लोकप्रिय डीएम उमेश मिश्रा के प्रयासों से मिली सफलता
लोकप्रिय डीएम उमेश मिश्रा के प्रयासों से मिली सफलता, मुजफ्फरनगर को सी एम डैशबोर्ड मे प्राप्त हुयी चौथी रैंक।*मुजफ्फरनगर 10 अप्रैल प्राप्त समाचार के अनुसार
👉🏻 *माह मार्च के लिए जारी की गयी रैंक मे राजस्व में 8वी तथा डेवलपमेंट को 5 वी रैंक प्राप्त हुयी।*
👉🏻 *गत 2 माह से जनपद सी एम डैशबोर्ड की रैंकिग मे पिछड रहा था जनपद।*
👉🏻 *जनवरी में 55 रैंक एवं फरवरी में 10 रैंक से मार्च मे चौथी रैंक तक का सफर किया।*
*उत्तर प्रदेश शासन द्वारा माह मार्च 2025 के लिए सीएम डैशबोर्ड की रैंकिग जारी की गयी जिसमे जनपद को चौथी रैंक प्राप्त हुयी। ज्ञात हो कि गत माह में जनपद मुजफ्फरनगर की स्थिति काफी खराब रही है। जनवरी माह की समीक्षा में जनपद मुजफ्फरनगर की प्रदेश में 56वीं तथा फरवरी में 10 रैंक आयी थी जिस पर जिलाधिकारी महोदय श्री उमेश मिश्राा द्वारा लगातार प्रयास करने एवं नियमित रुप से विभागों के साथ बैठक कर समीक्षा की गयी।*
*मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार समस्त जनपदों की कार्य योजनाओं के अनुश्रवण के लिए एक शासन स्तर पर केन्द्रीयकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया जिसके लिए एकीकृत पोर्टल को सीएम डैशबोर्ड का नाम दिया गया। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं विभाग की योजनाओं परियोजनाओं में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी रैकिंग निश्चित की जा रही है। संबंधित विभाग के द्वारा इस पोर्टल पर अपने आंकडे भरे जाते है। सीएम डैशबोर्ड करीब 60 मापदंडों पर आधिरित है। जिसमें विकास और राजस्व आदि के आंकडे भी दिए जाते है। प्रदेश में विभिन्न विभगों की सेवाओं, योजनाओं आदि को ऑनलाइन इंटीग्रेट करते हुए मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ तैयार किया जाता है। सीएम डैशबोर्ड की प्रत्येक माह समीक्षा की जाती है। सीएम डैशबोर्ड को लेकर सितम्बर 2024 और अक्टूबर 2024 में जनपद की स्थिति काफी अच्छी रही है। इन दोनों माह में जनपद टॉपटेन की सूची में रहा है। सितम्बर माह में जनपद की प्रदेश में 5वीं रैंक आयी थी। वहीं रेवेन्यू में 6वीं और डेवलपमेंट में 17वीं रैकिंग आयी थी। वहीं अक्टूबर माह में 7वीं रैंक आयी थी। दिसम्बर माह की समीक्षा में मुजफ्फरनगर पूरे प्रदेश में 51वें स्थान पर आया था, लेकिन जनवरी माह की समीक्षा में जनपद मुजफ्फरनगर की प्रदेश में 56वीं रैंक आयी है।*
*अधिकारियों द्वारा विभिन्न कार्यों मे बडी लापरवाही बरती गयी जिस कारण जनपद टापटेन की सूची से बाहर हो गया जिस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा सख्त निर्देश देते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना, कृषि कार्य, स्ट्रीट लाइट, ग्राम उन्नति योजना, पशुटीकाकरण, पीएम पोषण योजना, दिव्यांगजन पेंशन में आधार फिडिंग, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, विकास कार्य, मनरेगा और राजस्व आदि की नियमित रुप से समीक्षा की गयी तथा मुख्य विकास अधिकारी को डेवलेपमेंट कार्याे तथा अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 को राजस्व एवं वसूली कार्याे के संबंध मे अपने स्तर पर सख्त निगरानी करते हुए साप्ताहिक समीक्षा किये जाने के निर्देश दिएं जिससे जनपद की स्थिति बेहतर हो सके। उसी का परिणाम स्वरुप आज जनपद को प्रदेश मे चौथी रैंक प्राप्त हुयी।*


