नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9412807565,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें
May 19, 2026

Suraj Kesari

No.1 Digital News Channel of India

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उर्वरक समिति और उर्वरक निगरानी समिति की बैठक

1 min read

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उर्वरक समिति और उर्वरक निगरानी समिति की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गयी।

__________________________

मुजफ्फरनगर 19 मई 2026 जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में शासन की मंशा के अनुरूप विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय उर्वरक समिति और उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गयी।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि कृषकों को वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के अन्धाधुन्ध प्रयोग को कम करने, इनके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी करायी जाये । इनके स्थान पर वैकल्पिक उपायों जैसे जैविक खाद में गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद में ढैंचा, सनई, लोबिया जैसी फसलों को जोतकर मिट्टी में मिलाना तथा जैब उर्वरक(बायो-फर्टीलाइजर्स) राइजोबियम, एजोटोवेक्टर, फॉस्फेट साल्युबिलाइजिंग बैक्टीरिया (पी0एस0बी0) में प्रयोग के बारे में अवगत कराया जाए। एक किसान को एक बार में अधिकतम 7 बैग यूरिया व 5 बैग डीएपी से ज़्यादा ना दिया जाये तथा जोत के आधार का भी ध्यान रखा जाये, इसमें दलहनी फसलों को फसल चक्र में शामिल करना एवं एक ही खेत में विभिन्न फसलें उगाने को कहा गया। किसानों को फसल के अवशेष को जलाना नहीं चाहिये,अपितु इसको मिट्टी में मिलाकर कम्पोस्ट खाद के रूप में प्रयोग किया जाना चाहिये। यदि किसान सन्तुलित उर्वरकों का प्रयोग करेगा तो इससे वह अधिक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकेगा, जिसका बाजार विक्रय मूल्य अच्छा प्राप्त होगा। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। पर्यावरण संरक्षित रहता है। इससे लागत में कमी व लाभ में वृद्धि होगी। विक्रेताओं को निर्देशित किया कि शासन के निर्देशानुसार कृषक को उनकी जोत वही एवं फसल में संस्तुत मात्रा के अनुसार ही उर्वरक विक्रय की जाये। इसका सम्पूर्ण विवरण विक्रय पंजिका में अंकित किया जाये। आगामी सत्र से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर उसमें अंकित कृषित भूमि के आधार पर उर्वरक दिया जाये । अतः यह आवश्यक है कि किसान की फार्मर रजिस्ट्री पूर्व में की गयी है, यदि फार्मर रजिस्ट्री नहीं है, तब विक्रेता को फार्मर रजिस्ट्री कराने में सहयोग किया जाये , जिससे कि वह दुकान पर आने पर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री करा सके।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा की नियमों का पालन करते हुए कार्य करे कोई भी परेशानी हो तो मुझसे सीधे संपर्क कर सकते है, फिर भी अगर उर्वरक वितरण को लेकर या टॉप 20 में कोई भी विक्रेता आता है या टैगिंग करता है तो कंपनी,थोक व खुदरा विक्रेता के विरुद्ध कार्यवाही की जाये और सीधे ३/७ के साथ साथ एनएसए और ब्लैक मार्केटिंग एक्ट में कार्यवाही कर fir दर्ज करा जेल भेजा जायेगा

जि0कृ0अ0 ने अवगत कराया कि वर्तमान समय में किसानों द्वारा रासायनिक उर्वरकों के बढते प्रयोग को कम करने तथा उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जागरूकता को बढाये जाने पर बल देते हुये विस्तारपूर्वक अवगत कराया।विक्रेताओं को अवगत कराया गया कि किसानों को सही समय व सही विधि के अनुसार आवश्यक पोषक तत्वों की सही मात्रा में रासायनिक उर्वरक प्रयोग में लाने के लिये समझाया जाये।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री कंडारकर कमल किशोर देशभूषण जी के साथ जिला कृषि अधिकारी/सहकारिता गन्ना,व उधान अधिकारी के साथ साथ प्रतिनिधि, मै0 hurl फर्टीलाइर्स लि0, चंबल फर्टिलाइजर , इफ़को, कृभको ,उर्वरक सहायक एवं थोक एवं उर्वरक प्रदानकर्ता द्वारा प्रतिभाग किया

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

Right Menu Icon