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August 5, 2026

Suraj Kesari

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सम्भल पर विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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*सम्भल पर विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

● एक शरारत के तहत संभल के 68 तीर्थों और 19 कूपों की निशानी मिटाने की कोशिश की गई। उसको खोजना हमारा काम था। हमने 54 तीर्थ खोजे और 19 कूपों को भी पाया।

जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए। इससे इतर कुछ नहीं।
*विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

*महाकुंभ में भारत के विकास और विरासत की छाप दिखाई दी। महाकुंभ में कोई जाति, धर्म, क्षेत्र का भेदभाव नहीं दिखाई दिया*

*महाकुंभ में 33 करोड़ महिलाएं आईं, लेकिन अपराध की एक भी घटना नहीं हुई।*

● आप भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं। आपने कहा कि हमारी सोच सांप्रदायिक है लेकिन आप हमें बताएं कि हम कैसे सांप्रदायिक हो सकते हैं?

● हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं। 45 दिनों के आयोजन ने भारत की विरासत और विकास की एक अनुपम छाप न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में छोड़ी है।

● महाकुंभ का आयोजन हमारे लिए अग्निपरीक्षा थी। इसमें केंद्र और राज्य सरकारें खरी उतरीं।

● इस कार्यक्रम के सफल आयोजन की गूंज दुनिया में लंबे समय तक सुनाई देगी।

● ये हमारे सनातन धर्म के लिए गौरव की बात है। ये सिर्फ आध्यात्मिक उपलब्धि नहीं है बल्कि इस आयोजन से हमारी अर्थव्यवस्था को साढ़े तीन लाख करोड़ का लाभ होने की उम्मीद है।
● 2016-17 में कुल राजस्व प्राप्तियां 02 लाख 56 हजार रुपये हुईं थीं।

● चालू वित्तीय वर्ष के जनवरी माह तक ही 04 लाख 10 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह निरन्तर आगे बढ़ेगा।
● कैपिटल एक्सपेंडिचर इकॉनमी की दिशा तय करता है। इससे उद्योग प्रोत्साहित होते हैं, सप्लाई चेन बेहतर होती है, निजी निवेश बढ़ता है और इन सबसे रोजगार का सृजन होता है।

● इस बजट में कुल व्यय में 02 लाख 25 हजार 561 करोड़ 49 लाख रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर सम्मिलित है। (कुल बजट का लगभग 20.5 प्रतिशत)
*विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

● 2016-2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मात्र 52,671 रुपये थी वर्ष 2023-2024 में 93,514 रुपये है।
: ● नीति आयोग द्वारा राज्यों की राजकोषीय स्थिति के सम्बन्ध में प्रकाशित रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को फ्रण्ट रनर की श्रेणी में रखा गया है।

● इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018-19 से वर्ष 2022-23 की अवधि में प्रदेश के समेकित ‘फिस्कल हेल्थ इण्डेक्स’ में 8.9 अंकों का इजाफा हुआ है।

● व्यय की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हुआ है, वर्ष 2018 से 13 की अवधि में पूँजीगत व्यय, कुल व्यय के 14.8 प्रतिशत से 19.3 प्रतिशत के मध्य रहा।

● इस अवधि में यह अनुपात देश के प्रमुख राज्यों के औसत अनुपात से अधिक रहा।

*RBI द्वारा राज्यों के बजट के संबंध में 2024-25 में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट*

● देश के सभी राज्यों की स्वयं के कर की प्राप्तियों में उत्तर प्रदेश का अंश वर्ष 2022-2023, 2023-2024 एवं 2024-2025 में क्रमशः 9.9 प्रतिशत, 10.5 प्रतिशत एवं 11.6 प्रतिशत रहा जो महाराष्ट्र के उपरान्त देश में सर्वाधिक है।

● उक्त वर्षों में सभी राज्यों में राजस्व प्राप्तियों के सापेक्ष ब्याज पर व्यय क्रमशः 12.6, 12.3 एवं 12.1 प्रतिशत रहा जबकि उत्तर प्रदेश में यह प्रतिशत 10.3, 9.4 एवं 8.9 रहा।

● सकल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में सभी राज्यों की स्वयं के कर से प्राप्ति का औसत उक्त वर्षों में क्रमशः 6.5, 7.0 तथा 7.2 प्रतिशत रहा, जब कि उत्तर प्रदेश में यह अनुपात क्रमशः 7.6, 9.8 तथा 10 प्रतिशत रहा।
: *विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

● उत्तर प्रदेश प्रदेश रेवेन्यु सरप्लस स्टेट है। कर अपवंचन को रोका गया है। रेवेन्यू लीकेज को समाप्त किया गया है।

● बीते 08 वर्ष में एक भी नया टैक्स नहीं लगाया। प्रदेश में डीजल-पेट्रोल की दरें देश में सबसे कम हैं, बावजूद इसके उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। यह सफलता रामराज्य की अवधारणा ही है।
*विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

