मुख्यमंत्री ने विधान सभा में राज्यपाल जी द्वारा समवेत सदन में
1 min read
मुख्यमंत्री ने विधान सभा में राज्यपाल जी द्वारा समवेत सदन में
दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में विचार व्यक्त किए
राज्य सरकार ने प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में श्रद्धालुओं को
विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करायी, अब तक 63 करोड़ से
अधिक श्रद्धालु इस आयोजन का हिस्सा बन चुके : मुख्यमंत्री
उत्तम समय कभी नहीं आता, समय को उत्तम बनाना
पड़ता, डबल इंजन सरकार ने समय को उत्तम बनाया
साथ-साथ चलने से ही विकास होगा, यह कुम्भ का सबसे बड़ा संदेश
महाकुम्भ में जाति, क्षेत्र, मत, मजहब, अमीर-गरीब सहित किसी प्रकार
का भेदभाव नहीं, सभी लोग एक घाट पर, एक साथ स्नान कर रहे,
एकात्मता का इससे बड़ा संदेश कोई और नहीं हो सकता
यह वर्ष भारत के संविधान के लागू होने का अमृत महोत्सव वर्ष, यह भारत के सभी संविधान निर्माताओं के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि का समय, सरकार लखनऊ में बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर एक अन्तरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण कर रही
हमारी सरकार पिछले पौने आठ वर्ष से उत्तर प्रदेश को
उसकी पहचान दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही
यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 से 40 लाख करोड़ रु0 के निवेश प्रस्ताव
मिले, अब तक 15 लाख करोड़ रु0 से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल
पर उतारकर 60 लाख नौजवानों को नौकरी उपलब्ध करायी गई
अगले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने जीरो पॉवर्टी अभियान की शुरुआत की, पहले चरण में 13 लाख 57 हजार परिवार चिन्हित
सुशासन की पहली शर्त कानून का राज, प्रदेश सरकार पुलिस रिफॉर्म के कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही, परिणामस्वरूप उ0प्र0 की कानून व्यवस्था देश में नजीर बनी
यू0पी0 112 का रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट 42 सेकेण्ड से
घटकर अब 07 मिनट 24 सेकेण्ड हुआ
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 22,11,000 बालिकाएं लाभान्वित हो रहीं, प्रदेश सरकार 01 करोड़ 04 लाख से अधिक लाभार्थियों को निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन के तहत प्रति लाभार्थी को 12,000 रु0 प्रतिवर्ष प्रदान कर रही
जेवर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट आगामी अप्रैल माह तक क्रियाशील होने
जा रहा, गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार तक बढ़ाने की बजट में घोषणा,
गंगा एक्सप्रेस-वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का निर्णय
राज्य सरकार इण्टीग्रेटेड कैम्पस बनाने की दिशा में प्रयास कर रही, इसमें
प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा एक कैम्पस में विद्यार्थियों को मिलेगी
600 मेगावॉट क्षमता की घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की प्रथम इकाई
का कार्य दिसम्बर, 2024 में पूर्ण, द्वितीय व तृतीय इकाई का निर्माण
कार्य अगस्त, 2025 तक पूरा कर कर लिया जाएगा
वर्ष 2017 से अब तक राज्य सरकार ने 01 करोड़ 65 लाख
लोगों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया गया
वर्ष 2017 से अब तक राज्य सरकार ने लगभग 46 लाख गन्ना
किसानों को 2,73,000 करोड़ रु0 का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान
वर्ष 2017 के बाद 03 नई चीनी मिलों की स्थापना, 06 चीनी मिलों का
पुनर्संचालन तथा 38 चीनी मिलों की क्षमता का विस्तार
धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों में पर्यटकों को आकर्षित करने में
उ0प्र0 आज शीर्ष स्थान पर, गत वर्ष 65 करोड़ पर्यटक उ0प्र0 आए
गन्ना एवं चीनी उत्पादन, आम उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, आलू उत्पादन,
शीरा उत्पादन में उ0प्र0 लगातार प्रथम स्थान पर, कृषि निवेश
पर किसानों को देय अनुदान में उ0प्र0 प्रथम स्थान पर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में कौशल विकास
नीति के अन्तर्गत कार्य करने में उ0प्र0 का प्रथम स्थान
लखनऊ : 24 फरवरी, 2025
