बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की 10 वी
1 min read
10 साल, बेमिसाल। ********************* बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की 10 वी वर्षगांठ (22 जनवरी 2015 – 22 जनवरी 2025) के अवसर पर शानदार कार्यक्रम का आयोजन ********************* खूब पढ़ रही बेटियां, आगे बढ़ रही बेटियां, आसमां में तारे जड़ रही बेटियां, सफलता की कहानी गढ़ रही बेटियां ********************* डॉ राजीव कुमार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ हेतु दिलाई गई शपथ ********************* बालिकाओं को उपहार भेंटकर किया गया उत्साहवर्धन ********************* बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की 10 वी वर्षगांठ का समारोह/ जश्न 08 मार्च 2025, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक मनाया जाएगा ********************* आज 22 जनवरी 2025 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की 10 वी वर्षगांठ के अवसर पर महिला एवम बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के आदेश एवम जिलाधिकारी महोदय श्री उमेश मिश्रा तथा मुख्य विकास अधिकारी महोदय श्री संदीप भागिया के निर्देशन में जैन कन्या इण्टर कॉलेज, नई मंडी मुज़फ्फरनगर एवम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, नगरीय क्षेत्र मुज़फ्फरनगर में जिला प्रोबेशन अधिकारी सजंय कुमार एवम डॉ राजीव कुमार द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को 22 जनवरी 2015 को माननीय प्रधानमंत्री महोदय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हरियाणा के पानीपत में भारत में लिंग असंतुलन और घटते बाल लिंग अनुपात (सीएसआर) को समाप्त करने के लिए शुरू किया गया था। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान लिंग असंतुलन और घटते बाल लिंग अनुपात की चिंताजनक स्थितियों के जवाब में शुरू किया गया था, जो अपने नीतिगत पहल से राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गया।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने लैंगिक भेदभाव को दूर करने और बालिकाओं के महत्व को समझने तथा उनके अधिकारों और अवसरों को सुनिश्चित करने की दिशा में सांस्कृतिक बदलाव को बढ़ावा देने के लिए सरकारी एजेंसियों, सिविल सोसायटी, मीडिया और जनता को संगठित किया है। जिसकी प्रमुख उपलब्धियों में जन्म के समय राष्ट्रीय लिंग अनुपात (एसआरबी) जो 2014-15 में 918 था, वह 2023-24 में सुधर कर 930 हो गया। माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 2014-15 में 75.51 प्रतिशत था, जो 2023-24 में सुधर कर 78 प्रतिशत हो गया। संस्थागत प्रसव 61 प्रतिशत से बढ़कर 97.3 प्रतिशत तक पहुंचा और पहली तिमाही में प्रसवपूर्व देखभाल पंजीकरण 61 प्रतिशत से बढ़कर 80.5 प्रतिशत तक पहुंचा, जो उल्लेखनीय सुधार में शामिल है।
पिछले कुछ वर्षों में बीबीबीपी ने महिला सशक्तिकरण को एक नई पहचान दी है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय साझेदार मंत्रालयों के साथ मिलकर लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने और बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है। बीबीबीपी का यह 10 साल का सफर एक विकसित भारत के निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जहां महिलाएं न केवल लाभार्थी हैं, बल्कि परिवर्तन की नेतृत्वकर्ता हैं, जो सभी बालिकाओं के लिए एक उज्ज्वल, अधिक समावेशी भविष्य को आकार दे रही हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि बीबीबीपी योजना पूरे देश में सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करती है जिसमे बालिका शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवम सशक्तिकरण हेतु किये गए प्रयास के एक दशक के प्रतीक है। उक्त आयोजन में प्रधानाचार्य डॉ कंचन प्रभा, श्री भारत भूषण, श्री मयंक शर्मा, श्रीमती ममता अग्रवाल, श्रीमती रेणु गर्ग, स्काउट एवम गाइड ट्रेनर, स्काउट एवम गाइड, वार्डन बबिता शर्मा, शिक्षक एवम जैन कन्या इण्टर कॉलेज एवम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं एवम बाल कल्याण समिति से डॉ राजीव कुमार एवम संरक्षण अधिकारी नीना त्यागी द्वारा प्रतिभाग किया गया।


