लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था और जिलाधिकारी की सोच
1 min read
लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था और जिलाधिकारी की सोच
लखनऊ 6 फरवरी प्राप्त समाचार के अनुसार शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने व सड़क सुरक्षा बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य आज कलेक्ट्रेट सभागार में DM विशाख जी0 द्वारा ऑनलाइन रोड कटिंग परमिशन सिस्टम (ORCPS) का प्रेजेंटेशन किया गया। उक्त प्रेजेंटेशन में नगर निगम, जल कल, लिख निर्माण विभाग, विद्युत विभाग सहित विभिन्न सरकारी व निजी टेलीकॉम सेवा प्रदाता के प्रतिनिधियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
प्रेजेंटेशन के दौरान जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि आम जनमानस को सुगम यातायात व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद लखनऊ मे विभिन्न विभागों की अनुरक्षित सड़कों पर विभागों / कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा विभागीय कार्य हेतु सड़कों की खुदाई (रोड कटिंग) की अनुमति हेतु एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से विभागीय कार्य हेतु रोड कटिंग की अनुमति ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से समयानुसार प्राप्त की जा सकेगी। यह NIC द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर है जिसको सर्वप्रथम जनपद कानपुर में इंप्लीमेंट किया गया था। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य रोड कटिंग के समय विभागों में के अंतर विभागीय समन्वय बनाए रखना एवं समस्त अनापत्तियां क्रमबद्ध रूप में ऑनलाइन प्रणाली से दिया जाना है। इस पोर्टल को अभी शहरी क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। शहरी क्षेत्र की मेन रोड्स पर यदि किसी भी विभाग या निजी संस्था को रोड कटिंग करनी है तो रोड कटिंग से पहले उसे पोर्टल पर अनुमति लेना अनिवार्य हैं। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अनुमति जारी करने की समय सीमा 7 दिवस की होगी।
प्रेजेंटेशन के दौरान जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि रोड कटिंग की अनुमति के लिए नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी श्री अमित कुमार होंगे। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर रोड कटिंग की अनुमति का आवेदन करने के लिए आवेदनकर्ता संस्था/विभाग को आवेदनकर्ता अधिकारी का नाम, मोबाइल नम्बर, कब से कब तक की अनुमति चाहिए है समय सीमा का विवरण, रोड कटिंग के स्टार्टिंग प्वाइंट से एंड प्वाइंट तक के लेटलॉन्ग कोआर्डिनेट, किस विभाग की सड़क की कटिंग करना है आदि विवरण दर्ज कराने होंगे। आवेदन के बाद आवेदन को सम्बन्धित विभाग जिसकी रोड है उसको NOC के लिए और ट्रैफिक पुलिस को NOC के लिए ऑनलाइन पोर्टल से हीअग्रसारित हो जाएगा। संबंधित विभाग स्थलीय निरीक्षण के पश्चात अपनी अपनी NOC देना सुनिश्चित करेंगे। कोई विभाग यदि रोड कटिंग के उपरांत उसकी मरम्मत हेतु धनराशि की डिमांड करते है, तो देय धनराशि जमा करने के उपरांत विभाग द्वारा NOC दी जाएगी। जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा रोड कटिंग की अनुमति जारी की जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि 11 फरवरी से 21 फरवरी तक पोर्टल का ट्रायल रन किया जाएगा। जिसके बाद मार्च से इसको लॉन्च करने की योजना बनाई जा रही है। पोर्टल लॉन्च के बाद किसी भी विभाग/संस्था द्वारा रोड कटिंग करने हेतु इस पोर्टल के माध्यम से अनुमति प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा।जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि विद्युत विभाग और जल कल विभाग के लिए इमरजेंसी एथोराइजेशन का आप्शन भी दिया जा रहा है। ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में कार्य बाधित न होने पाए।
उक्त बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी कानपुर, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी लखनऊ सहित विभिन्न विभाग एवं टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। लखनऊ के जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था को सुचारु करने हेतु स्वयं कमान संभाली है उम्मीद की जा रही है कि जिलाधिकारी लखनऊ के प्रयासों से लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक बेहतर होगी क्योंकि जिलाधिकारी लखनऊ इस और गंभीरता से सोच रहे हैं ताकि लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक बेहतर हो सके जिलाधिकारी लखनऊ ने इस संबंध में आम जनता से भी सहयोग की अपील की है ताकि लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर किया जा सके जिलाधिकारी लखनऊ की इस पहल की पूरे लखनऊ में जोरदार प्रशंसा की जा रही है वास्तव में जिलाधिकारी लखनऊ का यह कदम बहुत ही सराहनीय है इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है
