सिसौली में बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर श्रद्धांजलि, किसान हितों को लेकर नरेंद्र कश्यप ने दिया संदेश
1 min read
सिसौली में बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर श्रद्धांजलि, किसान हितों को लेकर नरेंद्र कश्यप ने दिया संदेश
किसान भवन में अखंड पाठ में शामिल हुए राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप, राकेश टिकैत से की मुलाकात
मुजफ्फरनगर। सिसौली स्थित किसान भवन में किसान नेता एवं किसानों की आवाज को बुलंद करने वाले स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर आयोजित अखंड पाठ में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप शामिल हुए और बाबा महेंद्र सिंह टिकैत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकार, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने गांव, खेत और किसान की समस्याओं को मजबूती से उठाकर किसानों को एकजुट करने का काम किया। उनका संघर्ष और किसानों के प्रति समर्पण आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है।
राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें अपनी आवाज मजबूती से उठाने का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत का जीवन सादगी, संघर्ष और किसान हितों के प्रति समर्पण की मिसाल रहा है। उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
जयंती कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से भी मुलाकात की। उन्होंने राकेश टिकैत को बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। दोनों के बीच किसान हितों और किसानों की वर्तमान स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई।
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है। किसान दिन-रात मेहनत कर देश की खाद्य व्यवस्था को मजबूत करता है। इसलिए किसानों का सम्मान, उनकी समृद्धि और उनके हितों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद और सकारात्मक सोच के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि बाबा टिकैत के संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेकर किसान समाज की एकता और भाईचारे को और मजबूत किया जाए। किसानों के हितों को लेकर सभी को मिलकर काम करना होगा। किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
किसान भवन में आयोजित कार्यक्रम में बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के जीवन और किसान आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत केवल किसानों के नेता नहीं थे, बल्कि उन्होंने देश के मेहनतकश किसान को अपनी आवाज और अधिकारों के लिए खड़े होने का आत्मविश्वास दिया। उनका संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत की विरासत को आगे बढ़ाने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि किसानों के हितों की आवाज को मजबूती से उठाया जाए और समाज में आपसी भाईचारा एवं सौहार्द कायम रखा जाए।
अंत में राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को नमन करते हुए कहा कि किसानों के अधिकार और सम्मान के लिए उनका संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा। बाबा टिकैत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को किसान, गांव और समाज के हित में काम करने की प्रेरणा देता रहेगा।
बाबा महेंद्र सिंह टिकैत को सादर नमन।
उल्लेखनीय है कि आज *6 अक्टूबर* को किसानों के मसीहा और भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक *बाबा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत जी की 91वीं जयंती* है।
*पूरा समाचार:*
– *जन्म:* 6 अक्टूबर 1935, गांव सिसौली, मुजफ्फरनगर। पिता चौ. चौहल सिंह और माता मुख्त्यारी देवी। 8 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद बालियान खाप के चौधरी बने।
– *निधन:* 15 मई 2011 को हड्डी के कैंसर से।
– *पहचान:* सफेद कुर्ता, गांधी टोपी, कमर पर गमछा, हवाई चप्पल और हुक्का उनकी सादगी की पहचान थी। वे किसी भी राजनीतिक दल को अपने मंच पर नहीं आने देते थे।
*आज सिसौली में जयंती कार्यक्रम:*
मुजफ्फरनगर के सिसौली स्थित किसान भवन में 4 से 6 अक्टूबर तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ चल रहा है, जिसका भोग आज 6 अक्टूबर को होगा। इसके बाद विशाल गुरु का लंगर और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। 5f87
भाकियू के पदाधिकारियों और दूर-दूर से आए किसानों ने इस मौके पर बाबा टिकैत के किसान आंदोलनों को याद किया। 1988 में दिल्ली के बोट क्लब पर 5 लाख किसानों को इकट्ठा कर गन्ना मूल्य, बिजली दरों और कर्जमाफी की मांग वाला उनका ऐतिहासिक आंदोलन आज भी याद किया जाता है।
चौधरी साहब को सच्ची श्रद्धांजलि उनके बताए रास्ते – 36 बिरादरी की एकता और किसानों के हक की लड़ाई को आगे बढ़ाना है।