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करायी हैं। भारत की जनसंख्या 144 करोड़ है। इसमें सनातन धर्मावलम्बियों की संख्या 110 करोड़ है। अब तक 63 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस आयोजन का हिस्सा बन चुके हैं। आगामी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के पर्व के उपरान्त यह संख्या 65 करोड़ पार कर जाने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री जी आज विधान सभा में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी द्वारा राज्य विधान मण्डल के समवेत सदन में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्हांने कहा कि राज्यपाल जी के अभिभाषण पर चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुल 146 सदस्यों ने भाग लिया है। सत्ता पक्ष के 98 और प्रतिपक्ष के 48 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ में देश और दुनिया से बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। राष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी, उपराष्ट्रपति जी, भूटान नरेश और 74 देशों के मिशन प्रमुख महाकुम्भ में आए। इन सभी ने महाकुम्भ के आयोजन में भागीदार बनकर इसे सफल बनाया। इससे यह वैश्विक आयोजन बना है। पहली बार उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम से लोग आए हैं और सभी ने इस आयोजन का हिस्सा बनकर इसे सफल बनाया। जो भी महाकुम्भ आ रहा है, वह अभिभूत होकर जा रहा है। महाकुम्भ में जाने से किसी को रोका नहीं गया है। जो भी सद्भाव से जाना चाहे, वहां जा सकता है। यदि कोई किसी दुर्भावना से वहां गया और अव्यवस्था करने का प्रयास किया, तो इसकी इजाजत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में कहीं भी ऐसा आयोजन नहीं होता है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते हैं और एक साथ एक मंच पर आते हैं। गत वर्ष अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि में श्रीरामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस वर्ष हमें महाकुम्भ के आयोजन से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। महाकुम्भ के साथ-साथ अयोध्या एवं काशी को भी नजदीक से देखने का अवसर आमजन को प्राप्त हुआ है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि में श्रीरामलला का विराजमान होना और महाकुम्भ का आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के प्रधानमंत्री जी के विजन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश और देश के लिए मील का पत्थर साबित होने वाले हैं। भारत की आध्यात्मिक परम्परा तथा आर्थिकी के लिए भी यह आयोजन महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं। इन आयोजनों के प्रति लोगों के मन में जो भाव आया है, वह राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला है। महाकुम्भ में जाति, क्षेत्र, मत, मजहब, अमीर-गरीब सहित किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं है। सभी लोग एक घाट पर, एक साथ स्नान कर रहे हैं। एकात्मता का इससे बड़ा संदेश कोई और नहीं हो सकता। यही सच्चा सनातन धर्म है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी महानुभाव की टिप्पणी ‘महाकुम्भ में जिसने जो तलाशा, उसको वह मिला। संवेदनशील लोगों को रिश्तों की खूबसूरत तस्वीर मिली, आस्थावानों को पुण्य मिला, सज्जनों को सज्जनता मिली, गरीबों को रोजगार मिला, अमीरों को धंधा मिला, श्रद्धालुओं को साफ-सुथरी व्यवस्था मिली, सद्भावना वाले लोगों को जाति रहित व्यवस्था मिली, भक्तों को भगवान मिले। सबने अपने स्वभाव और चरित्र के अनुसार चीजों को देखा। एक ही घाट पर सभी जातियों के तीर्थ यात्री बिना किसी भेदभाव के नहाते रहे।’ भारत की भावनाओं की अभिव्यक्ति है। महाकुम्भ ने पूरी दुनिया को भारत की एकता का संदेश देकर, एक भारत श्रेष्ठ भारत के प्रधानमंत्री जी के विजन को चरितार्थ करके दिखा दिया है। यह आयोजन भारत के विश्वास की अभिव्यक्ति भी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम भारत में जन्म लेने वाले हर महापुरुष, महात्मा बुद्ध और जैन परम्परा में ऋषभदेव से लेकर स्वामी महावीर तक सभी तीर्थंकरों के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं। हमारी सरकार बौद्ध तीर्थस्थलों के सुन्दरीकरण और पुनरोद्धार के कार्यों को भी पूरी प्रतिबद्धता से कर रही है। