जनसुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
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जनसुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम उमेश मिश्रा ने फटकार लगाते हुए दिए कड़े दिशा निर्देश
*मुजफ्फरनगर 20 जून प्राप्त समाचार के अनुसार आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्यवाही अमल मे लायी गयी।*
*अधिकारियों को कठोर चेतावनी, कई विभागों के अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी*
*जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने स्पष्ट हिदायत दी है कि सभी अधिकारी केवल दफ्तर में बैठकर आख्याएं न लगाएं, बल्कि धरातल पर जाकर शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान करें। जनसुनवाई एवं आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल पर आने वाली जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारीयो पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा कडी कार्यवाही के निर्देश जारी किये गये। डिफाल्टर और लंबित संदर्भों की विस्तृत समीक्षा एवं संतुष्ट फीडबैक न प्राप्त होने के बाद, जिलाधिकारी ने कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर जनपद के 11 अधिकारियों को कठोर चेतावनी जारी की है, कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर जवाब तलब किया है।
जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में शामिल आईजीआरएस पोर्टल पर जनसामान्य की समस्याओं को लटकाना या गुणवत्ताविहीन निस्तारण करना गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितता की श्रेणी में आता है।
*1. इन 11 अधिकारियों को निर्गत की गई ‘कठोर चेतावनी’:*
उपजिलाधिकारी — सदर
उपजिलाधिकारी — बुढाना
उपजिलाधिकारी — जानसठ
उप निदेशक कृषि प्रसार, मुज़फ्फरनगर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुज़फ्फरनगर
बंदोबस्त अधिकारी — चकबंदी
अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत चरथावल
अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत सिसौली
खण्ड विकास अधिकारी — शाहपुर
मुख्य चिकित्साधिकारी, मुज़फ्फरनगर
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मुज़फ्फरनगर
*2. इन अधिकारियों को जारी किया गया ‘कारण बताओ नोटिस’:*
समीक्षा बैठक में जिन अन्य अधिकारियों के स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में अत्यधिक विलंब और शिथिलता पाई गई, उन्हें जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं:
अधिशासी अधिकारी — चरथावल
अधिशासी अभियन्ता — विद्युत वितरण खण्ड, खतौली
क्षेत्रीय अधिकारी — प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुज़फ्फरनगर
खण्ड शिक्षा अधिकारी — चरथावल, जानसठ, पुरकाजी, मुज़फ्फरनगर एवं मोरना
खण्ड विकास अधिकारी — मुज़फ्फरनगर
चकबन्दी अधिकारी — खतौली एवं सदर
जिला कृषि अधिकारी — मुज़फ्फरनगर
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी — मुज़फ्फरनगर
जिला युवा कल्याण अधिकारी — मुज़फ्फरनगर
पशु चिकित्सा अधिकारी — मुज़फ्फरनगर
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी / अधीक्षक — खतौली एवं चरथावल
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी — मुज़फ्फरनगर
बाल विकास परियोजना अधिकारी — पुरकाजी
सब रजिस्ट्रार — जानसठ
सहायक अभियन्ता — लघु सिंचाई, मुज़फ्फरनगर
सहायक विकास अधिकारी — मुज़फ्फरनगर
जिलाधिकारी महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि “आम जन की शिकायतों का समय पर और सही निस्तारण हमारी पहली जिम्मेदारी है। जिन अधिकारियों को नोटिस और चेतावनी दी गई है, वे अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब और निस्तारण आख्या प्राप्त नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए उनके सेवा अभिलेखों में प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दर्ज की जाएगी।”
जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने स्पष्ट हिदायत दी है कि सभी अधिकारी केवल दफ्तर में बैठकर आख्याएं न लगाएं, बल्कि धरातल पर जाकर शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान करें।


