यूपी के सर्वाधिक लोकप्रिय वरिष्ठ आईएएस रहे के. रविंद्र नायक को
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यूपी के सर्वाधिक लोकप्रिय वरिष्ठ आईएएस रहे के. रविंद्र नायक को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राज्य लोक सेवा अभिकरण का उपाध्यक्ष किया नियुक्त: राज्य भर मैं हर्ष की लहर लखनऊ 25 अक्टूबर प्राप्त समाचार के अनुसार गत दिवस उत्तर प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश महोदय के प्रभावी परामर्श से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक लोकप्रिय वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे श्री के.रविंद्र नायक को राज्य लोक सेवा अभिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है श्री के रविंद्र नायक की नियुक्ति से पूरे राज्य उत्तर प्रदेश में हर्ष की लहर है चारों ओर से बधाइयां देने वालों का तांता लगा अनेक स्थानों पर लोगों ने मिष्ठान बताकर अपनी खुशी का इजहार किया है उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री के.रविन्द्र नायक उत्तर प्रदेश शासन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं तथा अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा अभिकरण में उपाध्यक्ष (प्रशासकीय) के पद पर नियुक्त किये गए हैं। इस नियुक्ति के साथ उनकी प्रशासनिक यात्रा का एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
श्री नायक 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं एवं उत्तर प्रदेश कैडर में तैनात रहे। उन्होंने शिक्षा में सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।
उनका करियर कई जिलों तथा विभागों में रहा है, जहाँ उन्होंने प्रशासनिक और विकास-प्रबंधन-दायित्व बड़े पैमाने पर निभाये। उदाहरणस्वरूप:
उन्होंने जिले स्तर पर प्रारंभिक अवधि में कार्य किया, जैसे कि सहायक जिला मजिस्ट्रेट एवं सहायक जिला कलेक्टर के रूप में लखीमपुर खीरी जिले में सेवा की।
बाद में उन्होंने विभिन्न जिलों में कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट के पदों पर रहते हुए, जैसे बाँदा जिले में 6 मार्च 2003 से 11 सितम्बर 2003 तक कार्य किया। जनपद मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में जिलाधिकारी रहे गोरखपुर और बस्ती जैसे मंडलों के मंडल आयुक्त रहे और आम जनता में अपने कार्यों और परिश्रम से लोकप्रियता हासिल की
उन्होंने राज्य परिवहन विभाग के आयुक्त के रूप में परिवहन निगम उत्तर प्रदेश के प्रबंध निदेशक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राज्य सरकार के सचिव के रूप में उन्होंने कई विभागों का प्रभार संभाला — शहरी विकास, पशुपालन, खेल एवं युवा कल्याण आदि।
2023-24 के आसपास वे उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में कार्यरत रहे और उस दौरान विभागीय ई-ऑफिस व डिजिटलाइजेशन की दिशा में सक्रिय रहे।
अगस्त 2024 में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के दौरान उन्हें प्रमुख सचिव पशुपालन एवं मत्स्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
उनकी सेवा को देखते हुए कहा जा सकता है कि उन्होंने विकास-प्रक्रियाओं को गति देने, विभागीय समन्वय बढ़ाने एवं प्रशासनिक कार्य-प्रणालियों को आधुनिक बनाने में अपना योगदान दिया है। उदाहरणतः उनके निर्देशन में सचिवालय प्रशासन ने राज्य के सभी विभागों को ई-ऑफिस के अंतर्गत लाने की प्रक्रिया तेज की थी।