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चार-चार साहिबजादों की शहादत के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने 26 दिसम्बर की तिथि को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में घोषित किया है। यह पहली बार हुआ है कि गुरु वाणी का पाठ मुख्यमंत्री आवास पर निरन्तर आयोजित किया जा रहा है। कबीर पंथ, संत रविदासी परम्परा तथा महर्षि वाल्मीकि की परम्परा सहित भारत की हर उस उपासना पद्धति के प्रति हमारे मन में सम्मान का भाव है, जिससे सनातन धर्म को मजबूती प्रदान होती हो और देश ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के रूप में आगे बढ़ता हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ0 एस0 राधाकृष्णन ने कहा था कि मानव का मानव होना एक उपलब्धि है, मानव का दानव होना उसकी पराजय है और मानव का महामानव होना उसकी विजय है। यह तीन श्रेणियां सदैव रही हैं। यह तीन श्रेणियां हमें बहुत सी प्रेरणा देती हैं। जो स्वार्थ भावना से ऊपर उठकर परमार्थ भाव से कार्य करता है, वही महामानव है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह वर्ष भारत के संविधान के लागू होने का अमृत महोत्सव वर्ष भी है। यह भारत के सभी संविधान निर्माताओं के प्रति एक विनम्र श्रद्धांजलि का समय है। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी ने संविधान के शिल्पी का कार्य किया। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी से जुड़े पंच तीर्थ का निर्माण प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में किया गया है। डबल इंजन सरकार लखनऊ में बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर एक अन्तरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण कर रही है। 26 नवम्बर की तिथि को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाकर बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करने का कार्य भी हमारी सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संत रविदास के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करने के लिए काशी के सीर गोवर्धन तथा महर्षि वाल्मीकि की पावन तपोस्थली लालापुर, चित्रकूट के सौन्दर्यीकरण का कार्य हमारी सरकार कर रही है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का विजय स्तम्भ स्मारक बनाने तथा श्रृंगवेरपुर में निषादराज गुह्य का स्मारक और भगवान श्रीराम के साथ उनकी 56 फीट ऊँची प्रतिमा व उसे कॉरिडोर के रूप में विकसित करने कार्य भी डबल इंजन सरकार कर रही है। यह वर्ष पुण्यश्लोका माता अहिल्याबाई होल्कर का 300वां जयन्ती वर्ष भी है। सरकार उनके नाम पर एक बड़ी योजना को आगे बढ़ा रही है। संत कबीर, संत रविदास तथा सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर हमारी सरकार योजनाएं ला रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह वर्ष काकोरी ट्रेन एक्शन का शताब्दी वर्ष भी है। काकोरी ट्रेन एक्शन देश के स्वाधीनता आन्दोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह सभी क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करने का अवसर है। हमारी सरकार इसका आयोजन पूरी भव्यता के साथ कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी सरकार पिछले पौने आठ वर्ष से उत्तर प्रदेश को उसकी पहचान दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसकी शुरुआत हमारी सरकार की गठन के तत्काल बाद उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के आयोजन के साथ ही कर दी गई थी। 24 जनवरी, 1950 को जब उत्तर प्रदेश के नाम का नोटिफिकेशन जारी हुआ, तब से 24 जनवरी, 2017 तक कभी भी उत्तर प्रदेश दिवस नहीं मनाया गया। 24 जनवरी, 2018 को हमारी सरकार ने तत्कालीन राज्यपाल श्री राम नाईक के आग्रह पर इस आयोजन को भव्यता के साथ मनाना प्रारम्भ किया। हमने इस आयोजन के साथ हर बार कुछ नया करने का प्रयास किया, जो उत्तर प्रदेश को पहचान दिलाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रथम उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना लॉन्च की गई थी। एक जनपद एक उत्पाद योजना ने उत्तर प्रदेश को एक पहचान दी। यह देश में एक ब्राण्ड के रूप में स्थापित हुई है। इसने उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट को बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश वर्तमान में सवा दो से ढाई लाख करोड़ रुपये के प्रोडक्ट का निर्यात कर रहा है। हमारी सरकार ने मथुरा-वृन्दावन, ब्रज तीर्थ तथा अयोध्या के विकास की कार्य योजना को आगे बढ़ाया। आज अयोध्या में 08 से 10 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन आ रहे हैं। यदि अयोध्या की सड़कों को 4-लेन का नहीं बनाया गया होता, यहां इण्टरनेशनल एयरपोर्ट नहीं बना होता और चार-चार रेलवे स्टेशनों के सुन्दरीकरण नहीं होते, तो इतने अधिक संख्या में श्रद्धालु अयोध्या में नहीं आ पाते।