विश्व के सबसे बड़े और चमत्कारी धार्मिक आयोजन
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विश्व के सबसे बड़े और चमत्कारी धार्मिक आयोजन महाकुंभ 2025 अपनी और आकर्षित कर रहा है पूरे संसार को
प्रयागराज 13 जनवरी प्राप्त समाचार के अनुसार विश्व के सबसे बड़े और चमत्कारिक धार्मिक आयोजन पूरे संसार को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी महाकुंभ प्रयागराज पहुंच रहे हैं मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के सभी विभाग इस महा आयोजन महाकुंभ 2025 को सकुशल संपन्न कराने हेतु पूरी ताकत से लगे हैं आज उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिन और निदेशक श्री शिशिर ने मोटरसाइकिल पर बैठकर महाकुंभ प्रयागराज का व्यवस्थाओं का पूरा जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए मिली जानकारी के अनुसार इस बार महाकुंभ बेहद खास है। ग्रहों की स्थिति बेहद दुर्लभ संयोग बना रही है। 144 साल के बाद महाकुंभ में समुद्र मंथन के संयोग बन रहे हैं। बुधादित्य योग, कुंभ योग, श्रवण नक्षत्र के साथ ही सिद्धि योग में त्रिवेणी के तट पर श्रद्धालु महाकुंभ में डुबकी लगाएंगे। चंद्र एवं बृहस्पति के प्रिय ग्रह बुध मकर राशि में हैं जो बुधादित्य योग बना रहे हैं। कुंंभ योग और राशि परिवर्तन योग इस महाकुंभ को अति विशिष्ट बना रही है। शनि की कुंभ राशि एवं शुक्र तथा बृहस्पति के राशि परिवर्तन की स्थिति का यह संयोग 144 सालों के बाद बन रहा है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पवित्र संगम में स्नान और सूर्य देव को अर्घ्य देने के पावन पर्व पौष पूर्णिमा की समस्त देश व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं. महाकुंभ नगरी तीर्थराज प्रयाग में स्नान, तप व ध्यान हेतु पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, कल्पवासियों तथा श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन है. माता गंगा, यमुना व सरस्वती समस्त देशवासियों का सर्वकल्याण करें.
महाकुम्भ-2025 के प्रथम अमृत स्नान पौष पूर्णिमा के अवसर पर आज दिनांकः 13.01.2025 को श्री प्रशान्त कुमार, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ स्थित नियंत्रण कक्ष से अमृत स्नान की मानीटरिंग की गयी। महाकुम्भ की पल-पल की जानकारी हेतु पुलिस मुख्यालय में 24×7 नियंत्रण कक्ष के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
“भारतीय मूल्यों और संस्कृति को संजोने वाले करोड़ों लोगों के लिए यह एक बहुत ही खास दिन है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, “भारतीय मूल्यों और संस्कृति को संजोने वाले करोड़ों लोगों के लिए यह एक बहुत ही खास दिन है! महाकुंभ 2025 प्रयागराज में शुरू हो रहा है, जो आस्था, भक्ति और संस्कृति के पवित्र संगम में अनगिनत लोगों को एक साथ लाएगा। महाकुंभ भारत की कालातीत आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है और आस्था और सद्भाव का उत्सव मनाता है…”
वाराणसी में भी पूरे कुंभ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओ के आने की उम्मीद है. इतनी भारी तादाद में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए जहां एक ओर पर्यटन विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है तो वही विश्वनाथ मंदिर ने भी कुछ बदलाव किए हैं.काशी विश्वनाथ मंदिर समिति ने फैसला किया है कि पूरे महाकुंभ के डेढ़ महीने के मेले के दौरान मंदिर मं स्पर्श दर्शन पर रोक रहेगी. साथ ही, वीआईपी प्रोटोकॉल को पहले से ही सस्पेंड कर दिया गया है.सभी विभागों से पत्राचार कर लिया गया है चाहे सुरक्षा हो या फिर अग्निशमन हो और खाद्य सुरक्षा विभाग हो. पुलिस प्रशासन, सीआरपीएफ, पीएसी और अन्य सुरक्षा बल से भी अनुरोध कर लिया गया है. एनडीआरएफ के साथ भी कार्य योजना तैयार कर ली गई है. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था देने के लिए विश्वनाथ मंदिर प्रशासन दृढ़ संकल्पित है. पूरे महाकुंभ के दौरान श्रावण मास का प्रोटोकॉल काशी विश्वनाथ मंदिर में लागू रहेगा. इसमें स्पर्श दर्शन घोषित रूप से पूर्णता बंद है. महाकुंभ के दौरान गर्भगृह में प्रवेश श्रद्धालुओं का वर्जित रहेगा. केवल पुजारी अर्चक और साफ सफाई करने वाले लोग ही गर्भगृह में जा सकेंगे. इसके अलावा किसी को भी गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सारे VIP प्रोटोकॉल पहले से ही सस्पेंड कर दिए गए हैं.
