अर्चन किया।
*साइबेरियन पक्षियों को देखकर हुए उत्साहित, अपने हाथ से डाला दाना*
इससे पूर्व नौकायन के दौरान साइबेरियन पक्षियों को देखकर वह उत्साहित हो उठे। उन्होंने कलरव करते पक्षियों को अपने हाथ से दाना डाला और परिजनों समेत इस आनंदित करने वाले क्षण का आनंद लिया। नौकायन के दौरान उन्होंने त्रिवेणी संगम के महात्म के बारे में सीएम योगी से जाना। धवल वर्णा गंगा और श्यामल वर्णा यमुना समेत अदृश्य सरस्वति के महाप्रयाग को महाकुम्भ की पुण्य वेला में दर्शन करके, उसमें स्नान कर जनकल्याण का संकल्प लेकर उपराष्ट्रपति प्रफुल्लित दिखे। उन्होंने इस अवसर को जीवन धन्य करने वाला क्षण बताया। त्रिवेणी संगम में स्नान के पूर्व संगम नोज व आस-पास के घाटों पर स्नान कर रहे स्नानार्थियों का अभिवादन किया। स्नान के बाद उन्होंने तीर्थराज प्रयाग की जय और नमः पार्वति पतये हर-हर महादेव का जयकारा उद्घोषित किया।
*सरस्वती कूप, अक्षय वट व बड़े हनुमान मंदिर का किया दर्शन*
त्रिवेणी संगम पर स्नान के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पत्नी व परिवार समेत सरस्वती कूप, अक्षय वट व बड़े हनुमान मंदिर में बाकायदा विधिवत पूजन-अर्चन किया। यहां उन्होंने महाबली हनुमान को रोली, वस्त्र, जनेऊ, सिंदूर, लाल चंदन, माला, धूप-दीप, नैवेद्य अर्पित किया और परिक्रमा भी की। धनखड़ ने इन सभी स्थानों पर पूजन-अर्चन के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने इन स्थानों का महात्म भी जाना। इस दौरान महाकुम्भ में योगी सरकार की तैयारियों को धनखड़ ने सुखद अनुभव करार दिया। उन्होंने कहा कि मैने अपने जीवन में इतना भव्य-दिव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित हो रहा महासमागम नहीं देखा है, यहां आकर जीवन धन्य हो गया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी समेत उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्री व शासन के आला पदाधिकारी मौजूद रहे।
बोले राजनयिक- भारतीय संस्कृति व धरोहर को दर्शाता है महाकुम्भ*
*महाकुम्भ-2025*
*हिंदू संस्कृति को समझने के लिए प्रयागराज आकर उत्सुक दिखे विभिन्न देशों के राजदूत*
*राजदूतों ने खुद को बताया सौभाग्यशाली*
*योगी सरकार व विदेश मंत्रालय द्वारा राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था पर जताई खुशी*
*महाकुम्भ-2025 में शनिवार को विभिन्न देशों के राजनयिकों व विदेशी अतिथियों का आगमन हुआ। 73 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिव्य-भव्य, नव्य महाकुम्भ को देख अभिभूत हो उठा। इन अतिथियों ने कहा कि महाकुम्भ भारतीय संस्कृति व धरोहर को दर्शाता है। प्रयागराज पहुंचकर इन लोगों ने खुद को सौभाग्यशाली बताया। इन अतिथियों ने योगी सरकार व विदेश मंत्रालय द्वारा राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था पर खुशी भी जताई। वहीं प्रयागराज पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत किया गया।
*बहुत ही खास आयोजन है महाकुम्भ*
मुझे बहुत खुशी है कि राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था कर रहा है। महाकुंभ मेला बहुत ही खास आयोजन है, खासकर इस साल। इसलिए मैं हिंदू संस्कृति को समझने के लिए वहां जाने को उत्सुक हूं।”
केइची ओनो, भारत में जापान के राजदूत
*परंपराओं का पालन कर हूं खुश*
मैं इस महत्वपूर्ण समारोह में भाग लेकर प्रसन्न हूं। यहां की परंपराओं का पालन करके बहुत खुशी भी हो रही है।
मारियानो काउचिनो, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत
*महाकुम्भ के वातावरण का लूंगी आनंद*
मैं कई वर्षों से भारत से जुड़ी हुई हूं। मैं हमेशा यहां आना चाहती थी, लेकिन कभी भी किसी कुम्भ में जाने का अवसर नहीं मिला। आज यह खास और शुभ महाकुम्भ का समय है, यह सौभाग्य है कि मैं भारत में हूं। मैं यहां के वातावरण का आनंद लूंगी। यह दृश्य मेरी आँखों और आत्मा के लिए गौरवान्वित करने वाला है। मैं यहां पवित्र स्नान करूंगी। यह निश्चित रूप से भारतीय धरोहर और संस्कृति को दर्शाता है, जिस पर गर्व होना चाहिए।
डायना मिकेविकिएने, भारत में लिथुआनिया की राजदूत