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या में लोग भव्यता से दर्शन कर रहे हैं। लोगों को रोजगार मिल रहा है। नाविकों, होटल वालों, गाइड और मकान मालिकों की आय बढ़ रही है। अयोध्या में 1700 करोड़ रुपये से अधिक कम्पनसेशन के लिए खर्च किए गए। मांझा जमथरा में सेना द्वारा शूटिंग के लिए 14 गांवों की भूमि को अधिसूचित किया गया था, लेकिन कभी उसका प्रयोग नहीं किया गया था। हमने उस भूमि को डीनोटिफाई किया है। इसका कॉमर्शियल उपयोग नहीं किया जाएगा। हमने उस भूमि को मन्दिर म्यूजियम के लिए लिया है। इससे अयोध्या आने वाले लोगों को श्रीराम जन्मभूमि के साथ ही अन्य दर्शनीय स्थल भी देखने को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 24 जनवरी, 2019 को हस्तशिल्पियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करने के लिए ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ घोषित की गई थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज की बात की थी। पहले गांव आत्मनिर्भर होते थे। लोग सरकार पर आश्रित नहीं थे। वह आपस में मिलकर ग्राम व्यवस्था का संचालन करते थे। हमारे गांव तथा शहरों में हस्तशिल्पी थे, जो अलग अलग प्रकृति के कार्य करते थे। पहली बार हमारी सरकार ने उनके श्रम को सम्मान दिया है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से 16 श्रेणियां तय की, जिसके अन्तर्गत राजमिस्त्री, बढ़ई, लोहार से लेकर सभी हस्तशिल्पियों की पहचान कर उनकी ट्रेनिंग कराई गई, उन्हें टूलकिट उपलब्ध कराए गए और सस्ते लोन उपलब्ध कराने की कार्यवाही से जोड़कर उनके जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया गया। आज वह पी0एम0 विश्वकर्मा योजना के अन्तर्गत देश में सम्मान प्राप्त कर रहे है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘मिशन शक्ति’ अभियान की शुरुआत की गई थी। इसमें महिला सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलम्बन के साथ ही महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के कार्यक्रम आगे बढ़ाए गए थे। वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर महिला, युवा, किसान के विकास और सम्मान के कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश दिवस को आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के साथ जोड़ा गया। जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मारक को भव्य स्वरूप देना, उनका सौन्दर्यीकरण करना और चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रमों को हमने प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2023 में निवेश और रोजगार के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया था। यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से हमें 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। इसके माध्यम से 60 लाख नौजवानों को नौकरी उपलब्ध करायी जा चुकी है। वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया गया। 500 वर्षों के बाद अयोध्या में श्रीरामलला के विराजमान होने से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का काम किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2025 में 24 जनवरी के दिन हमने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ लागू किया है। इसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में नये उद्यम स्थापित करने के लिए युवा उद्यमियों को पहले चरण में 05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा। इस योजना की सफलता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 96 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। 06 हजार लोगों को लोन वितरित किए जा चुके हैं। 15 से 16 हजार आवेदन बैंक से स्वीकृत हो चुके हैं। पहले उत्तर प्रदेश का नौजवान पलायन करता था, आज वह पलायन नहीं करता, बल्कि अपनी प्रतिभा का उपयोग उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए प्रदेश में रहकर ही कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत वर्ष 2014 से अब तक देश में चार करोड़ गरीबों के आवास बने हैं। