श्री राम कॉलेज मुजफ्फरनगर में
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श्री राम कॉलेज मुजफ्फरनगर में
ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला (2026–27) का भव्य आयोजन संपन्न
मुजफ्फरनगर 14 मई प्राप्त समाचार के अनुसार विगत दिवस
ललित कला विभाग, श्री राम कॉलेज, मुज़फ्फरनगर में राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय कला मंच, मेरठ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला (2026–27) का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रांत सह-संगठन मंत्री, राष्ट्रीय कला मंच, मेरठ प्रांत श्री अनुज श्रीवास्तव, राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के सदस्य श्री अभिनवदीप जी, श्री राम कॉलेज की प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल, ललित कला विभाग के निदेशक डॉ. मनोज धीमान, श्री मनोज कुमार सिंह (मेरठ प्रांत) सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम में श्रीमती मीनाक्षी काकरान (विभागाध्यक्ष, ललित कला), श्रीमती रीना त्यागी, श्री मयंक सैनी, श्री रजनीकांत, मानसी नामदेव तथा अनेक छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अनुज श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय कला मंच युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने हेतु एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, नुक्कड़ नाटक, फिल्म डॉक्यूमेंट्री, फोटोग्राफी एवं पेंटिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के सदस्य श्री अभिनवदीप जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय कला मंच समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने वाले प्रत्येक युवा एवं कलाकार को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर तत्पर है।
श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय कला मंच कला के माध्यम से समाज की आवाज़ को बुलंद करने का कार्य करता है। कैनवास, रंगोली, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य रचनात्मक विधाओं के माध्यम से कलाकार अपने विचारों और भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से समाज तक पहुँचा सकते हैं।
ललित कला विभाग के निदेशक डॉ. मनोज धीमान ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि मुज़फ्फरनगर जनपद में आयोजित होने वाली ग्रीष्मकालीन कला कार्यशालाओं हेतु केवल दो संस्थानों का चयन किया गया है, जिनमें श्री राम कॉलेज का ललित कला विभाग भी सम्मिलित है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला कला प्रेमियों एवं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी कला को पर्याप्त समय, समर्पण एवं निरंतर अभ्यास देंगे, तो कला उन्हें जीवन में नई पहचान एवं ऊँचाइयाँ प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि कला मनुष्य के विचारों एवं भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है और कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


