सच क्या है? जानिए पूरा मामला
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⚡ सच क्या है? जानिए पूरा मामला ⚡
📍 मुजफ्फरनगर
बिजली विभाग को लेकर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह एकतरफा और भ्रामक प्रतीत होते हैं। जिस जेई गौरव कुमार पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पहले ही 66 केवी बिजली घर से अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके थे।
इसके बावजूद कुछ लोग लगातार बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। यह साफ तौर पर जनभावनाओं को भड़काने और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नजर आती है।
🔍 असली सच्चाई क्या है?
यदि बिजली विभाग निष्पक्ष और गहन जांच करे, तो तथाकथित किसान नेताओं से जुड़े कई मामलों में बिजली चोरी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
कुछ स्थानों पर तो स्थिति यह है कि लोग अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे हैं — यहां तक कि रोटियां तक हीटर पर सेंकी जा रही हैं।
⚠️ एक और गंभीर पक्ष:
कुछ किसान संगठनों से जुड़े लोग बिजली घर पर आने वाले जेई एवं एसडीओ अधिकारियों पर जबरन दबाव बनाकर उन्हें झुकाने का प्रयास कर रहे हैं, जो पूरी तरह निंदनीय है।
बिजली विभाग के कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर जनता को सुविधा देने में लगे रहते हैं, और उनके भी छोटे-छोटे परिवार हैं।
सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए कर्मचारियों को निशाना बनाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है
⚖️ संतुलित सच्चाई:
यह भी सच है कि किसी भी विभाग में कुछ अधिकारी भ्रष्ट हो सकते हैं, लेकिन जो कर्मचारी ईमानदारी से दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उन पर इस तरह के आरोप लगाना बिल्कुल उचित नहीं है।
कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे विभाग को देना न्यायसंगत नहीं है।
📢 अपील:
बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाना न केवल गलत है, बल्कि इससे समाज में भ्रम और अव्यवस्था फैलती है।
समस्याओं का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि संवाद और पारदर्शिता से ही संभव है।
बिजली विभाग अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, और झूठे व आधारहीन आरोपों से केवल व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
✍️
*वसीम खान*
*युवा महानगर अध्यक्ष*
*भारतीय किसान यूनियन* *(अराजनितिक)*
*मुजफ्फरनगर*


