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May 8, 2026

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उत्तर रेलवे की रेल परिचालन और यात्री सेवाओं में

1 min read

उत्तर रेलवे की रेल परिचालन और यात्री सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियों की पूरे देश में हो रही प्रशंसा

नई दिल्ली 2 अप्रैल प्राप्त समाचार के अनुसार

उत्तर रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 के दौरान रेल परिचालन और यात्री सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इस वर्ष नई रेल सेवाऐं शुरू की गई, मौजूदा सेवाओं की यात्री वहन क्षमता में वृद्धि की गई,जो यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी और सुविधा में सुधार पर उत्तर रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-2025 के दौरान उत्तर रेलवे के नेटवर्क में कुल सात नई ट्रेनें, (दो वंदे भारत और पांच एक्सप्रेस ट्रेनें) शामिल की गईं। अधिक गंतव्यों को कवर करने के लिए छह ट्रेनों (चार एक्सप्रेस और दो पैसेंजर ट्रेनें) को यात्रा विस्तार भी दिया गया। तीन रेलगाड़ियों के फेरों में वृद्धि की गई। जिससे यात्रियों को अधिक यात्रा विकल्प मिलने से लाभ हुआ। वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, वंदे भारत ट्रेनों के चार सेटों की यात्री क्षमता 16 डिब्बों से बढ़ाकर 20 डिब्बों तक कर दी गई, जबकि एक सेट की क्षमता 8 डिब्बों से बढ़ाकर 16 डिब्बों तक कर दी गई। विशेष रेलगाड़ियों के परिचालन में तेजी से वृद्धि हुई । उत्तर रेलवे परिक्षेत्र पर कुल 13,658 विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जो पिछले वर्ष की 4,487 रेलगाड़ियों की तुलना में काफी अधिक है। इनमें ग्रीष्म एवं शीतकालीन अवकाश, होली, दिवाली व छठ-पूजा इत्यादि पर्वों के दौरान चलाई गई रेलगाड़ियां शामिल हैं। विशेष रेलगाड़ियों की संख्या में वृद्धि से यात्रियों के आवागमन में सुधार हुआ, जिसमें शरदकालीन अवकाश विशेष रेलगाड़ियों की सेवाओं में 50.18% और होली स्पेशल रेलगाड़ियों की सेवाओं में 46.29% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

तीर्थयात्रियों की मांगों को पूरा करते हुए उत्तर रेलवे ने महाकुंभ के लिए

श्रद्धालुओं के परिवहन को कुशलतापूर्वक संभाला, इसी क्रम में उत्तर रेलवे परिक्षेत्र पर (01.01.2025 से 06.03.2025 तक) विभिन्न क्षेत्रों से प्रयाग क्षेत्र तक कुल 2,433 महाकुंभ विशेष ट्रेनें चलाई गईं। इसके अलावा, 142 भारत गौरव ट्रेनें चलाई गईं, जो सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के विकास में उत्तर रेलवे के योगदान को दर्शाती हैं।

महाप्रबंधक ने कहा कि कोच बढ़ाने की पहल के परिणामस्वरूप उत्तर रेलवे के स्वामित्व वाली 25 जोड़ी ट्रेनों में 64 कोच जोड़े गए, जिससे वर्ष 2024-25 के दौरान 9662 अतिरिक्त फेरे लगाए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 316% अधिक है। आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) रेक को एलएचबी (लिंके हॉफमैन बुश) रेक में बदलने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें बेहतर सुरक्षा और आराम के लिए 9 जोड़ी ट्रेनों को अपग्रेड किया गया। रेक का मानकीकरण एक अन्य प्राथमिकता वाला क्षेत्र था, जिसमें उत्तर रेलवे की 37 जोड़ी रेलगाड़ियों को मानकीकृत किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 147% अधिक है। इसके अलावा, 41 जोड़ी ट्रेनों में 88 सामान्य श्रेणी के कोच जोड़े गए, जिससे अनारक्षित श्रेणियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा हुई।

रेल संचालन में उत्तर रेलवे की प्रगति ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और बढ़ती यात्रा जरूरतों से निपटने के लिए इसके निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। ये विकास भारत की रेल प्रणाली को आधुनिक बनाने और रेलवे परिचालन में समग्र दक्षता बढ़ाने के इसके इरादे का सबूत हैं।

(हिमांशु शेखर उपाध्याय)

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

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नई दिल्ली, 02 अप्रैल 2025

उत्तर रेलवे ने दर्ज की राजस्व अर्जन में रिकॉर्ड वृद्धि

उत्तर रेलवे ने 23,719.41 करोड़ रुपये का कुल मूल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.05% अधिक

उत्तर रेलवे ने यात्री सुविधा और प्रौद्योगिकी उन्नयन पर ध्यान केंद्रित करते हुए राजस्व सृजन के सभी क्षेत्रों में रिकॉर्ड वृद्धि हासिल करके वित वर्ष 2024-25 को अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अध्याय के रूप में दर्ज किया है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि बेहतर समन्वय का प्रदर्शन करते हुए, उत्तर रेलवे ने 23,719.41 करोड़ रुपये का कुल मूल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.05% अधिक है। यह उपलब्धि यात्री सेवाओं, माल ढुलाई और परिचालन दक्षता में नए रिकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में किए गए प्रभावशाली प्रदर्शन से संभव हो पायी । महाप्रबंधक ने बताया कि यात्री राजस्व से 12,850.38 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.03% अधिक है। 55.67 मिलियन टन माल की ऐतिहासिक लोडिंग के चलते, माल लदान से होने वाला राजस्व पिछले वर्ष से 16.13% बढ़कर 7,757.49 करोड़ रुपये हो गया ।

पारंपरिक राजस्व अर्जन उपायों से अलग, उत्तर रेलवे ने गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue) के माध्यम से नए अवसरों को खोला है। वर्ष 2024-25 के दौरान उत्तर रेलवे ने पार्किंग से 64.44 करोड़ रुपये कमाए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 39% अधिक है, जबकि खानपान से राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 10.73% बढ़कर 419.54 करोड़ रुपये हो गया। रेलवे ने आधुनिक वाणिज्यिक रणनीतियों को भी अपनाया, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नामकरण अधिकारों के लिए अनुबंध प्रदान किए, हरिद्वार और शाहजहांपुर स्टेशनों पर भारत की पहली ईवी चार्जिंग और पार्किंग सुविधाएं शुरू कीं, और यात्रियों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रमुख केंद्रों पर मेडिकल आउटलेट और पार्सल सेवाएं स्थापित कीं।

रेल यात्रियों की सेवा के लिए समर्पित, उत्तर रेलवे ने महाकुंभ मेला 2025 के लिए विशेष पहल शुरू की, जिसके तहत लखनऊ मंडल में तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर खानपान और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई। डिजिटलीकरण एक गेम चेंजर के रूप में अस्तित्व में आया, काउंटरों पर क्यूआर कोड, 117 एटीवीएम कियोस्क बनाए गए, जिससे टिकट लेना आसान हो गया।

जैसे-जैसे उत्तर रेलवे उपलब्धियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसका जोर बुनियादी ढांचे के उन्नयन, हरित पहल और अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से विकास को बनाए रखने पर है। उत्तर रेलवे लोगों को एक साथ लाने और प्रगति को बढ़ावा देने की विरासत के साथ, यह क्षेत्र रेलवे नेटवर्क में उत्कृष्टता के मानक स्थापित करना जारी रखता है।

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(हिमांशु शेखर उपाध्याय)

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

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