प्रयाग जंक्शन एवं फाफामऊ रेलवे स्टेशन से दिनांक 13 जनवरी एवं 14 जनवरी 2025 को लखनऊ,जौनपुर, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट हेतु स्पेशल ट्रेन*
1. *गाड़ी संख्या 04271 फाफामऊ से जौनपुर*
यह गाड़ी फाफामऊ रेलवे स्टेशन से समय 13:00 बजे प्रस्थान करेगी एवं जौनपुर रेलवे स्टेशन पर समय 16:50 बजे पहुंचेगी ।
2. *गाड़ी संख्या 04293 प्रयाग से लखनऊ*
यह गाड़ी प्रयाग जं. रेलवे स्टेशन से समय 20:20 बजे प्रस्थान करेगी एवं लखनऊ रेलवे स्टेशन पर आगमन रात्रि 2:00 बजे रहेगा l
3. *गाड़ी संख्या 04229 प्रयाग जंक्शन से अयोध्या कैंट*
यह गाड़ी प्रयाग जंक्शन स्टेशन से रात्रि 21:10 बजे प्रस्थान करेगी एवं अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर आगमन रात्रि 01:55 बजे रहेगा।
*दिनांक 14 जनवरी 2025 दिन मंगलवार को प्रयाग जंक्शन एवं फाफामऊ से अयोध्या कैंट जौनपुर लखनऊ हेतु स्पेशल ट्रेन*
1. *गाड़ी संख्या 04223 प्रयाग जंक्शन से अयोध्या कैंट*
यह ट्रेन प्रयाग जंक्शन से समय 11:55 बजे प्रस्थान करेगी एवं अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर आगमन समय 17:10 बजे रहेगा।
2. *गाड़ी संख्या 04271 फाफामऊ से जौनपुर*
यह ट्रेन फाफामऊ स्टेशन से समय 13:00 बजे प्रस्थान करेगी एवं जौनपुर स्टेशन पर आगमन समय 16:20 बजे रहेगा ।
3. *गाड़ी संख्या 04293 प्रयाग जंक्शन स्टेशन से लखनऊ*
यह ट्रेन प्रयाग जंक्शन स्टेशन से समय 20:20 बजे प्रस्थान करेगी एवं लखनऊ स्टेशन पर आगमन समय रात्रि 02:00 बजे रहेगा ।
4. *गाड़ी संख्या 04229 प्रयाग जंक्शन से अयोध्या कैंट*
यह ट्रेन प्रयाग जं. से समय 21:10 बजे प्रस्थान करेगी एवं अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर आगमन समय रात्रि 01:55 बजे रहेगा।
अपने तीन दिवसीय दौरे पर प्रयागराज आए नगर विकास एवं उर्जा मंत्री एके शर्मा तीसरे दिन सुबह होते ही प्रयागराज की सड़कों पर उतरकर साफ-सफाई व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया और स्वयं सफाई कर्मियों से बात कर उनको प्रोत्साहित किया।
बता दें कि महाकुम्भ 2025 मेला की शुरुआत हो चुकी है, पहले दिन ही लाखों श्रद्धालुओं का जत्था प्रयागराज स्नान करने के पहुँच गया।
नगर निगम प्रयागराज ऑफिस के सामने से गुजरने वाले हजारों श्रद्धालुओं को नगर विकास एवं उर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्वयं फूलों का माला पहनाकर स्वागत व अभिनंदन किया।
इस दौरान नगर आयुक्त प्रयागराज, अपर नगर आयुक्त, सहित नगर निगम के सभी स्वच्छता कर्मचारी व अधिकारी गण उपस्थित रहे।
इस दौरान तीर्थ यात्रियों में एक अद्भुत उत्साह व उमंग देखने को मिला।
बता दें कि महाकुम्भ स्नान के प्रथम दिन प्रयागराज आने वाले अन्य राज्यों से सभी तीर्थ यात्रियों ने यहाँ की स्वच्छता और दिव्यता देखकर खूब सराहा और यहाँ की नगर प्रशासन और नगर निगम के प्रयागराज के सभी स्वच्छता कर्मियों का धन्यवाद भी किया।
खबर महाकुम्भ
*सोशल मीडिया पर नंबर वन ट्रेंड बना #एकता_का_महाकुम्भ*
