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August 5, 2026

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वंदे भारत ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने किया बड़ा बदलाव

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वंदे भारत ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने किया बड़ा बदलाव

 

गोरखपुर, 28 अगस्त 2025।

भारतीय रेल ने यात्रियों की बढ़ती मांग और सीटों की भारी भरकम ऑक्यूपेंसी को देखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रेक विस्तार का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में 31 जुलाई 2025 तक के आँकड़ों का गहन अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि मौजूदा कई वंदे भारत सेवाओं में कोचों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

यात्रियों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रही वंदे भारत ट्रेनों में कई मार्गों पर स्थिति ऐसी बन गई है कि अधिकांश सफ़रों में ट्रेनें शत-प्रतिशत भरी हुई चल रही हैं। कई बार प्रतीक्षा सूची इतनी लंबी हो जाती है कि यात्रियों को टिकट तक नहीं मिल पाते। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तीन 16 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच वाली रेक से और चार 08 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को 16 कोच वाली रेक से संचालित करने का निर्णय लिया है।

बढ़ती मांग ने दिखाई राह

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी तेज रफ्तार, आरामदेह सुविधाओं और समय की पाबंदी के चलते आज यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है। दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक इन ट्रेनों की मांग इतनी अधिक है कि कई बार बुकिंग खुलते ही सीटें भर जाती हैं। जुलाई 2025 तक के ऑक्यूपेंसी डेटा में पाया गया कि कई मार्गों पर औसत सीट भराव दर 110 प्रतिशत तक पहुँच गई। इसी वजह से यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कोच विस्तार को मंजूरी दी गई।

कहाँ-कहाँ होंगे बदलाव

रेलवे ने जिन ट्रेनों में कोच विस्तार का निर्णय लिया है, उनमें दक्षिण भारत की तीन प्रमुख सेवाएँ, उत्तर भारत की वाराणसी–देवघर सेवा, पूर्वी भारत की हावड़ा–राउरकेला सेवा और मध्य भारत की इंदौर–नागपुर सेवा शामिल हैं। विस्तार के बाद इन मार्गों पर यात्रियों को लगभग 10,000 अतिरिक्त सीटें प्रतिदिन उपलब्ध होंगी।

1. मंगलुरु सेंट्रल – तिरुवनंतपुरम सेंट्रल वंदे भारत (20631/20632)

यह ट्रेन अब 16 कोच की जगह 20 कोच वाली रेक से चलेगी। दक्षिण भारत के समुद्री किनारे वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

2. सिकंदराबाद – तिरुपति वंदे भारत (20701/20702)

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को जोड़ने वाली इस ट्रेन की मांग लंबे समय से बढ़ रही थी। अब यह भी 20 कोच वाली रेक से संचालित होगी।

3. चेन्नई एग्मोर – तिरुनेलवेली वंदे भारत (20665/20666)

तमिलनाडु के इस व्यस्त मार्ग पर अब ट्रेन की क्षमता बढ़ाकर 20 कोच कर दी जाएगी।

4. मदुरै – बेंगलुरु वंदे भारत (20671/20672)

अभी तक केवल 08 कोच वाली इस सेवा को अब दोगुना करते हुए 16 कोच कर दिया जाएगा।

5. देवघर – वाराणसी वंदे भारत (22499/22500)

धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस मार्ग पर अब यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। 08 कोच वाली यह सेवा अब 16 कोच से चलेगी।

6. हावड़ा – राउरकेला वंदे भारत (20871/20872)

पूर्वी भारत के इस औद्योगिक और सांस्कृतिक मार्ग पर भी ट्रेन को अब 16 कोच से संचालित किया जाएगा।

7. इंदौर – नागपुर वंदे भारत (20911/20912)

मध्य भारत की यह ट्रेन अब दोगुनी क्षमता के साथ यात्रियों की सेवा करेगी। यह भी 08 की जगह 16 कोच वाली रेक से चलेगी।

रेलवे की योजना और उपलब्धता

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही 20 और कोच रेक उपलब्ध होने वाले हैं। इनके आने के बाद न केवल मौजूदा सेवाओं में विस्तार किया जाएगा बल्कि नई वंदे भारत सेवाओं की शुरुआत भी की जा सकेगी। विस्तार कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे के पास एक अतिरिक्त 16 कोच रेक भी बच जाएगा, जिसे नई ट्रेन के लिए तैनात किया जाएगा।

यात्रियों को सीधा फायदा

इस विस्तार से यात्रियों को सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि वेटिंग टिकट की समस्या में बड़ी कमी आएगी। अब लोकप्रिय मार्गों पर अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सकेगी। इसके अलावा, अधिक कोच जुड़ने से ट्रेन में सफर का अनुभव भी आरामदायक होगा क्योंकि भीड़ कम बँटेगी।

रेल विशेषज्ञों का मानना है कि वंदे भारत का यह विस्तार रेलवे की यात्री-केंद्रित नीति की ओर संकेत करता है। यह पहली बार है जब किसी ट्रेन सेवा में लगातार बढ़ती ऑक्यूपेंसी के आधार पर इतनी तेज़ी से रेक विस्तार किया गया है।

भविष्य की तस्वीर

रेलवे मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि वंदे भारत कोचों के उत्पादन में भी तेजी लाई जाएगी। आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक रूटों पर वंदे भारत को उतारने की योजना है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि 2030 तक देश के लगभग हर प्रमुख मार्ग पर वंदे भारत या उसके उन्नत संस्करण उपलब्ध हों।

निष्कर्ष:

भारतीय रेल का यह निर्णय उन लाखों यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है जो अब तक टिकट न मिलने या लंबी प्रतीक्षा सूची के कारण परेशानी झेलते थे। कोच विस्तार से न केवल क्षमता बढ़ेगी बल्कि रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी। यात्रियों के बीच वंदे भारत की लोकप्रियता को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले वर्षों में यह ट्रेन भारत के रेलवे नेटवर्क की रीढ़ बनकर उभरेगी। समाचार संग्रह :लेखक/वरिष्ठ पत्रकार उमेश तिवारी गोरखपुर उत्तर प्रदेश

 

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