*बरसत हरसत सब लखें, करसत लखे न कोय*
*तुलसी प्रजा सुभाग से, भूप भानु सो होय’*

● श्रीराम जी भरत जी से कहते हैं कि हमें प्रजा से कर ऐसे लेना चाहिए, जैसे सूर्य लेता है। जैसे सूर्य समुद्र, नदी, तालाब से पानी लेता है लेकिन किसी को पता नहीं चलता। परन्तु जब वह बादलों के रूप में जरूरत की जगहों पर बरसता है तो सबको पता चलता है, खासकर जब जरूरत की जगह पर बरसता है तो सभी खुश हो जाते हैं। इसी प्रकार, सरकार को कर इस तरह से लेना चाहिए कि किसी को पता न चले, पीड़ा न हो। लेकिन जब उसी टैक्स का इस्तेमाल जनता के हित में खर्च हो, जैसे हाइवे बनें, पुल बनें, स्कूल-कालेज बनें, हास्पिटल बनें तो सबको पता चले। हमारी सरकार यही भाव लेकर काम कर रही है।
● उत्तर प्रदेश डिजिटल क्रांति का सर्वश्रेष्ठ उदहारण बन कर उभरा है।

● 2017-18 में 122.84 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्शन
● 2024-25 में दिसम्बर 2024 तक 1024.41 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्शन

● यूपी डिजिटल लेनदेन अपनाने में नंबर एक है। आधे से अधिक लेन देन UPI से हुए।

● इसकी वजह डिजिटल बैंकिंग की आसान पहुंच, गांवों तक इंटरनेट, वित्तीय जागरूकता और उपकरणों की पर्याप्त संख्या है।

● बैंकों की 20416 शाखाओं, 4,00,932 बैंक मित्र एवं BC सखी,18 ,747 एटीएम तथा 4,40,095 बैंकिंग केन्द्रों के माध्यम से बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
*DBT बजरंग बली की गदा है, जो भ्रष्टाचार और बेईमानी पर कठोर प्रहार कर रही है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
● 11 विभागों की 207 योजनाओं की धनराशि DBT के माध्यम से दी जा रही है। इसमें 113 केन्द्रीय योजनायें और 94 राज्य सेक्टर की योजनायें हैं।

● DBT से 09 करोड़ 08 लाख से अधिक लोगों को 01 लाख 11 हजार 637 करोड़ रुपये से भुगतान किया गया।

● DBT ट्रांजेक्शन के कारण 10 हजार करोड़ की बचत की है।
*FDI:-*
● अप्रैल 2000 से जून 2017 तक 3,303 करोड़ रूपये

● अप्रैल, 2017 से सितम्बर, 2024 तक 14 हजार 8 करोड़ रूपये से अधिक FDI आया है।

● यह बताता है कि प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ा है।
*सीडी रेशियो:- 2016-17 में यह मात्र 46% पर अटक कर रह गया था। 2024 में बढ़कर 61% हो गया है।*
*समाजवादी पार्टी ने 20 करोड़ बेरोजगारी भत्ता बांटने के लिए 15 करोड़ रुपये खर्च कर दिए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
: उत्तर प्रदेश ने अपनी पहचान देश के विकास में ब्रेकर के रूप में नहीं, ब्रेक थ्रू देने वाले के रूप में बनाई है।
● उत्तर प्रदेश 400 लाख टन सब्जियों का उत्पादन करते हुए देश में प्रथम स्थान पर है।

● वर्ष 2016-17 में खाद्यान्न उत्पादकता 27.25 कुन्तल प्रति हेक्टेयर थी, जो वर्ष 2023-24 में लगभग 12 प्रतिशत बढ़कर 30.51 कुन्तल प्रति हेक्टेयर हो गयी है।

● तिलहन उत्पादकता वर्ष 2016-17 में मात्र 12.40 लाख मीट्रिक टन थी, वह 2023-24 में 128 प्रतिशत बढ़कर 28.31 लाख मीट्रिक टन हो गयी है।
● प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत ढाई करोड़ कृषकों को 80 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि DBT के माध्यम से उनके खातों में हस्तान्तरित की गई है।

●प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2024-25 में माह दिसम्बर तक 28.58 लाख कृषकों द्वारा 19.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल का बीमा कराया गया है तथा 9.33 लाख बीमित कृषकों को 495.41 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है।
●2017 से अब तक 2 लाख 73 हजार करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया,, जो वर्ष 1995 से मार्च, 2017 तक 22 वर्षों में हुए कुल भुगतान से भी 60 हजार करोड़ अधिक है।

● वर्तमान में 119 चीनी मिलें क्रियाशील। चीनी मिलों की दैनिक पेराई क्षमता जो वर्ष 2017 से पूर्व, 7.50 लाख टीसीडी थी, वह बढ़कर अब 8.36 लाख टीसीडी हो गयी है।

● मार्च, 2017 से अब तक 03 नई चीनी मिलों की स्थापना, 06 चीनी मिलों का पुर्नसंचालन तथा 38 चीनी मिलों का क्षमता विस्तार करने में सफलता प्राप्त की है, जिससे लगभग 1.25 लाख लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

● प्रदेश में 285 नई खांडसारी इकाइयों की स्थापना से लगभग 41,800 लोगों को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है।
●महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सीडलिंग का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लगभग 60 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है।

● कृषि विभाग की स्थापना के 150 वर्ष को बीज वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

● लखनऊ में 251 करोड़ की लागत से चौधरी चरण सिंह जी के सम्मान में एक सीड पार्क की स्थापना करने जा रहे हैं।
अन्नदाता किसानों के लिए एक नई योजना लेकर आये हैं। कृषि मण्डी में माता शबरी के नाम पर कैण्टीन और विश्रामालय स्थापित किया जाएगा।
हम अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए गोमाता को सड़कों पर घूमने नहीं देंगे: मुख्यमंत्री*
*शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता हमारी सरकार की प्राथमिकता है: मुख्यमंत्री*

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