आयुरगंगे क्लिनिक नुमाइश कैंप द्वारा भव्य निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन
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आयुरगंगे क्लिनिक नुमाइश कैंप द्वारा भव्य निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन
मुजफ्फरनगर, 15 सितंबर (वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रवीण कुमार की विशेष कवरेज):
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और आमजन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से नुमाइश कैंप स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयुरगंगे क्लिनिक द्वारा तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर सोमवार को एक भव्य निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में नगर एवं आस-पास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों मरीजों ने परामर्श, उपचार और निःशुल्क औषधि वितरण का लाभ उठाया।
सैकड़ों मरीजों का उपचार
शिविर में विभिन्न आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। घुटनों के दर्द, कंधों में जकड़न, त्वचा पर मस्से व तिल जैसी समस्याओं से जूझ रहे मरीज अधिक संख्या में आए। इनका उपचार लीच थेरपी, जानु व कटी बस्ति, आधुनिक अलाबू चिकित्सा और अग्निकर्म जैसी प्राचीन आयुर्वेदिक विधियों के माध्यम से किया गया। मरीजों ने इलाज के तुरंत बाद राहत महसूस करने की बात कही और इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
चिकित्सकों की सराहनीय भूमिका
शिविर में स्थानीय व बाहरी अनेक आयुर्वेद चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। इनमें प्रमुख रहे—डॉ. प्रवीण कुमार, वैद्य आशुतोष, वैद्य चिराग भारद्वाज, वैद्य संस्कार पांडे, वैद्य हिमांशु चौधरी, वैद्य वर्षा यादव, वैद्य राहुल चौहान, वैद्य अमित बिस्वास, वैद्या सानिया सिंघल, वैद्य प्रियाशा मेहता, वैद्य श्यामा, वैद्य वैष्णवी सिंह, वैद्य गौरव गोविल, वैद्य देवांश गुप्ता, वैद्य प्रशांत, वैद्य कपिल शर्मा, वैद्य आरती, वैद्य सलोनी मंगल, वैद्य रीति श्रीवास्तव, वैद्य रुचि अरोड़ा, वैद्य आकाश वर्मा, वैद्य हेमंत अरोड़ा, वैद्य महिमा राजपूत, वैद्य निवेदिता अरोड़ा, वैद्य नीति गुप्ता, वैद्य धर्मेंद्र राठी, वैद्य राज सिंह, वैद्य सना अंसारी, वैद्य जागृति राजपूत, वैद्य राशिद, वैद्य निशांत गिरी, वैद्य कृष्ण मुरारी, वैद्या निशा बरनवाल और वैद्य रितिक शर्मा।
इन सभी चिकित्सकों ने निःस्वार्थ भाव से मरीजों की देखभाल कर शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रेरणा स्रोत बने वैद्य उदय तल्हार
सभी आयुर्वेद युवा चिकित्सकों के प्रेरणा स्रोत रहे सुप्रसिद्ध वैद्य उदय तल्हार, जिनके मार्गदर्शन में शिविर का संचालन किया गया। उनकी उपस्थिति और अनुभव ने न केवल चिकित्सकों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि मरीजों में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ।
कंपनियों का सहयोग
इस शिविर की सफलता में विभिन्न आयुर्वेदिक कंपनियों का भी विशेष योगदान रहा। श्रीकुल हर्बल्स, प्लस एरा, शर्मायु और अल्ना वेदिक जैसी संस्थाओं ने औषधियां और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर इस प्रयास को सशक्त बनाया। आयोजकों ने इन कंपनियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि समाजहित के ऐसे कार्यों में निजी संस्थानों का सहयोग सराहनीय है।
“हर दिन आयुर्वेद, हर घर आयुर्वेद” का संदेश
इस अवसर पर वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम “हर दिन आयुर्वेद, हर घर आयुर्वेद” को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। चिकित्सकों ने कहा कि आयुर्वेद मात्र उपचार पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। यदि लोग इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाएं तो कई बीमारियों से बचाव संभव है और स्वस्थ जीवन की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
मरीजों की प्रतिक्रियाएं
शिविर में पहुंचे मरीजों ने इस आयोजन को अत्यंत लाभकारी बताया। स्थानीय निवासी नरेश कुमार ने कहा कि उन्हें घुटनों के दर्द से लंबे समय से परेशानी थी, लेकिन आयुर्वेदिक उपचार से तुरंत राहत महसूस हुई। वहीं, एक महिला मरीज ने बताया कि त्वचा संबंधी समस्या के लिए उन्होंने कई जगह इलाज कराया, पर यहां उन्हें संतोषजनक परिणाम मिला। लोगों ने ऐसे शिविरों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग की।
सामाजिक महत्व
शिविर का एक बड़ा पहलू यह भी रहा कि इसमें गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां दी गईं। इससे समाज के उस वर्ग को राहत मिली, जो महंगे इलाज का खर्च वहन करने में असमर्थ है। आयोजकों ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।
आयुरगंगे क्लिनिक द्वारा आयोजित यह शिविर न केवल चिकित्सा की दृष्टि से सफल रहा, बल्कि आयुर्वेद की महत्ता को जनमानस तक पहुंचाने में भी मील का पत्थर साबित हुआ। इसमें शामिल चिकित्सकों और कंपनियों का सहयोग समाज सेवा का प्रेरक उदाहरण है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि आयुर्वेद को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए, तो स्वस्थ और निरोगी समाज की परिकल्पना साकार हो सकती है।


