मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार एवं जिलाधिकारी ने किया माँ शाकुम्भरी
*मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार एवं जिलाधिकारी ने किया माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय की जलभराव की समस्या के निदानार्थ निरीक्षण*
*शीघ्रातिशीघ्र समस्या के निस्तारण के दिए निर्देश*
*जल निकासी की वर्तमान व्यवस्था, नालियों एवं ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति के संबंध में ली जानकारी*
*जलभराव के कारण विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आमजन को किसी प्रकार की न हो असुविधा*
*जल निकासी मार्गों की सफाई नियमित रूप से की जाए सुनिश्चित*
सहारनपुर, 23 अगस्त,
मण्डलायुक्त डाॅ0 रूपेश कुमार एवं जिलाधिकारी श्री अरविन्द कुमार चौहान द्वारा माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय की जलभराव की समस्या निदानार्थ निरीक्षण किया गया।
मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में परामर्शी संस्था यू0पी0पी0सी0एल0, जिसके द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया था, जल निकासी के पूर्ण प्रोजक्ट की विस्तृत जानकारी मांगी गयी। इसके बाद यू0पी0पी0सी0एल0 ए0ई0 आकाश कुमार द्वारा प्रोजेक्ट के बारे मे विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी गयी साथ ही वर्तमान में विश्वविद्यालय के अधिकारियों से पानी की निकासी किस प्रकार की जा रही हैं, पर जानकारी मांगी गयी, जिसके लिये कुलसचिव माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय श्री कमल कृष्ण एवं विश्वविद्यालय अभियन्ता श्री विवेक सिंह पुंडीर द्वारा पम्पिंग सैट के माध्यम से पानी निकासी एवं 02 मोटर खरीदने की कार्यवाही प्रचलन में हैं, की जानकारी दी गयी। साथ ही विश्वविद्यालय अभियन्ता द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि वर्तमान में जो मेन रोड़ की पानी की निकासी की जा रही है, जिलाधिकारी द्वारा शीघ्रातिशीघ्र इस समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया। जल भराव की समस्या के निस्तारण के लिए बनाई गई स्थाई कार्ययोजना का ले आउट प्लान देखकर प्रगति को जाना।
तदोपरान्त समस्त अधिकारियों एवं कुलपति ने पुवांरका ग्राम में स्थित नवनिर्मित पुलिया का निरीक्षण किया जहाँ पर मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा शीघ्र ही सम्पूर्ण नाले की सफाई कराने का आश्वासन प्रदान किया एवं वर्तमान में पुलिया के समीप जो अतिरिक्त मिट्टी थी उसको तत्काल प्रभाव से जे0सी0बी0 के माध्यम से हटवाया गया, जिससे जल प्रवाह मार्ग अवरूद्ध ना हो।
इस मौके कुलपति प्रोफेसर विमला वाई, मुख्य विकास अधिकारी श्री सुमित राजेश महाजन, एस0डी0एम0 सदर श्री सुबोध कुमार सहित समस्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।