*महाकुम्भ के पहले दिन पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर सोशल मीडिया पर छाया एकता का महाकुम्भ हैशटैग*
*सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हजारों लोगों ने #एकता_का_महाकुम्भ का उपयोग कर किया पोस्ट*
*पीएम मोदी और सीएम योगी ने इस महाकुम्भ को सबसे पहले बताया था एकता का महाकुम्भ** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुम्भ को एकता का महाकुम्भ करार दिया है। पीएम मोदी और सीएम योगी के इस कथन को सोशल मीडिया में भी खूब सराहा जा रहा है। सोमवार को महाकुम्भ के पहले दिन पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एकता का महाकुम्भ हैशटैग टॉप ट्रेंड में शुमार हो गया। सोमवार की सुबह से ही लोगों ने एक्स पर #एकता_का_महाकुम्भ को लेकर अपने विचार प्रकट करने शुरू कर दिए और देखते ही देखते पहले यह हैशटैग टॉप ट्रेंड्स में शुमार हुआ और दोपहर को नंबर वन पर ट्रेंड करने लगा।
*दिन भर टॉप ट्रेंड्स में शुमार रहा #एकता_का_महाकुम्भ*
पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ शुरू हुए महाकुम्भ को लेकर सुबह से ही सोशल मीडिया पर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। बड़ी संख्या में यूजर्स महाकुम्भ के वीडियोज, फोटोज और सूचनाएं अन्य लोगों तक पहुंचा रहे थे। यूजर्स कई हैशटैग के जरिए महाकुम्भ पर चर्चा कर रहे थे, जिसमें #एकता_का_महाकुम्भ भी एक था। हालांकि, देखते ही देखते यह हैशटैग सबकी पसंद बन गया और शाम साढ़े तीन बजे तक करीब 70 हजार यूजर्स ने इस हैशटैग का उपयोग करते हुए महाकुम्भ में भारी भीड़, संगम स्नान और सनातन आस्था को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रतिक्रिया देने वालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित रहे। सीएम योगी द्वारा हैशटैग का उपयोग करने के बाद इस पर प्रतिक्रिया देने वालों की बाढ़ आ गई और देखते ही देखते यह हैशटैग नंबर वन पर पहुंच गया।
*बड़े नेताओं और संस्थानों ने भी किया हैशटैग का उपयोग*
अमेठी की पूर्व सांसद और भाजपा की नेता स्मृति ईरानी, भारत सरकार के हैंडल MyGovIndia,नमामि गंगे, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, संदीप सिंह समेत प्रमुख लोगो और संस्थाओं की ओर से भी इस हैशटैग का उपयोग किया गया। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी और सीएम योगी ने इस महाकुम्भ को एकता का महाकुम्भ कहा था। सीएम योगी ने हाल ही में पत्रकार वार्ता में कहा था कि जो लोग सनातन आस्था का सम्मान नहीं करते हैं, उन्हें महाकुम्भ में आकर देखना चाहिए कि यहां पंत, जाति और संप्रदाय का कोई भेदभाव नहीं है। यहां सब एक हैं और सब सनातन हैं।
*कई और हैशटैग भी हुए ट्रेंड्स में शुमार*
#एकता_का_महाकुम्भ के साथ ही महाकुम्भ को लेकर पूरे दिन कई और भी हैशटैग वायरल होते रहे। इनमें #MahaKumbh2025, #पौष पूर्णिमा, #पवित्र संगम, #प्रथम अमृत और #संगम जैसे हैशटैग शामिल रहे। इन सभी हैशटैग के माध्यम से सोशल मीडिया यूजर्स ने महाकुम्भ को लेकर अपनी श्रद्धा का भाव प्रकट किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई व शुभकामनाएं दीं, जिन्होंने इस महाकुम्भ को भव्य और दिव्य बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
