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August 5, 2026

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रेल कर्मचारियों के हितों में सदैव तत्पर:भारतीय रेल–एसबीआई एमओयू

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रेल कर्मचारियों के हितों में सदैव तत्पर:भारतीय रेल–एसबीआई एमओयू: रेलवे कर्मचारियों को 1 करोड़ रुपये तक नि:शुल्क दुर्घटना बीमा, प्राकृतिक मृत्यु पर 10 लाख; बैंकिंग सुविधाएँ भी साथ

 

गोरखपुर, 01 सितंबर (गोरखपुर से वरिष्ठ पत्रकार उमेश तिवारी की विशेष कवरेज) नई दिल्ली स्थित रेल भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल (दूसरी मंजिल) में भारतीय रेल और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच रेलवे सैलरी पैकेज (Railway Salary Package–RSP) के तहत प्रस्तावित समझौता (एम.ओ.यू.) का मसौदा पेश किया गया। इस व्यवस्था के लागू होने पर एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले रेलवे कर्मचारियों को बिना कोई प्रीमियम दिए 1 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। यह कवर ड्यूटी पर हों या ड्यूटी के बाहर—दोनों परिस्थितियों में आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में देय होगा। वर्तमान में लगभग 7 लाख रेलवे कर्मचारियों के वेतन खाते एसबीआई में संचालित हैं, ऐसे में यह पहल बड़े कार्यबल को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत सहारा देगी।

कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि एम.ओ.यू. के दिन नामांकित लाभार्थियों को 1-1 करोड़ रुपये की बीमा राशि के सात चेक ऑनलाइन माध्यम से वितरित किए जाएंगे। प्रतीकात्मक चेक एसबीआई के चेयरमैन द्वारा प्रदान किए जाएंगे। हाल ही में, अगस्त 2025 के अंतिम सप्ताह में, चार मामलों में 1-1 करोड़ रुपये के दावे पहले ही निपटाए जा चुके हैं, जो इस व्यवस्था की तत्परता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अभी रेलवे कर्मचारी केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना (CGEGIS) के अंतर्गत कवर हैं, जिसमें सेवा के दौरान मृत्यु होने पर ग्रुप “C” कर्मचारियों को 30 हजार रुपये, ग्रुप “B” को 60 हजार रुपये और ग्रुप “A” को 1.20 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। चूंकि रेलवे का अधिकतम फ्रंटलाइन कार्यबल ग्रुप “C” श्रेणी में आता है, ऐसे में मात्र 30 हजार रुपये का कवर उनके आश्रितों के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता। नई पहल का उद्देश्य इसी कमी को दूर करना है ताकि असमय दुर्घटना की स्थिति में परिवार को समुचित आर्थिक संरक्षण मिल सके।

प्रस्तावित एम.ओ.यू. के प्रमुख प्रावधानों के अनुसार, प्राकृतिक मृत्यु पर भी एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले कर्मचारियों को 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध होगा। इसके लिए न तो कोई प्रीमियम देना होगा और न ही किसी प्रकार का चिकित्सीय परीक्षण आवश्यक होगा—केवल एसबीआई में वेतन खाता होना पर्याप्त शर्त होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे सैलरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाले सभी लाभ, कर्मचारियों को उपलब्ध अन्य सरकारी योजनाओं/बीमा पॉलिसियों के अतिरिक्त हैं; यानी यह लाभ मौजूदा सुरक्षा कवच को और मजबूत करेंगे।

मुख्य बीमा लाभ (बिना प्रीमियम):

— व्यक्तिगत दुर्घटना (मृत्यु) कवर: ₹1.00 करोड़।

— वायु दुर्घटना (मृत्यु) कवर: ₹1.60 करोड़, साथ ही रूपे डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त ₹1.00 करोड़।

— व्यक्तिगत दुर्घटना (स्थायी पूर्ण विकलांगता) कवर: ₹1.00 करोड़।

— व्यक्तिगत दुर्घटना (स्थायी आंशिक विकलांगता) कवर: अधिकतम ₹80 लाख।

— ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस (मृत्यु): ₹10 लाख (प्राकृतिक मृत्यु हेतु)।