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद 56 लाख गरीबों के एक-एक आवास बनाए जा चुके हैं। वर्ष 2014 से ही भारत में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ लागू हुआ। अप्रैल 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में लगभग पौने तीन करोड़ परिवारों के लिए एक-एक शौचालय बनाया गया है। आजादी के बाद भी वन्य गांवों को न्याय नहीं मिल पाया था। उन्हें मतदाता नहीं बनाया गया। उन्हें राजस्व ग्राम के रूप में मान्यता नहीं मिली थी, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। वर्ष 2017 में हमारी सरकार ने 56 से अधिक ऐसे गांवों को राजस्व ग्राम के रूप में मान्यता दी और उन्हें समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि थारू, कोल, चेरो, गोंड, सहरिया, मुसहर जातियां प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में रहती हैं। पहले यह उपेक्षित थीं। हमारी सरकार ने इन्हें जमीन के पट्टे तथा एक-एक आवास देने का कार्य किया है। इन सभी को सैचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने के कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया है। पहली बार पी0एम0 स्वामित्व योजना के अंतर्गत देश के 02 करोड़ लोगों को जहां पर उनके मकान है, उस जमीन का पट्टा दिलाने का कार्य हुआ है। इनमें से एक करोड़ परिवार अकेले उत्तर प्रदेश के हैं, जिन्हें ड्रोन सर्वे तथा खुली बैठक में सीमांकन की कार्यवाही कर जमीन का मालिकाना हक दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। पिछले पौने 08 वर्षां में 06 करोड़ से अधिक लोगों को प्रदेश में गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में मदद मिली है। देश में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। अगले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने जीरो पॉवर्टी अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के अंतर्गत सरकार ने सर्वे का पहला कार्य पूरा कर लिया गया है। पहले चरण में 13 लाख 57 हजार ऐसे परिवार चिन्हित किये गये हैं। अगले दो वर्षों में हम उनके जीवन स्तर को इतना बढ़ाएंगे कि हर परिवार सवा लाख रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये सालाना कमाने की सामर्थ्य अर्जित कर सकेगा। उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए बजट में अलग से व्यवस्था की है। कन्वर्जन के माध्यम से भी यह कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने प्रदेश के गरीब को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। शिक्षा का मॉडल भविष्य में कैसा होगा, इसके अटल आवासीय विद्यालय बेहतर उदाहरण हैं। एक गरीब व श्रमिक का बच्चा भी सी0बी0एस0ई0 बोर्ड से जुड़े विश्वस्तरीय शिक्षा के केन्द्र में शिक्षा अर्जित कर सकता है, यह कार्य राज्य सरकार ने किया है। सरकार प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप विद्यार्थियों को स्किल डेवलपमेण्ट के कार्यों व अप्रेन्टिस योजना से जोड़ेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुशासन की पहली शर्त कानून का राज है। प्रदेश सरकार तकनीक का उपयोग, पारदर्शी व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण और पुलिस रिफॉर्म के कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही है। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था देश में नजीर बनी हुई है, जिसकी चर्चा आज हर कोई करता है। आज प्रदेश व देश के बाहर उत्तरप्रदेशवासियों को सम्मान की नजर से देखा जाता है। प्रदेश में बढ़ता हुआ निवेश और महाकुम्भ इसके उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री जी ने महाकुम्भ में कार्यरत व सेवाएं दे रहे स्वच्छताकर्मियों, गंगा मित्रों और उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशंसा की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के व्यवहार और मेहनत की सराहना की है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। प्रयागराज महाकुम्भ आए श्रद्धालुओं ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस के व्यवहार की सराहना की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस गुण्डों से सख्ती से निपट रही है तथा सज्जनों को संरक्षण प्रदान कर रही है। एन0सी0आर0बी0 के आंकड़ें यह दिखाते हैं कि