*14 जनवरी, 2025 महाकुम्भ मेला 2025 में अखाड़ों के परंपरा गत पूर्व से निर्धारित क्रम के अनुसार अमृत स्नान से संबंधित समय सारिणी*
*सन्यासी*
1. श्री पंचायती अखाङा महानिर्वाणी एवं श्री शंभू पंचायती अटल अखाङा – 06:15
2. श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाङा, एवं श्री पंचायती अखाङा आनन्द – 07:05
3. श्री पंचदशनाम जूना अखाङा एवं श्रीपंचदशनाम आवाहन अखाङा तथा श्री पंचाग्नि अखाङा – 08:00
*बैरागी*
1. अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाङा – 10:40
2. अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाङा – 11:20
3. अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाङा – 12:20
*उदासीन*
1. श्री पंचायती नया उदासीन अखाङा – 13:15
2. श्री पंचायती अखाङा, बङा उदासीन, निर्वाण – 14:20
3. श्री पंचायती निर्मल अखाङा – 15:40
*एकता का महाकुम्भ*
*पौष पूर्णिमा स्नान पर्व से प्रयागराज महाकुम्भ का शंखनाद , सनातन की एकता से मिला महाकुम्भ को विस्तार*
*महाकुम्भ में शैव, वैष्णव और उदासीन अखाड़ों में दिखा अनेकता में एकता का भाव*
*पौष पूर्णिमा से शुरू कल्पवास की परम्परा में मिटी असमानता और जातिगत भेदभाव*
*व्यक्ति नहीं समष्टि का पर्व है महाकुम्भ, मानवता और विश्व कल्याण के लिए हो रहा है आवाहन*
*महाकुम्भ नगर,13 जनवरी।* त्रिवेणी के पावन तट पर महाकुम्भ की शुरुआत भारत की सनातन परंपरा का उद्घोष और विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम का शंखनाद है। इसके अंदर अंतर्निहित है अनेकता में एकता का वह संदेश जो महान भारतीय संस्कृति का मूल है। महाकुम्भ एक धार्मिक आयोजन का पर्व मात्र नहीं है। आस्था और अध्यात्म के इस महापर्व में शैव , वैष्णव और उदासीन भक्ति धाराओं का मेल होता है। महाकुम्भ में शैव परंपरा के अंतर्गत आने वाले सात अखाड़े , वैष्णव परम्परा का अनुगमन करने वाले तीन अखाड़ों के साथ उदासीन सम्प्रदाय की विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन और नया उदासीन अखाड़ा निर्वाण का संगम होता है। इसी तरह श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल की सहजता और सेवाभाव के गुरुओं की वाणी यहां सभी अखाड़ों को साथ लेकर विभिन्नता में एकता का संदेश देती है। एकता के महाकुम्भ का भाव भी इसी में सम्मिलित है।
*कल्पवास की परम्परा में मिटी असमानता और जातिगत भेदभाव*
प्रयागराज महाकुंभ में वैसे 144 वर्ष बाद विशिष्ट खगोलीय संयोग बन रहा है जिसके चलते ग्रहों और नक्षत्रों के जानकार इसे अपने दृष्टिकोण से देखते हैं। सिद्ध महामृत्युंजय संस्थान के पीठाधीश्वर स्वामी सहजानंद सरस्वती जी बताते हैं कि महाकुम्भ एक खगोलीय घटना मात्र नहीं है। वसुधैव कुटुंबकम् का विचार लेकर सबको अपने में समाहित कर लेने वाले सनातन के इस महापर्व में जातीय भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच