ज़िरकपुर में बिल्डर की मनमानी, रहवासियों का शांतिपूर्ण धरना; RWA अध्यक्ष व महिला पर हमला
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ज़िरकपुर में बिल्डर की मनमानी, रहवासियों का शांतिपूर्ण धरना; RWA अध्यक्ष व महिला पर हमला
ज़िरकपुर (मोहाली), प्रतिनिधि।
ज़िरकपुर के सैविट्री ग्रीन्स–2 सोसाइटी के निवासी पिछले कई वर्षों से अपने बिल्डर की लापरवाही और मनमानी से परेशान हैं। सोसाइटी वर्ष 2018 में पूरी तरह से तैयार होकर रहवासियों को सौंप दी गई थी, लेकिन बिल्डर और शिअद नेता एन.के. शर्मा द्वारा आज तक न तो सोसाइटी का विधिवत हैंडओवर किया गया और न ही रखरखाव (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी निभाई गई। स्थिति यह है कि हर माह रहवासियों से मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है, परंतु सोसाइटी की मूलभूत सुविधाएँ लगातार बदहाल होती जा रही हैं।
मेंटेनेंस के नाम पर वसूली, सुविधाएँ ठप
रहवासियों का आरोप है कि बिल्डर हर महीने मेंटेनेंस चार्ज वसूलता है, लेकिन लिफ्ट महीनों से खराब पड़ी है, सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और सुरक्षा व्यवस्था ठप हो चुकी है। यही नहीं, बिजली के बिलों का पैसा भी लोगों से वसूल किया गया, लेकिन समय पर भुगतान न होने से सोसाइटी की बिजली कई बार काटी जा चुकी है।
नकली हस्ताक्षरों से सोसाइटी का नक्शा बदला
रहवासियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि बिल्डर ने झूठे हस्ताक्षरों के आधार पर चार बार सोसाइटी का नक्शा बदलवा लिया और दूसरी सोसाइटी को रास्ता देने के लिए यहाँ की बाउंड्री वॉल तोड़ डाली। इतना ही नहीं, सीवर लाइन भी अवैध तरीके से सोसाइटी में डाल दी गई। बाद में शिकायत करने पर एम.सी. द्वारा यह अवैध काम बंद कराया गया।
हर रविवार शांतिपूर्ण धरना
लगातार अनदेखी से तंग आकर सोसाइटीवासियों ने करीब एक माह पहले से हर रविवार मुख्य गेट के सामने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया है। लोगों का कहना है कि बिल्डर बार-बार बुलाने पर आता है और केवल झूठे आश्वासन देकर लौट जाता है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं करता।
RWA अध्यक्ष और महिला पर हमला
पिछले रविवार को सोसाइटी के निवासियों द्वारा धरने के दौरान बिल्डर के गढ़े गए गड्ढों को भरवाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई थी। इसी बीच बिल्डर से जुड़े अपराधी पृष्ठभूमि वाले लोग और उसके गुंडे वहाँ पहुँचे और सोसाइटी के RWA अध्यक्ष संदीप चौधरी व उनकी पत्नी पर हमला कर दिया। मारपीट में कई महिलाओं को भी गंभीर चोटें आईं। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।
पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR
हमले की शिकायत जब स्थानीय थाना पुलिस को दी गई तो रहवासियों को और भी निराशा हाथ लगी। आरोप है कि SHO ने गोलमोल जवाब देकर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया और यह कह दिया कि बिल्डर पहले ही केस दर्ज करवा चुका है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह पुलिस-प्रशासन की सीधी लापरवाही और मिलीभगत है।
रहवासियों की मांग
सोसाइटी निवासियों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि—
1. बिल्डर एन.के. शर्मा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
2. सोसाइटी का तुरंत विधिवत हैंडओवर किया जाए।
3. वर्षों से वसूला गया मेंटेनेंस शुल्क और बिजली बिलों का हिसाब दिया जाए।
4. दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर सोसाइटी में मूलभूत सुविधाएँ बहाल की जाएँ।
बाहर पोस्टेड रहवासी भी चिंतित
सोसाइटी से जुड़े कई निवासी नौकरी के कारण बाहर पोस्टेड हैं। उनमें से एक निवासी ने बताया कि उनकी तैनाती मुज़फ्फरनगर से मुर्शिदाबाद हो गई है, जिस कारण वे सीधे मदद नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह मेरे चौधरी भाई के सम्मान की लड़ाई है। सोसाइटी की महिलाएँ और परिवारजन रोजाना उत्पीड़न झेल रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाए।”
अब लोग कोर्ट और मीडिया की ओर
FIR दर्ज न होने से हताश सोसाइटीवासी अब अदालत का दरवाज़ा खटखटाने और मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज़ बुलंद करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम न उठाया गया तो वे ज़िला प्रशासन के दफ्तर के बाहर भी धरना देने को मजबूर होंगे,स्पष्ट है कि ज़िरकपुर की सैविट्री ग्रीन्स–2 सोसाइटी के रहवासी बीते सात वर्षों से बिल्डर की मनमानी और प्रशासन की लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। अब यह संघर्ष केवल सुविधाओं का नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय की लड़ाई बन चुका है।


