नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9412807565,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें
June 23, 2026

Suraj Kesari

No.1 Digital News Channel of India

बरनावा के ऐतिहासिक लाक्षा गृह टीले हिंदू मुस्लिम विवाद पर न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के संबंध में इतिहासकार डॉक्टर अमित राय जैन का महत्वपूर्ण बयान

1 min read

बागपत 5 फरवरी प्राप्त समाचार के अनुसार देश के सुप्रसिद्ध इतिहासकार एवं शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक प्रमुख समाजसेवी डॉक्टर अमित राय जैन ने एक भेंट में बताया कि बरनावा के लाक्षागृह टीले पर करीब 7 दशकों से चल रहे हिंदू मुस्लिम विवाद पर जो ताजातरीन बागपत कोर्ट का फैसला आया है, उसकी समीक्षा टिप्पणी के लिए उनके पास बहुत से मीडिया साथियों के फोन कॉल आ रहे हैं !

इस पूरे संदर्भ का उल्लेख करते हुए डॉक्टर अमित राय जैन प्रमुख इतिहासकार ने बताया कि

बरनावा के संबंध में कोर्ट का निर्णय स्वागत योग्य है ! महाभारत काल की संस्कृति का गवाह है बरनावा का प्राचीन स्थल !

• कोर्ट ने इतिहास एवं पुरातत्व के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दिया है निर्णय !

बरनावा गांव में स्थित प्राचीन टीला अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक स्थल है! भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किए गए यहां के उत्खनन से महाभारत कालीन प्रमाण एवं पूरासामग्री प्राप्त हुई है !

बागपत सिविल डिवीजन कोर्ट के शिविल जज शिवम द्विवेदी ने मुस्लिम पक्ष के वाद को आज खारिज कर दिया है! पिछले करीब 50 वर्षों से हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के बीच मुकदमा चल रहा था जिसमें लंबी न्यायिक प्रक्रिया के उपरांत आज यह फैसला आया है!

वाद के दिए गए निर्णय की विधि पारक व्याख्या तो निर्णय को पढ़ने के उपरांत ही की जाएगी! परंतु यह सर्वमान्य तथ्य है कि बरनावा का यह प्राचीन स्थान भारत के प्राचीन सभ्यता संस्कृति एवं महाभारत की स्मृतियों का गवाह है! यहां के पुरातात्विक उत्खनन के उपरांत चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति के अवशेष प्रचुर मात्रा में मिले हैं जो की हस्तिनापुर में प्रोफेसर लाल के निर्देशन में किए गए उत्खनन में मिले थे! उन्होंने इन अवशेषों को महाभारत कालीन बताया था ! इससे अलग भी बरनावा के उत्खनन से मौर्य, कुषाण, गुप्त, सल्तनत काल के बहुत से अवशेष प्राप्त हुए हैं ! सबसे ऊपर के हिस्से पर जो खंडहर रूप में अवशेष मौजूद है वह सल्तनत काल का है जो की सिद्ध है!

न्यायालय के निर्णय का स्वागत करता हूं क्योंकि न्यायालय ने अपने फैसले में इतिहास एवं पुरातत्व के तथ्यों को आधार बनाते हुए अपना निर्णय दिया है !

इतिहासकार डॉ. अमित राय जैन

(निदेशक- शहजाद राय शोध संस्थान) ने बताया कि उनके पास सारे साक्ष्य मौजूद हैं इस संदर्भ में कोई भी मीडिया का साथी उनसे कभी भी बात कर सकता है प्रमुख इतिहासकार डॉक्टर अमित राय जैन ने बताया कि यह प्रकरण वास्तव में बहुत ही महत्वपूर्ण प्रकरण है एवं राष्ट्र की धरोहर से संबंधित है पूरी जानकारी देश और मीडिया के सामने आनी चाहिए इतिहास का डॉक्टर अमित राय जैन ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से इस पूरे ऐतिहासिक तथ्य की बारीकी से जांच की है एवं सही तथ्य सामने लाने का भरपूर प्रयास भी उन्होंने किया है इस पूरे क्षेत्र की कई वीडियो भी इतिहासकार डॉक्टर अमित राय जैन ने प्रस्तुत की है कई फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए हैं एवं प्राचीन काल से संबंधित कई वीडियो कई फोटो ग्राफ भी जारी किए हैं और इस पूरी रिपोर्ट में इतिहासकार डॉक्टर अमित राय जैन ने क्षेत्रीय सम्मानित नागरिकों को भी अपने फोटो में दर्शाया है और पुराने फोटो भी दिए हैं जिसमें स्वयं इतिहास का डॉक्टर अमित राय जैन भी मौजूद हैं एवं इस क्षेत्र के ऐतिहासिक प्राचीन साक्ष्य भी डॉक्टर अमित राय जैन ने अपनी वीडियो एवं फोटोग्राफ में दिखाने का भरपूर प्रयास किया है उल्लेखनीय है कि इतिहासकार डॉक्टर अमित राय जैन देश के जाने-माने इतिहासकार हैं एवं उनके पास जबरदस्त संग्रह है इतिहास से संबंधित एवं शोध से संबंधित, उपरोक्त के संदर्भ संदर्भ में माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय का वह स्वागत भी करते हैं

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

Right Menu Icon