सब अप्रासंगिक हो जाते हैं। सभी जाति से जुड़े अमीर गरीब एक साथ मिलकर यहां पुण्य की डुबकी लगाते हैं। पौष पूर्णिमा से शुरू हुए प्रयागराज महाकुम्भ के साथ यहां कल्पवास की भी शुरुआत हुई है। महाकुम्भ में एक महीने तक तंबुओं में रहकर संयम और त्याग की साधना करने वाले कल्पवासी सभी जातियों से आते हैं। सभी तरह का ऊंच नीच का भेदभाव यहां नहीं दिखता। सब साथ में गंगा स्नान कर सामूहिक कीर्तन भजन में शामिल होते हैं। जातीय , वर्गीय एकता और समन्वय का यह विचार ही महाकुम्भ को एकता के महाकुम्भ के रूप में स्थापित करता है।
व्यक्ति नहीं समष्टि को साथ लेकर चलने का संकल्प है महाकुम्भ
पौष पूर्णिमा के साथ शुरू हुए प्रयागराज महाकुम्भ में सबको साथ लेकर चलने का संकल्प दिखता है। महाकुम्भ में तंबुओं में एक महीने तक रहकर संयम और त्याग के साथ जप, तप और साधना करने वाले कल्पवासियों की संख्या 7 लाख से अधिक है जो उस ग्राम्य संस्कृति का हिस्सा है जो कृषि प्रधान भारत का प्रतिनिधित्व करता है। इसी महाकुम्भ में डोम सिटी और निजी टेंट सिटी में रहकर पुण्य की डुबकी लगाने आने वाला अभिजात्य वर्ग भी है। लेकिन सभी पुण्य अर्जित अर्जित करने का भाव लेकर आए हैं। इस संकल्प में भी एकता और समन्वय को भी स्थान दिया गया है जो महाकुम्भ में ही संभव लगता है।
हर शिविर, आयोजन में विश्व कल्याण और प्राणियों की सद्भावना का उद्घोष
महाकुम्भ सनातन का पर्व और गर्व है। वह सनातन संस्कृति जो वसुधैव कुटुंबकम् की अवधारणा पर टिकी है। उसी की प्रेरणा से महाकुम्भ में अखाड़ों, साधु संतों और संस्थाओं के आयोजन में भी केंद्र में व्यक्ति नहीं समष्टि है, समस्त मानवता है। श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी कहते हैं कि महाकुम्भ में स्थापित हर शिविर और आयोजन में हर पूजा-प्रार्थना में ‘विश्व का कल्याण हो, प्राणियों में सद्भावना हो ‘ का उदघोष और सामाजिक सरोकारों की चिंता है । पहली बार अखाड़ों ने जिस तरह से पर्यावरण प्रदूषण की चिंता को अपनी बैठकों और छावनी प्रवेश यात्रा में स्थान दिया गया वह इसी का संकेत है।
लखनऊ-महाकुंभ में शटल बसों को लेकर बोले दयाशंकर सिंह, महाकुम्भ-2025 के एक दिन पूर्व व बाद में चलेंगी बसें, 350 शटल बसों का मुक्फ यात्रा मुहैया कराया जाएगा।
मुफ्त यात्रा मुहैया करायेगा परिवहन निगम, महाकुम्भ-2025 के मुख्य स्नान पर्वों पर भी मिलेगी सेवा।
विभिन्न पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को मिलेंगी शटल बसें, पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र तक निःशुल्क यात्रा कराएंगी।
प्रयागराज-पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ कुंभ मेला की शुरुआत, प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर संगम स्नान, अभी भी स्नानार्थियों का संगम पहुंचने का सिलसिला जारी
बड़ी संख्या में मोक्ष की डुबकी लगाने पहुंच रहे श्रद्धालु, 1 करोड़ 60 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, आज अपराह्न 4 बजे तक श्रद्धालुओं ने किया संगम स्नान



