किसानों का जबरदस्त प्रदर्शन:कचरे की आड़ में मुजफ्फरनगर में लौट रहा है
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किसानों का जबरदस्त प्रदर्शन:कचरे की आड़ में मुजफ्फरनगर में लौट रहा है माफिया राज यह लड़ाई नस्ल बचाने की है* धर्मेंद्र मलिक
*मुजफ्फरनगर 3 जनवरी प्राप्त समाचार के अनुसार भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता वरिष्ठ किसान नेता धर्मेंद्र मलिक के नेतृत्व में आज मुजफ्फरनगर में बड़ी संख्या में किसानों ने कचहरी जाकर कचरा माफियाओं के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया और नारेबाजी भी की इस दौरान श्री धर्मेंद्र मलिक अपने गले में रंगदारी की तख्ती डालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी पहुंचे और बयान जारी किया धरना प्रदर्शन में गठवाला खाप के कई बड़े पदाधिकारी भी पहुंचे और जोरदार भाषण बाजी की और कहा कि धर्मेंद्र मलिक के साथ पूरे देश का किसान खड़ा है धर्मेंद्र मलिक अकेले नहीं है बिजनौर आदि जनपदों से भी किसान बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचे एवं मुजफ्फरनगर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से किसान प्रदर्शन में शामिल हुए और जोरदार प्रदर्शन किया इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर सिटी कप्तान श्री सत्यनारायण प्रजापत भी आए और उन्होंने किसानों को काफी समझाया और कहा कि धरना प्रदर्शन से आम जनमानस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है कई बार तो एंबुलेंस की भीड़ में फंस जाती है जिससे मरीज को खतरा हो जाता है सिटी कप्तान सत्यनारायण प्रजापत ने किसानों को यह भी कहा कि वह कानून अपने हाथ में ना लें और कानून के दायरे में ही अपना कार्य करें भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने अपने बयान में कहा कि आपराधिक मुकदमों में नामजद लोगो को ट्रांसपोर्टस का चोला पहनाकर आगे कर रहे है पेपर मिल मालिक* सुधीर पंवार जिलाध्यक्ष
*दो दशक पहले भी सरकंडे को लेकर पेपर उद्योग से जुड़े लोग करा चुके है जनपद में गैंगवार* कुशलवीर ठाकुर
*कल माफियाओं ने रची थी मेरे ऊपर हमले की साजिश
मुजफ्फरनगर के नागरिकों को बचाने के लिए अगर मेरी हत्या भी हो जाय तो कोई डर नहीं* धर्मेंद्र मलिक
मुजफ्फरनगर- मुजफ्फरनगर में RDF के नाम पर कूड़ा, कचरे जलाया जाना प्रतिबंध के बावजूद भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले एक सप्ताह से रोज नागरिक इस तरह की गाड़ियों को पकड़कर विभाग को सूचना दे रहे है। आज तक RDF के उपयोग को लेकर कोई दिशानिर्देश राज्य सरकार की ओर से जारी नहीं किए गए है। कोई सरकारी अधिकारी, उद्योगपति कागज पर बात नहीं कर रहा है।
प्रतिबंधित गाड़ियों को रोकने में प्रशासन नाकाम है। नागरिक अगर अपने कर्तव्य का पालन करते है तो विभागीय अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे है। नागरिकों को कर्तव्य पालन करने में जान से मारने की धमकी दी जाती है। मुजफ्फरनगर के नागरिक इस कचरे से नार्कीय जीवन जीने को मजबूर है। लोगो में अस्थमा, त्वचा रोग जैसी बीमारी बढ़ रही है।
दिल्ली, नोएडा में हजारों उद्योग होने के बाद मुजफ्फरनगर के बराबर प्रदूषण है जबकि मुजफ्फरनगर में उद्योग की संख्या सैकड़ों की है।
अब मुजफ्फरनगर में बंदूक की नोक पर कचरे का परिवहन होगा इसका उदाहरण कल मेरे साथ हुई घटना से लगाया जा सकता है। कचरा माफिया इसके परिवहन को लेकर किसी नागरिक की हत्या भी कर सकते है
शायद मुजफ्फरनगर के लोगों को ध्यान होगा कि दो दशक पहले भी पेपर उद्योग से जुड़े लोगों द्वारा गैंगवार को बढ़ावा दिया गया था। यह एक लम्बी लड़ाई है।
इसको सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ा जाएगा।
कचरा ढोने का कार्य अब अपराधियों को दिया गया है।
मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि इसके खिलाफ इक्कठा होकर लड़े यह आपकी आने वाली नस्लों को प्रदूषण से बचाने का संघर्ष है।
पेपर उद्योग आपका पानी, वायु, जमीन, स्वास्थ्य सब खराब कर चुका है। अगर आपको आने वाली नस्लों को बचाना है तो ऐसे लोगों के विरुद्ध संघर्ष करना होगा
यह किसान, मजदूर, अमीर, गरीब, व्यापारी सबकी लड़ाई है । इस संघर्ष में आपका सहयोग जरूरी है
इस संघर्ष में अगर मेरी जान भी चली जाय तो इसकी परवाह नहीं करता। प्रशासन अगर अपना कार्य नहीं करता तो नागरिकों का अभियान इसके विरुद्ध जारी रहेगा। इसमें संघर्ष में आप अपना योगदान जरूर दे।
मेरी अपील है कि आप इस लड़ाई को अंजाम तक लेकर जाए अन्यथा आगे आप इन माफियाओं के साथ लड़ नहीं पाओगे। संघर्ष अगर हारता हैं तो हमारी अगली पीढ़ी हार जाएगी
मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ लोग मेरे ऊपर ट्रकों से पैसे मांगने के आरोप लगा रहे है तो पुलिस जांच कर कार्यवाही करे अन्यथा आरोप लगाने वालों पर कार्यवाही करे वरिष्ठ किसान नेता धर्मेंद्र मलिक ने अपने बयान में काफी कुछ कहा एवं किसानों का भी आभार जताया


