नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9412807565,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें
April 23, 2026

Suraj Kesari

No.1 Digital News Channel of India

विकासनगर अग्निकांड: राख से उठेगा फिर जीवन

1 min read

विकासनगर अग्निकांड: राख से उठेगा फिर जीवन

 

टीम लखनऊ ने लिया 50 परिवारों को बसाने का संकल्प

 

लखनऊ।विकासनगर की उस भयावह आग ने सिर्फ घरों की दीवारें नहीं जलाईं… उसने सपनों को राख कर दिया, रिश्तों की गर्माहट छीन ली और कई परिवारों को बेघर कर दिया। जहां कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, आज वहां सन्नाटा पसरा है। जले हुए सामान के बीच खड़ी आंखें बस एक ही सवाल पूछ रही हैं—

“क्या हमारा घर फिर बस पाएगा?”

किसी मां की गोद सूनी हो गई, किसी बच्चे की किताबें जलकर खाक हो गईं, तो किसी बुजुर्ग की उम्रभर की मेहनत एक पल में खत्म हो गई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सैकड़ों टूटे सपनों की दर्दनाक कहानी है।

लेकिन इस अंधेरे के बीच उम्मीद की एक रोशनी भी जली है…

इसी दर्द को महसूस करते हुए टीम लखनऊ और उसके सहयोगी संगठनों ने एक मानवीय पहल करते हुए संकल्प लिया है कि कम से कम 50 अग्नि पीड़ित परिवारों को फिर से बसाया जाएगा। उन्हें न सिर्फ घर मिलेगा, बल्कि उनका सम्मान, उनकी उम्मीदें और उनका जीवन भी लौटाने की कोशिश की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण पहल को लेकर इंसाफ नगर में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एकजुट होकर शामिल हुए। बैठक में पीड़ित परिवार भी मौजूद रहे—उनकी आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार उन आंसुओं में उम्मीद की चमक भी दिखी।मस्जिद अज़हर अली से खालिद इस्लाम, मुर्तज़ा अली, असद उमर,टीम लखनऊ से निगहत खान, कुदरत उल्ला खान,वामिक खान,अब्दुल वहीद, ज़ुबैर अहमद,तौसीफ हुसैन, हलीमा अज़ीम, शालिनी सिंह,फहद हसन, मोहम्मद कैफ, सुफियान, वसी अहमद सिद्दीकी,यू.पी. सिख विचार मंच से गुरजीत सिंह छाबड़ा,अध्यक्ष,जसबीर गांधी

कपिल सिंह अरोड़ा आदि मौजूद थे।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इन 50 परिवारों का पूर्ण पुनर्वास किया जाएगा। यह सिर्फ राहत नहीं, बल्कि इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बनने की दिशा में एक कदम है।

टीम लखनऊ के अध्यक्ष मुर्तज़ा अली ने शहरवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह समय साथ खड़े होने का है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों को रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों की सख्त आवश्यकता है—

हाइजीन किट: साबुन, टूथब्रश, टूथपेस्ट, शैम्पू, बाल्टी, मग, तौलिया

किचन किट: भगोना, प्रेशर कुकर, चम्मच, तवा, बेलन-पटरा

राशन किट: चावल, आटा, दाल, नमक, चीनी, तेल

घरेलू सामान: बेडशीट, गद्दा, चटाई, पर्दे, तिरपाल

महिलाओं की किट: सैनिटरी पैड, जूते-चप्पल

अन्य आवश्यक वस्तुएं: अलमारी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बर्तन, बक्सा आदि

उन्होंने अपील की कि जो भी मदद कर सकता है, वह आगे आए और इन परिवारों के जीवन को फिर से संवारने में अपना योगदान दे। सहायता सामग्री इंदिरानगर स्थित टीम लखनऊ कार्यालय में जमा की जा सकती है।

यह सिर्फ पुनर्वास नहीं…

यह टूटे हुए विश्वास को फिर से जोड़ने की कोशिश है।

यह राख में दबे सपनों को फिर से उड़ान देने की पहल है।

लखनऊ अब सिर्फ देख नहीं रहा… बल्कि आगे बढ़कर अपने लोगों का हाथ थाम रहा है।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

Right Menu Icon