श्रीमती नीलम राय वर्मा का मार्गदर्शन:मुजफ्फरनगर में सम्पन्न हुआ आर्ट ऑफ लिविंग का तीन दिवसीय आनंद अनुभूति शिविर
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श्रीमती नीलम राय वर्मा का मार्गदर्शन:मुजफ्फरनगर में सम्पन्न हुआ आर्ट ऑफ लिविंग का तीन दिवसीय आनंद अनुभूति शिविर
मुजफ्फरनगर, 31 अगस्त प्राप्त समाचार के अनुसार
जनपद मुजफ्फरनगर में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आनंद अनुभूति शिविर का रविवार को ए-टू-ज़ेड रोड स्थित आर्य अकैडमी में भव्य समापन हुआ। इस शिविर का संयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा की धर्मपत्नी एवं आर्ट ऑफ लिविंग की अध्यापिका श्रीमती नीलम राय वर्मा द्वारा किया गया था।
तीन दिनों तक चले इस शिविर में प्रतिभागियों को योग, ध्यान और प्राणायाम की गूढ़ किंतु सरल विधियों से अवगत कराया गया। समापन अवसर पर श्रीमती नीलम राय वर्मा ने स्वयं साधकों को योगाभ्यास कराते हुए जीवन में प्रसन्नता, रोग प्रतिरोधक क्षमता और कार्यक्षमता बढ़ाने की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
योग और ध्यान से जीवन में सकारात्मकता
समापन समारोह में संबोधित करते हुए श्रीमती नीलम राय वर्मा ने कहा कि –
“आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में योग और ध्यान का अभ्यास न केवल शारीरिक रूप से हमें स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है। आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षाएं हर व्यक्ति को आत्मिक शांति देती हैं और जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करती हैं।”
उन्होंने विशेष रूप से सुदर्शन क्रिया, उपनयन, योग और प्राणायाम की महत्ता पर बल दिया और प्रतिभागियों को बताया कि नियमित अभ्यास से न केवल शरीर में ऊर्जा का संचार होता है बल्कि तनाव भी कम होता है।
तनाव दूर करने में श्वास तकनीक का महत्व
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को श्वास तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया। श्रीमती वर्मा ने समझाया कि ये तकनीकें तनाव दूर करने, एकाग्रता बढ़ाने और आत्मविश्वास को मजबूत करने में विशेष रूप से सहायक हैं। उन्होंने कहा कि सुदर्शन क्रिया के अभ्यास से मन और शरीर दोनों में गहरे स्तर पर शांति का अनुभव होता है।
प्रतिभागियों को यह संदेश भी दिया गया कि योग और ध्यान केवल कुछ दिनों की प्रक्रिया नहीं, बल्कि इन्हें जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
प्रतिभागियों के अनुभव
करीब 50 साधकों ने इस शिविर में भाग लिया। अधिकांश प्रतिभागियों ने साझा किया कि आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस प्रोग्राम और इसमें सिखाई जाने वाली विधियों ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
प्रतिभागियों ने कहा कि तीन दिवसीय शिविर में सीखी गई तकनीकें न केवल उन्हें तनावमुक्त कर रही हैं बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ा रही हैं।
एक प्रतिभागी ने बताया कि –
“सुदर्शन क्रिया और प्राणायाम के अभ्यास से मन शांत होता है और भीतर से ऊर्जा का संचार महसूस होता है। यह अनुभव हमारे लिए जीवन बदलने वाला साबित हुआ है।”
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
आर्ट ऑफ लिविंग के इस शिविर ने प्रतिभागियों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की दिशा में एक नई सोच दी। श्रीमती नीलम राय वर्मा ने इस अवसर पर सभी को आश्वस्त किया कि यदि वे नियमित रूप से योग, ध्यान और प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे तो निश्चित ही उनका जीवन अधिक प्रसन्न, स्वस्थ और ऊर्जावान होगा।
उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं है बल्कि समाज को यह संदेश देने का माध्यम है कि योग और आर्ट ऑफ लिविंग की विधियां जीवन को बेहतर बनाने में कितनी प्रभावी हैं।
समापन अवसर पर आभार
समापन पर श्रीमती नीलम राय वर्मा ने सभी प्रतिभागियों, आर्य अकैडमी प्रबंधन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह शिविर तभी सफल होगा जब प्रतिभागी यहां सीखे गए अभ्यासों को अपने घर, परिवार और समाज में भी अपनाएं और दूसरों को प्रेरित करें।
कुल मिलाकर, मुजफ्फरनगर में आयोजित यह तीन दिवसीय आनंद अनुभूति शिविर न केवल प्रतिभागियों के लिए लाभकारी रहा, बल्कि इसने योग, ध्यान और प्राणायाम के महत्व को समाज में और गहराई से स्थापित किया।


