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August 5, 2026

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1931 के बाद देश में जातीय जनगणना कराना मोदी सरकार का एतिहासिक

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1931 के बाद देश में जातीय जनगणना कराना मोदी सरकार का एतिहासिक फैसलाः- नरेन्द्र कश्यप।

मुजफ्फरनगर 5 जुलाई प्राप्त समाचार के अनुसार

94 साल के बाद मोदी के राज में पिछड़ो को मिलेगा न्यायः- नरेन्द्र कश्यप

उ0प्र0 सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के मंत्री एवं भाजपा ओ0बी0सी0 मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, नरेन्द्र कश्यप ने मुजफ्फरनगर के बारात घर पचेड़ा रोड में भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लिए गए सामान्य जनगणना के साथ जातीय जनगणना कराये जाने के फैसले को लेकर आयोजित धन्यवाद मोदी सम्मेलन में पिछड़े समाज के लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि 1931 में अंगे्रजों के द्वारा देश मे जातीय जनगणना करायी गयी थी।

हमारी सरकार यह जनगणना 2021 में कराना चाहती थी, किन्तु कोविड जैसी प्राकृतिक महामारी के चलते नहीं करायी जा सकी।मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि यह कास्ट सेंसस देश के वंचित, पिछडे़ और उपेक्षित वर्गों को समाज में अपनी एक सही पहचान दिलायेगा और वहीं सरकारी योजनाओं तथा नौकरियों में उनको उचित भागीदारी दिलाने की दिशा में यह एक निर्णायक पहल साबित होगा।

 

उसके बाद से आजाद भारत में पहली बार सर्व जातियों की जनगणना कराये जाने का फैसला देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा लिया गया है और कहा कि कांग्रेस अपने 60 वर्षों के शासनकाल में जातीय जनगणना कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाई और पिछड़े समाज के लोगों को झूठ का पुलिंदा थमाकर छलावा करती रही।

मंत्री, कश्यप ने बताया कि कांग्रेस का पिछड़ों के प्रति हमेशा से ही दो मुंहा रवैया अपनाती रही है।

हकीकत तो यह है कि कांग्रेस की सरकारों ने ही आज तक जातिवार गणना का विरोध किया है। इसका जीताजागता प्रमाण यह है कि आजादी के बाद सभी जनगणनाओं में जाति की गणना की ही नहीं गयी।

 

ध्यान देने की बात यह है कि जातिवार गणना, 1931 की जनगणना के साथ हुई थी। तब से अभी तक जातिवार जनगणना नहीं हुई है। 1931 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ओबीसी आरक्षण के लिए मंडल कमीशन ने 1980 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। मंडल कमीशन ने अनुमान लगाया कि कुल आबादी में से 52 फीसदी आबादी पिछड़ा वर्ग की है। जिसके आधार पर आयोग ने सरकारी नौकरी और शिक्षण संस्थानों में 27 फीसदी रिजर्वेशन की अनुशंसा की थी।

 

मा0 मंत्री जी ने कहा कि हमारा मानना है कि यह जातीय गणना का निर्णय सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक रूप से पिछडे़ वर्ग के लोगों की गैर बराबरी दूर कर और अधिक सशक्त बनायेगा तथा वंचितों और उपेक्षित वर्गों के लोगों चहुमुखी विकास के लिए नये रास्ते खोलेगा।

विजय वर्मा ने बताया कि सम्मेलन में मुख्य रूप से पश्चिम क्षेत्र ओबीसी मोर्चा के प्रभारी जयप्रकाश कुशवाह, क्षेत्रीय महामंत्री रूपेंद्र सैनी, पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिजेन्दर कश्यप व जिलाअध्यक्ष सुंदरपाल, जयकरण गुर्जर जिला महामंत्री, मनोज पांचाल, रामकुमार कश्यप, संजय धीमान, मण्डल अध्यक्ष इन्दर प्रजापति, मनोज पाल,देवेंद्र पाल, सचिन, हिमांशु सैनी, नरेंद्र प्रजापति, रोहित सैनी,अंकित, राम सेन पाल व अंकित उप्पलआदि कार्य कर्ता उपस्थित रहे ।

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