— रेलवे पेंशनर्स हेतु व्यक्तिगत दुर्घटना (मृत्यु) कवर: ₹30 लाख।

— चार पारिवारिक सदस्यों के लिए “एसबीआई रिश्ते” खाता के माध्यम से व्यक्तिगत दुर्घटना कवर: प्रत्येक ₹5 लाख, अधिकतम ₹20 लाख।

अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा कवर:

— बाल शिक्षा बीमा (दुर्घटना मृत्यु पर): पुत्र के लिए ₹8 लाख, पुत्री के लिए ₹10 लाख।

— कन्या विवाह बीमा (18–25 वर्ष): ₹10 लाख (दो पुत्रियाँ होने पर प्रत्येक को ₹5 लाख)।

इन बीमा प्रावधानों के साथ एसबीआई ने बैंकिंग और लेन-देन से संबंधित अनेक सुविधाएँ भी पैकेज में जोड़ी हैं, जिससे वेतनभोगी कर्मचारियों और उनके परिवारों की दैनिक बैंकिंग आवश्यकताएँ सुगम होंगी। इनमें चार पारिवारिक सदस्यों तक के लिए “एसबीआई रिश्ते” पारिवारिक बचत खाता विशेष सुविधाओं सहित उपलब्ध कराया जाएगा। व्यक्तिगत, गृह, वाहन और शिक्षा ऋण पर आकर्षक ब्याज दरें तथा प्रोसेसिंग शुल्क में 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट प्रस्तावित है। लॉकर किराए में भी वेतन खाता धारक और उनके चार पारिवारिक सदस्यों के लिए 50 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान रखा गया है।

खाता संचालन की दृष्टि से शून्य बैलेंस आवश्यकता, किसी भी बैंक के एटीएम पर असीमित नि:शुल्क एटीएम लेन-देन, तथा ऑटो स्वीप/e-MOD सुविधा—जिससे अतिरिक्त धनराशि स्वतः बहुविकल्पीय जमा में स्थानांतरित होकर अधिक ब्याज अर्जित करती है—जैसी सहूलियतें शामिल हैं। साथ ही निःशुल्क डिमांड ड्राफ्ट, मल्टी-सिटी चेक, एसएमएस अलर्ट, और NEFT/RTGS पर शून्य शुल्क की सुविधा भी प्रस्तावित है। यात्रियों के लिए डेबिट कार्ड पर प्रति तिमाही तीन नि:शुल्क घरेलू/अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस का प्रावधान, ऑनबोर्डिंग के समय डीमैट एवं ऑनलाइन ट्रेडिंग खाता की उपलब्धता, और परिवार (दो वयस्क + दो बच्चे) के लिए मात्र ₹800 वार्षिक प्रीमियम (लगभग ₹2.20 प्रतिदिन) पर ₹30 लाख तक स्वास्थ्य बीमा कवर जैसी व्यवस्थाएँ पैकेज को व्यापक बनाती हैं।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह पूरी व्यवस्था स्वैच्छिक है और केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगी जिनके वेतन खाते एसबीआई में हैं। साथ ही, रेलवे अन्य बैंकों के साथ भी इसी प्रकार की या इससे अधिक आकर्षक योजनाओं के लिए भविष्य में समझौते कर सकता है, जिससे कर्मचारियों को विकल्प और प्रतिस्पर्धी लाभ मिल सकें। विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रंटलाइन भूमिकाओं में तैनात बड़ी संख्या में “ग्रुप C” कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपये तक का आकस्मिक बीमा कवर वित्तीय जोखिम को बड़े पैमाने पर कम करेगा और सेवा-सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा।

एम.ओ.यू. के औपचारिक क्रियान्वयन के बाद, कर्मचारियों के नामित आश्रितों को किसी दुर्घटना की स्थिति में तेज और पारदर्शी दावों के निपटारे का लाभ मिलने की उम्मीद है। अगस्त के अंत में निपटाए गए चार दावे और कार्यक्रम के दिन सात लाभार्थियों को ऑनलाइन हस्तांतरण, इस दिशा में प्रक्रियात्मक तत्परता का संकेत माने जा रहे हैं। नीतिगत स्तर पर, यह पहल कर्मचारियों की सामाजिक–आर्थिक सुरक्षा को केंद्र में रखने की सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की साझा प्रतिबद्धता का ताजा उदाहरण कही जा रही है,( गोरखपुर से वरिष्ठ पत्रकार उमेश तिवारी की विशेष कवरेज

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