भू-माफिया ने प्राकृतिक नाला किया अवरुद्ध जिला प्रशासन और नगर पंचायत का आदेश बेअसर
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भू-माफिया ने प्राकृतिक नाला किया अवरुद्ध
जिला प्रशासन और नगर पंचायत का आदेश बेअसर
अनपरा (सोनभद्र)। सदियों से कौवा नाला परिक्षेत्र के पहाड़ी से आने वाले जल को रिहंद में समाहित करने वाले प्राकृतिक नाले पर भू माफिया की नजर पड़ गई है। नगर पंचायत और जिला प्रशासन के फरमान के बावजूद माफिया द्वारा प्राकृतिक नाला को मिट्टी से पाट कर उस पर बाउंड्री वॉल तान लिया गया है। जिसके चलते वहां के सैकड़ो लोगों को गर्मी वर्षा में अपने घरों में पानी घुसने का अंदेशा अभी से सताने लगा है।
इस संबंध में रहवासियों ने जिलाधिकारी सहित उपजिलाधिकारी दुद्धी के यहां फरियाद की। स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने इसे प्राकृतिक नाला मानते हुए कब्जे की बात अपने रिपोर्ट में लगाई, बावजूद इसके साल भर बाद भी प्राकृतिक नाले पर हुआ कब्जा जस का तस बरकरार है। अभी 2 दिन पहले नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अर्पणा मिश्रा व उनकी टीम भी मौके पर जाकर के जांच किया और इस संबंध में उप जिलाधिकारी दुद्धी को अवगत भी कराया।
बताया गया कि नगर पंचायत अनपरा वार्ड नं-14 के कहुआ नाला क्षेत्र के पश्चिम में वहीं के रहवासियों द्वारा 30 वर्षों से मकान बनाकर रहा जा रहा है जहाँ पर 20फीट का चौड़ा नाला स्थित था। जिसमें 50 मकानों के साथ-साथ बारिश के पानी का भी निकासी किया जा रहा था, लेकिन विजय चन्द्रवंशी द्वारा उस भूमि पर कब्जा किया गया। जिसके उपरान्त उनके द्वारा उस नाले को मिट्टी भरकर समतल कर दिया गया और उनके द्वारा किये नये कृत से वहीं के स्थानीय लोगों द्वारा नगर पंचायत कार्यालय एवं आपके पास शिकायते की गयी जिसके सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी द्वारा 8 मार्च को जांच की गई। इस दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि विजय चन्द्रवंशी द्वारा अवैध रूप से नाला को मिट्टी भरकर समतलीकरण कर दिया गया। अधिशासी अधिकारी द्वारा उन्हें पुनः नाले को अपने प्राकृतिक रूप में करने के लिए आदेशित किया गया लेकिन चंद्रवंशी द्वारा उनके आदेश को ठेंगा दिखा दिया गया। इसके बाद एक पत्र अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, अनपरा द्वारा एसडीएम दुद्धि को प्रेषित किया गया और बताया गया कि नाले का प्रवाह रोक देने से स्थानीय लोगों में भयंकर आक्रोश है और अगर जल्द अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं किया गया तो लोग सड़क पर भी उतार सकते हैं। कानून व्यवस्था भी ध्वस्त हो सकता है।बुधवार को स्थानीय रहवासियों अनूप श्रीवास्तव, हलदर राय, प्रेमधर मिश्रा , सुरेश कुमार मिश्रा, रमेश चंद सुरेशचंद्र,विपिन अग्रवाल, गजेंद्र सिंह, रीता शर्मा, मंगला सोनी मौके पर विरोध भी जताया।वही लोगों का कहना है विजय चंद्रवंशी द्वारा नाले को 55 लाख में बिना कोई नंबर के 55 लाख में कब्जे की जमीन कुबेर सिंह से खरीदने की बात बताई जा रही है।


