NHM संविदा कर्मचारियों ने राकेश टिकैत से मांगा सहयोग, कहा—10 वर्षों से लिखित समझौतों के बावजूद मांगें लंबित
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NHM संविदा कर्मचारियों ने राकेश टिकैत से मांगा सहयोग, कहा—10 वर्षों से लिखित समझौतों के बावजूद मांगें लंबित
मुजफ्फरनगर, 2 अक्टूबर।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज 2 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत से मुलाकात कर एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की वर्षों से लंबित समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने में सहयोग का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने किया। उन्होंने चौधरी राकेश टिकैत को बताया कि संगठन पिछले लगभग 10 वर्षों में अपनी मांगों को लेकर पांच से अधिक बार आंदोलन कर चुका है। प्रत्येक आंदोलन के दौरान शासन एवं अधिकारियों की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त कर अपने कार्यों पर वापसी की, लेकिन संगठन के अनुसार उन लिखित आश्वासनों में से अनेक मांगें आज भी पूरी नहीं हुई हैं।
डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर 10 प्रतिशत लॉयल्टी बोनस दिए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन कई वर्षों के प्रयास के बावजूद इस मांग पर अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
डॉ. सुधा गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बजट की कमी का हवाला दिया जाता रहा है, जबकि संगठन का आरोप है कि कर्मचारियों के हित में केंद्र सरकार से प्राप्त बजट का भी पूर्ण उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए कई वर्षों तक राज्य को मिलने वाले लगभग 3 प्रतिशत अतिरिक्त बजट के संबंध में भी संगठन ने लगातार मांग उठाई, लेकिन उनके अनुसार यह बजट वापस किए जाने के बाद बाद में केंद्र से ऐसी राशि मिलना भी बंद हो गया।
जिला महिला चिकित्सालय के संजय कुमार ने बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों के सापेक्ष भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त अंक दिए जाने संबंधी आदेश जारी किए जाने की बात कही गई थी और इसके लिए दो माह का समय बताया गया था। लेकिन संगठन के अनुसार आज तक यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इस इंतजार के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों की आयु सीमा भी पार हो चुकी है।
डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व हुए समझौते में उत्तर प्रदेश के एनएचएम संविदा कर्मचारियों को अन्य राज्यों में दिए जा रहे समकक्ष लाभ एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन संगठन के अनुसार इस संबंध में भी अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रतिनिधिमंडल ने चौधरी राकेश टिकैत से आग्रह किया कि वे एनएचएम संविदा कर्मचारियों की इन समस्याओं को प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष उठाने में सहयोग करें, ताकि लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय हो सके।
प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनने के बाद चौधरी राकेश टिकैत ने कर्मचारियों को सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी दिनों में स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात होने पर एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं एवं उनके हितों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
चौधरी राकेश टिकैत ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है और आगे भी कर्मचारियों के साथ संवाद एवं सहयोग जारी रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. सचिन जैन, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. वेद भूषण, डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. सुधा गुप्ता, डॉ. अनिल कौशिक, संजय कुमार, नर्सिंग ऑफिसर रविंद्र कुमार, अखिलेश कुमार नागर, सुनील कुमार, राहुल नौसनिया सहित अन्य एनएचएम संविदा कर्मचारी शामिल रहे।