उनके इतर, कई विभागों में तैनाती के दौरान उन्होंने न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि नीति-निर्माण व क्रियान्वयन के कामों में भी सक्रिय भागीदारी दिखाई है। उदाहरण के लिए, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण तथा उद्योग/विकास विभागों में उनके द्वारा निभाई गई भूमिकाएँ उल्लेखनीय हैं।
इस पूरे परिप्रेक्ष्य में श्री नायक का करियर यह दर्शाता है कि कैसे एक आईएएस अधिकारी विभिन्न स्तरों (जिला-स्तर से लेकर राज्य-स्तर तक) एवं विभिन्न प्रकार के कार्यों (प्रशासन, विकास, नीति, समन्वय) में अनुभव अर्जित कर सकता है। उनकी यह नियुक्ति एक नए मंच पर उनका अनुभव संचालित करने का अवसर देती है।
यह कहा जा सकता है कि श्री के.रविन्द्र नायक की प्रशासनिक यात्रा साधारण नहीं रही — अनेक जिलों की जिम्मेदारियों से लेकर सरकार के उच्चतम सचिवालय स्तर तक पहुँचने तक उन्होंने विभिन्न भूमिका निभाईं। अब राज्य लोक सेवा अधिकरण में उपाध्यक्ष के रूप में उनकी दृष्टि एवं दक्षता इस संस्थान को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावशाली बनाने की दिशा में योगदान दे सकती है।
उत्तर प्रदेश शासन के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी के. रविन्द्र नायक ने अपने प्रशासनिक करियर में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं तथा अब उन्होंने 31 मई 2025 को प्रमुख सचिव (सचिवालय प्रशासन) के पद से सेवानिवृत्ति ली है। इस अवसर पर उनकी यात्रा, प्रमुख परियोजनाएँ एवं योगदान निम्नानुसार हैं।
विशेष उपलब्धियों में से एक है उनकी सचिवालय प्रशासन में “ई-ऑफिस” प्रणाली का तीव्र विस्तार। बताते हैं कि उन्होंने Digital India के अनुरूप उत्तर प्रदेश के सचिवालय में लगभग 95 प्रतिशत फाइलें ई-ऑफिस में अपलोड कर लीं, और संस्करण 6.2 से संस्करण 7.0 की ओर संक्रमण का रोडमैप तैयार किया। इस प्रक्रिया से शासन-कार्य में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं जवाबदेही बढ़ी। इसके अंतर्गत पुराने दस्तावेजों का स्कैनिंग, उपकरणों के उन्नयन और कर्मचारियों का प्रशिक्षण शामिल था।
दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना थी उनका योगदान परिवहन विभाग में। जब वे प्रदेश के परिवहन आयुक्त थे, उन्होंने शहरी-परिवहन चुनौतियों जैसे ट्रैफिक समन्वय, बस-सेवा विस्तार, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार आदि पर काम किया। इस अवधि में उन्होंने “स्मार्ट सिटी” एवं यातायात-समाधान पहलूयों को सार्वजनिक स्तर पर उठाया।
इस तरह, के. रविन्द्र नायक का करियर प्रशासनिक दक्षता, प्रक्रिया सुधार और विकास-उन्मुख पहल के संयोजन से रहा है। उनके द्वारा लाए गए डिजिटल-संचालन, विभागीय समन्वय तथा नवाचार-मंच उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक परिदृश्य में एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में स्थापित करते हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि नए पद में (उपाध्यक्ष, राज्य लोक सेवा अधिकरण) उनकी दक्षता किस तरह और विस्तार से सामने आएगी। श्री के रविंद्र नायक जी जनपद में भी रहे और जिस विभाग में रहे वहां उन्होंने संपूर्ण पारदर्शिता से कार्य करते हुए और जनसुनवाई के क्षेत्र में आम जनमानस की समस्याओं का निस्तारण करते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आम जनमानस के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की आज भी श्री के रविंद्र नायक आमजन मानस में जबरदस्त लोकप्रिय हैं दैनिक सूरज केसरी परिवार की ओर से एवं पूरे जनपद मुजफ्फरनगर की ओर से लोकप्रिय वरिष्ठ आईएएस रहे श्री के रविंद्र नायक जी को उत्तर प्रदेश लोक सेवा अभिकरण का उपाध्यक्ष बनने के लिए हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं


