राष्ट्रीय प्रमुख शिक्षाविद डॉ.एससी कुलश्रेष्ठ और एसएसपी संजय कुमार वर्मा का मार्गदर्शन
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राष्ट्रीय प्रमुख शिक्षाविद डॉ.एससी कुलश्रेष्ठ और एसएसपी संजय कुमार वर्मा का मार्गदर्शन: श्री राम कॉलेज में साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
*मुजफ्फरनगर 18 अक्टूबर प्राप्त समाचार के अनुसार श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर में किया गया साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन।*
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया कार्यशाला का शुभारंभ।*
श्रीमान पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम श्री बिनोद कुमार सिंह व श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ श्री भानु भास्कर द्वारा वर्चुअल माध्यम से जुड़कर उपस्थित सभी विद्यार्थियों/आमनागरिकों को संबोधित किया गया।*
“साइबर जागरूकता अभियान” के अन्तर्गत बढते हुए साइबर अपराधों से आमजन/विद्यार्थियों को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 18.10.2025 को श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर में व्यापक साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं आम नागरिकों में बढ़ते साइबर अपराधों की प्रकृति, उनके खतरों तथा उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का शुभारम्भ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज प्रबन्धन द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा तथा पुलिस अधीक्षक अपराध श्री इन्दु सिद्दार्थ को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्रीराम कालेज फाउन्डर चेरमैन डॉ0 एससी कुलश्रेष्ठ, प्रचार्या डॉ0 प्रेरणा मित्तल, डायरेक्टर डॉ0 अशोक कुमार, उपप्राचार्य डॉ0 सौरभ मित्तल, श्री पुरुषोत्तम कुमार, प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना श्री सुल्तान सिंह, उ0नि0 श्री गौरव कुमार सहित साइबर क्राइम टीम के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण तथा कॉलेज के अध्यापकगण/ छात्र-छात्राएँ/ आम नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा अपने संबोधन में कहा कि “आज के डिजिटल युग में प्रत्येक व्यक्ति इंटरनेट और मोबाइल तकनीक से जुड़ा हुआ है। ऐसे में साइबर अपराधी नित नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी, डेटा चोरी, फर्जीवाड़े और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं का शिकार बना रहे हैं। इनसे बचाव का सबसे सशक्त हथियार ‘सजगता’ और ‘जागरूकता’ है।” उन्होंने विद्यार्थियों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे फिशिंग लिंक, नकली वेबसाइट, फेक प्रोफाइल, वर्चुअल करेंसी, क्यूआर कोड स्कैनिंग और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोग धोखा खा जाते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम पिन, या बैंक विवरण किसी को साझा न करें। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर गोपनीयता सेटिंग्स (privacy settings) को सुरक्षित रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्षम करने, और सुरक्षित पासवर्ड नीति अपनाने की भी अपील की गई।
कार्यशाला के दौरान श्रीमान पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम श्री बिनोद कुमार सिंह व श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ श्री भानु भास्कर द्वारा वर्चुअल माध्यम से जुड़कर उपस्थित सभी विद्यार्थियों/आमनागरिकों को संबोधित किया गया। उन्होंने कहा कि “साइबर अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका नागरिकों में जागरूकता का प्रचार-प्रसार करना है। प्रत्येक व्यक्ति यदि तकनीक के उपयोग में सावधानी बरते तो साइबर अपराधियों की योजनाएँ स्वतः ही विफल हो जाएंगी।” उन्होंने आगे बताया कि कि राज्य स्तर पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) के माध्यम से हर नागरिक को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यशाला के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, साइबर अपराध विशेषज्ञ डॉ0 रक्षित टंडन, साइबर क्राइम थाना प्रभारी एवं अन्य विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा साइबर अपराधों की श्रेणियाँ (जैसे कि बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, जॉब स्कैम, साइबर बुलिंग, और डिजिटल पेमेंट फ्रॉड आदि) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में रियल केस स्टडीज, पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन, और इंटरैक्टिव क्विज़ सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि कैसे सामान्य सतर्कता से बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है।
अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सभी को संबोधित करते हुए कहा गया कि *“साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए केवल पुलिस या प्रशासन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। यदि कोई व्यक्ति जागरूक होकर अपने परिवार, दोस्तों और समाज को सावधान करता है, तो यह सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार सिद्ध होगी।”*
साइबर जागरूकता कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अनेक प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक दिए गए। उपस्थित अध्यापकों ने भी मुजफ्फरनगर पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवाओं में डिजिटल साक्षरता और आत्म-सुरक्षा की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम के अंत में साइबर सुरक्षा प्रतिज्ञा (Cyber Safety Pledge) दिलाई गई, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने और दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया।


