लोकप्रिय चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल बोले – स्मार्ट मीटरों से बिलिंग पूर्णत
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लोकप्रिय चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल बोले – स्मार्ट मीटरों से बिलिंग पूर्णतः पारदर्शी एवं सटीक
मुजफ्फरनगर, 28 अगस्त।
जनपद मुजफ्फरनगर में विद्युत विभाग उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और बिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में विभाग ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाया और स्मार्ट मीटरों की सटीकता को परखने के लिए व्यापक परीक्षण किया। इस परीक्षण का परिणाम सकारात्मक रहा और इससे यह सिद्ध हो गया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह से भरोसेमंद एवं त्रुटिरहित हैं।
विद्युत विभाग के लोकप्रिय चीफ इंजीनियर श्री पवन कुमार अग्रवाल ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि विभाग उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी चिंता बिल की शुद्धता को लेकर रहती है। विभाग को समय-समय पर उपभोक्ताओं से शिकायतें प्राप्त होती हैं कि बिजली का बिल वास्तविक खपत से अधिक आ रहा है। इस समस्या का स्थायी समाधान स्मार्ट मीटर के रूप में सामने आया है।
उन्होंने बताया कि बीते माह विभाग ने जनपद के विभिन्न इलाकों में उपभोक्ताओं के घरों पर स्मार्ट मीटर और चेक मीटर स्थापित कर उनकी बिजली खपत की जाँच की। परीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दोनों मीटरों की रीडिंग में कोई भी अंतर नहीं पाया गया। इससे यह प्रमाणित हो गया कि स्मार्ट मीटर द्वारा दर्ज की जा रही खपत पूरी तरह से सटीक और विश्वसनीय है।
स्मार्ट मीटर की विशेषताएँ
स्मार्ट मीटर एक आधुनिक तकनीक पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है। इसमें रीयल टाइम डेटा कम्युनिकेशन की सुविधा मौजूद है। इस तकनीक की मदद से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की जानकारी समय-समय पर प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं, उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी रीडिंग देख सकते हैं। इससे उन्हें खपत की वास्तविक जानकारी मिलती रहती है और बिलिंग में किसी प्रकार की मानवीय त्रुटि की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा –
> “स्मार्ट मीटर तकनीक उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सटीक बिलिंग उपलब्ध कराने का सबसे बड़ा माध्यम है। यह उपभोक्ता और विद्युत निगम के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएगी।”
उपभोक्ताओं को लाभ
स परीक्षण के सफल परिणाम से यह स्पष्ट हो गया है कि स्मार्ट मीटर से जुड़े उपभोक्ताओं को अब किसी भी प्रकार की शंका रखने की आवश्यकता नहीं है। बिलिंग की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित हो गई है। इसका अर्थ यह है कि अब उपभोक्ता अपनी वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल का भुगतान करेंगे।
इसके अतिरिक्त स्मार्ट मीटर बिजली चोरी रोकने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। रीयल टाइम डेटा की वजह से विद्युत विभाग किसी भी असामान्य खपत को तुरंत पहचान सकता है। इससे राजस्व हानि में कमी आएगी और विभाग को उपभोक्ताओं को और अधिक बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।
चीफ इंजीनियर का मार्गदर्शन
इस अभियान के संबंध में बताया गया कि यह पूरा परीक्षण मुजफ्फरनगर जनपद के लोकप्रिय चीफ इंजीनियर श्री पवन कुमार अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में किया गया। उनके निर्देशन में विभाग लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रहा है, जिनसे उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, पारदर्शी और त्रुटिरहित सेवाएं प्राप्त हो सकें।
परीक्षण के दौरान विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने प्रत्येक उपभोक्ता के घर जाकर चेक मीटर और स्मार्ट मीटर की रीडिंग को बारीकी से परखा और उसका मिलान किया।
परीक्षण में सम्मिलित उपभोक्ताओं की सूची
क्रम सं. उपभोक्ता का नाम व पता स्वीकृत भार चेक मीटर से मिलान में पायी गयी स्थिति
1 श्री जयनारायण लाल पुत्र श्री बलवीर सिंह, शिवली लाइन, मुजफ्फरनगर 3 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
2 श्रीमती सुनीता गोयल पत्नी श्री अशोक कुमार, आवास विकास, मुजफ्फरनगर 2 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
3 श्री जुगलान, निवासी खालापार, जिला मुजफ्फरनगर 2 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
4 श्री किशन लाल, निवासी खालापार, जिला मुजफ्फरनगर 2 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
5 श्री सुधीर पाल पुत्र श्री रमेश, निवासी आवास विकास, मुजफ्फरनगर 2 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
6 श्री प्रमोद कुमार पुत्र श्री रामलाल, निवासी शामली रोड, मुजफ्फरनगर 2 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
7 श्री विपिन कुमार पुत्र श्री मुहर्रम, निवासी कचहरी रोड, मुजफ्फरनगर 2 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
8 श्री सुनील कुमार पुत्र श्री अजयकान्त, निवासी सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर 2 किलोवाट दोनों मीटरों की रीडिंग समान पायी गयी
भविष्य की योजनाएँ
चीफ इंजीनियर ने यह भी बताया कि विभाग आने वाले समय में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ेगा। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना तैयार की गई है। लक्ष्य है कि पूरे जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएँ, ताकि हर उपभोक्ता को पारदर्शी और सटीक बिलिंग का लाभ मिल सके।
उन्होंने अपील की कि उपभोक्ता इस आधुनिक तकनीक को सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएँ और विभाग के साथ सहयोग करें।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर विद्युत विभाग द्वारा किया गया यह परीक्षण इस बात का ठोस प्रमाण है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए पूर्णतः सटीक और सुरक्षित हैं। अब बिलिंग में किसी प्रकार की गड़बड़ी या मानवीय त्रुटि की कोई संभावना नहीं है। इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली भी और अधिक पारदर्शी बनेगी।
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