ईडी,सीबीआई के अधिकारी बनकर करते थे बेगुनाह लोगों को डिजिटल अरेस्ट
1 min read
मुजफ्फरनगर:ईडी,सीबीआई के अधिकारी बनकर करते थे बेगुनाह लोगों को डिजिटल अरेस्ट:पोन दर्जन शातिर ठग हुए अरेस्ट एसएसपी ने पीसी में किया खुलासा ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, मुजफ्फरनगर 12 अक्टूबर प्राप्त समाचार के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि*थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा TRAI/ E.D/ CBI के अधिकारी बनकर वादी को DIGITAL ARREST कर 33,33,000/- रुपयों की ठगी करने वाले गिरोह के 03 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार।*
▪️ *गिरफ्तार अभियुक्तगण के कब्जे से 06 मोबाईल फोन, 06 बैंक पासबुक, 21 डेबिट कार्ड, 01 चैक बुक, 01 पेन कार्ड, 03 आधार कार्ड तथा 14 सिमकार्ड बरामद।*
▪️ *मिशन शक्ति 5.0 अभियान के क्रम में उक्त प्रकरण में समस्त तकनीकी कार्यवाही साइबर थाने पर नियुक्त महिला पुलिस टीम द्वारा की गयी।*
▪️ *DIGITAL ARREST करने वाले इस गिरोह के 02 सदस्यों को दिनांक 18.09.2025 व 01 सदस्य को 26.09.2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है।*
श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक महोदय “मेरठ जोन मेरठ” एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक महोदय “सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर” के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, जनपद मुजफ्फनगर श्री संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध सुश्री ऋषिका सिंह एवं थाना प्रभारी साइबर क्राइम श्री सुल्तान सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम द्वारा की गयी कार्यवाही।
*घटना का संक्षिप्त विवरण-* दिनांक 11.09.2025 को वादी द्वारा थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर को लिखित तहरीर देकर अवगत कराया कि उनके फोन पर एक कॉल आयी जिसमें स्वंय को TRAI/ ED का अधिकारी बताते हुए कहा गया कि आपके द्वारा कैनरा बैंक में खाता खुलवाया गया है, जिसमें अवैध धन का लेन- देन बडी मात्रा में आपके द्वारा किया गया है, जिसके सम्बन्ध में थाना दरियागंज दिल्ली पर आपके विरुद्ध शिकायत/ अभियोग दर्ज किया गया है, जबतक आपकी जाँच होगी तबतक आपको DIGITAL ARREST किया जाता है। इसके बाद दरियागंज पुलिस थाना, दिल्ली का LOGO लगा व्हाटसएप काल वादी पर आया, जिसमें अपने आपको दरियागंज थाने का IPS अफसर बताया तथा उपरोक्त केनरा बैंक के खाते में अवैध धन के लेन-देन की बात कही तथा इस बाबत वादी मुकदमा से एक प्रार्थना पत्र लिखवाकर लिया कि उसके द्वारा कोई भी अवैध गतिविधि नहीं की गयी है, इसके उपरान्त CBI अफसर का व्हाटसएप काल आया, जिसपर भी CBI का LOGO लगा था, इसके द्वारा भी वही बात दोहराई गयी तथा वादी मुकदमा से फिर लिखित में एक प्रार्थना पत्र लिया गया तत्पश्चात माननीय न्यायालय का LOGO लगा नम्बर से व्हाटसएप काल आया जिनके द्वारा अपने आप को माननीय न्यायालय का जज बताते हुए खातों में अवैध लेनदेन की बात कही गयी तथा माननीय न्यायालय के सील मोहर लगे हुए एक कूट रचित लैटर पीडीएफ के माध्यम से मुकदमा वादी को भेजी गयी, जिसमें DIGITAL ARREST होने जैसी बातें लिखी थी तथा केस को पूरा खत्म करने के नाम पर वादी को डरा धमकाकर तथा भय में डालकर 33.33 लाख रुपये ठग लिये। इस प्रकार वादी मुकदमा से TRAI/ ED/ CBI / माननीय न्यायालय के न्यायाधीश बनकर वादी को MONEY LAUNDERING के फर्जी मामले में फंसाकर DIGITAL ARREST करते हुए 33,33,000/- रूपयों की धोखाधडी की गयी वादी से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना साइबर क्राइम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मु0अ0सं0 29/2025 धारा 318(4),351 बीएनएस व 66सी,66डी आइटी एक्ट पंजीकृत किया गया तथा अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा दिनांक 18.09.2025 को उक्त घटना को कारित करने वाले 02 अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया था। उक्त अभियोग में 01 अभियुक्त प्रकाश में आया जिसे दिनांक 25.09.2025 को सूरत से गिरफ्तार किया गय़ा। गिरोह के फार्वर्ड-बैकवर्ड लिंकेज खंगाले गये तथा साइबर क्राइम टीम द्वारा गिरोह के 03 सदस्यों को दिनांक 11.10.2025 को अमृतसर पंजाब से गिरफ्तार किया गया। उक्त प्रकरण में समस्त तकनीकी कार्यवाही साइबर थाने पर नियुक्त महिला पुलिस टीम द्वारा की गयी तथा संदिग्ध की तस्दीक भी महिला पुलिस टीम द्वारा की गयी है।
*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता-*
*1-* राजू पुत्र स्व दीपक कुमार नि0 मकान नंबर 43 एफ केएलसी ध्रुव थाना कुर्सी पार, भिलाई छत्तीसगढ उम्र 25 वर्ष।
*2-* संदीप सिहं उर्फ सुन्नी पुत्र लखविंदर सिहं निवासी राया खुर्द थाना व्यास जिला अमृतसर पंजाब उम्र 32 वर्ष।
*3-* अमन सिन्हा पुत्र अशोक सिन्हा निवासी मकान नंबर 336 रेलवे काँलोनी वार्ड नं0 27 थाना डल्ली रजहारा जिला बालोड छत्तीसगढ उम्र 24 वर्ष।
*पंजीकृत अभियोग का विवरण-*
*1-* मु0अ0सं0 29/2025 धारा 318(4)/351/336(3)/ 338/ 339/ 340(2)/61(2)/317(2) बीएनएस 66 सी/66डी आईटी एक्ट, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।
*बरामदगी का विवरण-*
🔹 06 मोबाइल फोन
🔹 06 पासबुक
🔹 21 डेबिट कार्ड
🔹 01 चैक बुक
🔹 14 सिम कार्ड
🔹 01 पेन कार्ड
🔹 03 आधार कार्ड
*पूछताछ का विवरण-* प्रारम्भिक पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि हमारा साथी राजू निवासी भिलाई छत्तीसगढ जो वर्तमान में ऋषिकेश में ही रहता है, वह इस कार्य का सरगना है राजू ही छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, आदि राज्यों से बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चैकबुक, सिमकार्ड , आदि भोले भाले लोगों को लालच देकर प्राप्त कर उनमें विदेशों में बैठे साइबर ठगों से सांठ गांठ कर पैसे डलवाता है, जिन्हें हम लोग एटीएम, चैक, आदि के माध्यम से कैश के रुप में निकाल लेते है, तथा निखिल गोयल व राजू उपरोक्त मिलकर अपना हिस्सा काटकर बाकि बचे पैसों की USDT खरीद कर विदेश में बैठे साइबर ठगों को भेज देते है। अभियुक्त निखिल गोयल को साइबर क्राइम टीम द्वारा दिनांक 18.09.2025 को उसके 02 अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
*अभियुक्त से बरामद खातों के विरूद्ध शिकायतों का विवरणः-* थाने पर नियुक्त महिला मुख्य आरक्षी 744 मिनाक्षी व महिला आरक्षी 777 अंशु द्वारा अभियुक्तगण से बरामद खातों को SAMANVYA PORTAL पर चैक किया गया तो बरामद खातों से निम्नलिखित धनराशि की शिकायतें दर्ज है-
*1.* खाता सं0 77105457344, के विरुद्ध 24 लाख की 01 शिकायत
*2.* खाता सं0 8111787935, के विरुद्ध 133178743 रु0 (13 करोड 31 लाख 78 हजार 743 रुपये) की धोखाधडी की 11 शिकायत
*3.* खाता सं0 8112955843, के विरुद्ध 104985000 रु0 (10 करोड 49 लाख 85 हजार) की धोखाधडी की 04 शिकायत
*नोटः-* अभियुक्तगण से बरामद बैंक खातों के विरुद्ध अभी तक 24 करोड रुपये की ज्ञात धोखाधडी की करीब 16 शिकायतें दर्ज है।
*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-*
1- प्रभारी निरीक्षक श्री सुल्तान सिंह, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।
2- निरीक्षक श्री इन्द्रजीत सिंह थाना साइबर क्राइम, मुजफ्फरनगर।
3- उ0नि0 श्री गौरव चौहान, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।
4- उ0नि0 श्री धर्मराज सिंह , थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।
5- उ0नि0 श्री मुबारिक हसन, थाना साइबर क्राइम, मुजफ्फरनगर।
6- है0कां0 678 अवधेश कुमार, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।