वर्ष 2016 की तुलना में डकैती की घटना में 84.41 प्रतिशत की कमी आयी, लूट में 77.73 प्रतिशत की कमी, हत्या में 41.01 प्रतिशत की कमी, बलवा की घटनाओं में 66.40 प्रतिशत की कमी, फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं में 54.72 प्रतिशत की कमी आयी है। दहेज हत्या में 17.08 प्रतिशत की कमी, बलात्कार की घटनाओं में 26.15 प्रतिशत की कमी आई है। महिला सम्बन्धी अपराधों में संलिप्त अपराधियों को सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 07 जनपदों-लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और प्रयागराज में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया। पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने की बात वर्ष 1973-74 से चल रही थी, कोई भी यह व्यवस्था लागू नहीं कर पाया। सहारनपुर, बहराइच, अलीगढ़, कानपुर सहित कई जनपदों में हमने ए0टी0एस0 की नई फील्ड यूनिट गठित की है। तीन महिला पी0ए0सी0 लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में स्थापित की गयी हैं। बलरामपुर, जालौन, मिर्जापुर, शामली और बिजनौर में पांच अन्य पी0ए0सी0 बटालियन स्थापित करने की कार्रवाई प्रदेश सरकार कर रही है। साथ ही, एक स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन किया है, जो मेट्रो, एयरपोर्ट सहित अन्य प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में योगदान दे रही है। इसकी 06 कम्पनियों का गठन किया गया है। एण्टी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स का गठन भी प्रदेश सरकार ने किया है।
साइबर क्राइम मुख्यालय, लखनऊ में एडवांस साइबर फॉरेंसिक लैब, 18 मण्डलों के परिक्षेत्रीय थानों में बेसिक साइबर फॉरेंसिक लैब और 57 जनपदों में साइबर क्राइम थानों की स्थापना की कार्यवाही राज्य सरकार ने की है। 75 जनपदों में साइबर सेल क्रियाशील किए गए हैं। हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क का गठन किया है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना करायी है, जो संचालित भी हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में वर्ष 2017 से अब तक 1,56,000 विभिन्न पदों पर भर्ती सम्पन्न की जा चुकी हैं। इस समय 6,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती हो रही है, जो शीघ्र ही ट्रेनिंग के लिए जाएंगे। इसके अलावा 30,000 अभ्यर्थियों के लिए नई भर्तियां भी आ रही हैं। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्राविधान किया है। महिला वर्कफोर्स वर्ष 2018 के 14.2 प्रतिशत से आज बढ़कर 35.01 प्रतिशत हो गया है।
यू0पी0-112 की कार्यप्रणाली में वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2024 में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। यू0पी0 112 का रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट 42 सेकेण्ड से घटकर अब
07 मिनट 24 सेकेण्ड हुआ है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के अन्तर्गत 11 लाख से अधिक सी0सी0टी0वी0 कैमरे पुलिस विभाग, नगर विकास विभाग और जनप्रतिनिधियों तथा जनता के सहयोग से स्थापित किए गए हैं। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत जुलाई, 2023 से दिसम्बर, 2024 तक 51 अभियुक्तों को मृत्युदण्ड, 6,287 अभियुक्तों को आजीवन कारावास, 1091 अभियुक्तों को 20 वर्ष से अधिक का कारावास, 3,867 अभियुक्तों को 10 वर्ष से 19 वर्ष तक का कारावास और 5,788 अभियुक्तों को 05 वर्ष से 09 वर्ष तक की सजा तथा 51,748 अभियुक्तों को 05 वर्ष तक की सजा से दण्डित कराया गया है।
नवम्बर, 2019 से माफिया गैंग के विरुद्ध विचाराधीन कार्यवाही में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 31 माफियाओं और 7,400 अपराधियों को अलग-अलग अभियोगों में आजीवन कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित कराने के साथ-साथ 02 को मृत्युदण्ड दिलाया गया है। पहली बार देश में तीन नये आपराधिक कानूनों को सफलतापूर्वक उत्तर प्रदेश में लागू करने का कार्य हुआ है। ए0टी0एस0 को अत्याधुनिक तकनीक और अस्त्र-शस्त्र प्रदान करते हुए वर्ष 2017 से अब तक 130 आतंकवादियों को और 171 रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 22,11,000 बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित महिला पेंशन योजना, दिव्यांगजन पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन


