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June 23, 2026

Suraj Kesari

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जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने खालापार स्थित तालाबों, नवीन एसटीपी एटूजेड प्लांट का किया निरीक्षण जनहित में दिए कड़े निर्देश।

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मुजफ्फरनगर 5 दिसंबर दैनिक सूरज केसरी समाचार पत्र की विशेष कवरेज के अनुसार अपने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनका निदान करने के पश्चात मुजफ्फरनगर जनपद के जिला अधिकारी आईएएस श्री उमेश मिश्रा अचानक खालपार स्थित ए टू जैड प्लांट तालाबों पर पहुंच गए और पूरे प्लांट का काफी देर तक निरीक्षण करते रहे और संबंधित अधिकारियों को जनहित में कई निर्देश और आदेश भी जारी किए पूरे शहर मुजफ्फरनगर की सीवर लाइन का पानी इसी ए टू जैड प्लांट में आता है और यहीं से पानी को फिल्टर किया जाता है

यहां पर नमामि गंगे के अंतर्गत कार्य किया जा रहा है कार्य में शिथिलता तो नहीं है इसी को देखने के लिए आज अपने कार्यालय से अचानक ही जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा खालापार स्थित ए टू जैड प्लांट में पहुंचे और प्रत्येक मशीनरी के कार्य का निरीक्षण किया और कहा कि जनहित में सभी कार्य तीव्र गति से किए जाने चाहिए किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ए टू जैड प्लांट में कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने विस्तार पूर्वक वार्ता की और उन्हें निर्देशित भी किया और कहा कि सभी कार्य मानकों के अनुरूप नियमानुसार अनुसार होने चाहिए और शासन की योजनाओं के अनुसार शासन की मंशा अनुसार ही कार्यों को अंजाम दिया जाना चाहिए उल्लेखनीय है कि जब से खालापार क्षेत्र में यह ए टू जैड का प्लांट लगा है तब से आज तक मुजफ्फरनगर जनपद के कोई भी जिलाधिकारी इस प्लांट का निरीक्षण करने नहीं गए हैं परंतु जनहित से जुड़े इस ए टू जैड प्लांट का निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा इस प्लांट में पहुंचे और सभी कार्यों को बहुत ही गंभीरता पूर्वक निरीक्षण किया और मौके पर ही कड़े निर्देश भी जारी किए इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट श्री विकास कश्यप और नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अधिशासी अधिकारी श्रीमती प्रज्ञा सिंह सहित कई संबंधित अधिकारी ए टू जैड प्लांट में मौजूद रहे ए टू जैड प्लांट की विस्तार पूर्वक जानकारी नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अधिशासी अधिकारी श्रीमती प्रज्ञा सिंह ने जिला अधिकारी मुजफ्फरनगर श्री उमेश मिश्रा को दी और इस प्लांट की प्रगति और कार्यों के बारे में भी बताया इस प्लांट में सीवर लाइनों का पानी फिल्टर किया जाता है और उसे पानी को विभिन्न कार्य हेतु प्रयोग भी किया जाता है

मुजफ्फरनगर जनपद का यह सबसे बड़ा प्लांट है और इस प्लांट को तालाब भी कहा जाता है इस प्लांट के चारों ओर धनी आबादी है उसे भी जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने देखा और आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए ए तो जेड प्लांट में मौजूद इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों ने जिला अधिकारी श्री उमेश मिश्रा को इस प्लांट के बारे में इसके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी कुल मिलाकर जैसे ही जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ए टू जैड प्लांट में पहुंचे तो वहां पर एक प्रकार से हड़कंप ही मच गया

उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्र लगातार मुजफ्फरनगर जनपद के चौमुखी विकास हेतु युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं और खास तौर पर शुक्रतीर्थ के विकास के लिए बहुत ही गंभीर हैं हाल ही में शुक्र तीर्थ के बारे में स्वामी ओमानंद जी महाराज ने जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा को शुक्रताल से संबंधित साहित्य भी प्रदान किया था और वहां के विकास के बारे में विचार विमर्श भी किया था पूरे जनपद मुजफ्फरनगर को आशा है कि जिस प्रकार जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा मुजफ्फरनगर जनपद में आम जनमानस की समस्याओं के निस्तारण के साथ-साथ जनपद के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं भविष्य में मुजफ्फरनगर जनपद का चौमुखी विकास संभव हो पाएगा और जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में शुक्र तीर्थ धाम अपनी पहचान पूरे विश्व में बनाने में सफल हो जाएगा क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार के मंशा अनुसार जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्र लगातार समस्त योजनाओं को क्रियान्वित करने हेतु बहुत ही गंभीर हैं और युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं इसी के साथ-साथ शुक्रतीर्थ के विकास हेतु भी जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्र लगातार प्रयासरत हैं और तेजी के साथ शुक्रतीर्थ के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं थोड़े समय में ही जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने मुजफ्फरनगर जनपद के नागरिकों का दिल जीत लिया है और सभी आज जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा की दिल खोल कर सरहाना कर रहे हैं

*जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्र ने आज नवीन एस०टी०पी० का किया निरीक्षण।*
जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने आज शहर मुजफ्फरनगर में किदवईनगर में 32.5 एमएलडी क्षमता का एस.बी. आर. तकनीकी पर आधारित नवीन एस०टी०पी० का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद, उ०प्र० जल निगम एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारीगण उपस्थित रहे। उक्त एस०टी०पी० की कुल निर्माण लागत 91.00 करोड है। उक्त एस०टी०पी० उ०प्र० जल निगम द्वारा संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एस०टी०पी० की इकाईयां मात्र आआंशिक रूप से संचालित पायी गयी। उक्त एस०टी०पी० में शहर के 04 प्रमुख नालों में जनित सीवेज का शुद्धिकरण किया जाना प्रस्तावित है, परन्तु वर्तमान में मात्र 02 नालों को ही एस०टी०पी० से जोड़ा गया है, जिससे वर्तमान में एस०टी०पी० में सीवेज का कुल फ्लो 4.5 एमएलडी ही शुद्धिकृत किया जा रहा है, शेष 28 एमएलडी का फ्लो शेष 02 नालों के माध्यम से एस०टी०पी० में शुद्धिकृत किया जाना है, परन्तु दोनों ड्रेन (खादरवाला ड्रेन एवं कृष्णापुरी ड्रेन) एस०टी०पी० से टैप नहीं की गयी है। अतः वर्तमान में एस०टी०पी० मात्र 14 प्रतिशत क्षमता पर ही संचालित किया जा रहा है, जिस कारण एस०टी०पी० की समस्त इकाईयां भी पूर्णरूपेण Stabilize नहीं हो पायी हैं।

एस०टी०पी० में सीवेज के शुद्धिकरण के उपरान्त आंशिक रूप से शुद्धिकृत सीवेज/अशुद्धिकृत सीवेज नाले के माध्यम से काली नदी पश्चिमी में निस्तारित हो रहा है, जो कि जल प्रदूषण अधिनियम का उल्लंघन है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निस्तारित किये जा रहे जल का नमूना भी एकत्रित किया गया, जिसको प्रयोगशाला में जमा कराया गया है। जल निगम द्वारा दिये गये प्रस्ताव के अनुसार उक्त एस०टी०पी० का निर्माण एवं संचालन जून 2023 तक किया जाना था, परन्तु वर्तमान तक भी एस०टी०पी० को पूर्ण रूप से संचालित नहीं किया गया है। उपरोक्त कमियों के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा असंतोष व्यक्त करते हुए जल निगम के अधिकारियों को तत्काल पाई गई कमियों का निराकरण किये जाने तथा एस०टी०पी० के सतत् संचालन हेतु निर्देश दिये गये तथा उ०प्र० जल निगम एवं सम्बन्धित ठेकेदार से इस क्रम में स्पष्टीकरण भी मांगे जाने हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया है।

जिलाधिकारी द्वारा एस०टी०पी० के संचालन हेतु अधिकृत एजेन्सी को यह भी निर्देश दिये गये कि एस०टी०पी० से शुद्धिकृत हो रहे सीवेज को नदी में निस्तारित न करते हुए विभिन्न प्रक्रियाओं जैसे टैंकर द्वारा डस्ट सप्रेशन हेतु वाटर स्प्रिंकलिंग, सिंचाई, निर्माण परियोजनाओं में उपयोग आदि में ही प्रयोग किया जाये एवं मात्र आवश्यकता पड़ने पर ही नदी में निस्तारित किया जाये। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा एस०टी०पी० के आसपास जनित स्लज/कूड़े का उचित प्रकार से निस्तारण किये जाने हेतु अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद को निर्देशित किया गया।

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