बृज की रसोई सेवा प्रकल्प के अंतर्गत हजारों लोगों को प्रेमपूर्वक परोसा गया भोजन व शरबत
बृज की रसोई सेवा प्रकल्प के अंतर्गत हजारों लोगों को प्रेमपूर्वक परोसा गया भोजन व शरबत
इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी की पहल बनी सामाजिक संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण निःशुल्क भोजन के साथ शीतल शरबत वितरण सेवा सम्पन्न
लगभग 2000 से अधिक जरूरतमंदों तक पहुँचा सेवा, सम्मान और अपनत्व का संदेश : सी. एच. तिवारी
तपती धूप में शरबत केवल पेय नही बल्कि राहत, सुकून और जीवन की मुस्कान है : बलवंत सिंह
लखनऊ। प्रेरणास्रोत बाबा नीम करौली जी की असीम कृपा इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित सेवा प्रकल्प बृज की रसोई के अंतर्गत ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी को देखते हुए रविवार, 17 मई 2026 को आशियाना, लखनऊ क्षेत्र में शीतल शरबत एवं निःशुल्क भोजन वितरण सेवा का आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने ने बताया कि सेवा कार्यक्रम के दौरान लगभग 2000 से अधिक अकिंचन, असहाय, निराश्रित, जरूरतमंद बच्चों, बुजुर्गों एवं दिहाड़ी मजदूरों को ससम्मान एवं प्रेमपूर्वक चना, आलू, चावल एवं शीतल शरबत वितरित किया गया। तपती धूप और भीषण गर्मी के बीच यह सेवा जरूरतमंद लोगों के लिए राहत, सुकून और संवेदनाओं का माध्यम बनी।
संजय श्रीवास्तव ने कहा कार्यक्रम में संस्था के स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों ने पूरी निष्ठा, अनुशासन और आत्मीयता के साथ सेवा कार्य सम्पन्न कराया।
वहीं विकास पाण्डेय ने बताया भोजन एवं शरबत वितरण के दौरान जरूरतमंदों के चेहरों पर दिखाई दी संतुष्टि और मुस्कान ने पूरे वातावरण को भावुक एवं प्रेरणादायी बना दिया।
इस अवसर पर गीता प्रजापति ने कहा कि बृज की रसोई केवल भोजन या शरबत वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में मानवता, सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को मजबूत करने का सतत प्रयास है। संस्था का उद्देश्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे तथा सेवा के माध्यम से समाज में संवेदनशीलता का विस्तार हो।
संस्था के आशीष श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि समाज के जागरूक नागरिकों, सहयोगियों एवं दानदाताओं के सामूहिक सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य निरंतर संभव हो पा रहे हैं।
अनुराग दुबे ने कहा सभी सहयोगकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संस्था ने भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा के कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया।
जालिम सिंह ने बताया इस सेवा कार्य में सी.एच. तिवारी, ए. पी. आचार्य, राज कुमार दीक्षित, जालिम सिंह, संजय श्रीवास्तव, कृष्णा प्रजापति, बलवंत सिंह, अनुराग दुबे, नितिन प्रजापति, सत्यम, उमाशंकर यादव एवं आकाश शर्मा, गोविन्द सिंह ठाकुर सहित अनेक स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही।


