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May 9, 2026

Suraj Kesari

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निरंकुश राजतंत्र से नेपाल को मुक्ति मैंने दिलाई


निरंकुश राजतंत्र से नेपाल को मुक्ति मैंने दिलाई,प्रचंड सगीर ए खाकसार कपिलवस्तु ,नेपाल।

वैश्विक स्तर पर नेपाल को लोकतान्त्रिक राज्य के रूप में स्थापित करने, पड़ोसी देशों से मधुर संबंध स्थापित करने, कृषि और किसानों के विकास के साथ साथ सामाजिक न्याय ,और सुशासन स्थापित करने में हमारी सरकार ने महती भूमिका निभाई थी। जलवायु समस्या के मुद्दे पर नेपाल के दृष्टिकोण को दुनिया ने सराहा था। संयुक्त राष्ट्र के महसचिव और मैंने जलवायु संकट के समाधान के लिए प्रयास किया था और एक मंच से विश्व को सबोधित किया था।

 

यह विचार नेपाल के तीन बार प्रधान मंत्री रहें पुष्प कमल दाहाल उर्फ़ प्रचण्ड ने व्यक्त किया। श्री प्रचण्ड इंडो बॉर्डर बढ़नी, सिद्धार्थनगर से महज़ सात किमी की दूरी पर स्थित बहादुर गंज में तराई मधेश जागरण अभियान अंतर्गत आयोजित एक विशाल जन सभा को सम्बोधित कर रहे थे।

जानंदोलन की कोख से जन्मे पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि मै अब सत्तर साल का हो गया हूं। लेकिन फिलवक़्त के राजनैतिक हालात को देख कर ऐसा लगता है कि एक और महा जनांदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामंतवाद, निरंकुशता ,अन्याय से हम ने मुक्ति दिलाई थी। संघीयता , लोकतान्त्रिक गण राज्य ,धर्म निरपेक्षता , सुशासन स्थापित करने का काम हमने किया था। जनता समंतवादियों के अत्याचार, निराकुंश्ता को भूली नहीं है।

 

श्री प्रचण्ड ने कहा कि आज चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोल बोला है।किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य नहीं मिल रहा है।ईमानदार कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है। बिचोलिये और दलाल आम लोगों का शोषण कर रहें हैं।

 

हमने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने का काम किया था। भू माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था।

 

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकता की समस्या का समाधान मेरे कार्यकाल में किया गया। लाखों युवाओं को नागरिकता प्रदान की गयी। श्री प्रचंड ने कहा कि भारत के साथ हमने विधुत परियोजना , कृषि व्यापार , आदि समझोते किये । इन समझोतों से ऊर्जा और कृषि का उत्पादन बढ़ा ,किसानों को इसका लाभ मिला। यही नहीं हमने नेपाल ,बांग्लादेश ,भारत के साथ त्रिपक्षीय विधुत परियोजना पर दीर्घगामी परिणाम के लिए समझोते किये।

 

पूर्व प्रधानमंत्री ने नेकपा माओवादी केंद्र में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने उन्होंने बड़े ही सहजता से यह भी स्वीकार्य किया कि नेकपा एमाले, और नेपाली कांग्रेस के साथ मिल कर सरकार बनाना उचित नहीं था। जनता में इसका गलत संदेश गया है।

 

श्री प्रचण्ड ने कहा कि हम एक नंवर की पार्टी बनने की और अग्रसर हैं। स्थानीय चुनावों, में हमने बेहतर प्रदर्शन किये हैं। हम अबकी बार बैसाखी की नहीं , अपने बल पर सरकार बनाएंगे।देश में न्याय का शासन होगा ।

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