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September 20, 2026

Suraj Kesari

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सामाजिक एकजुटता के जरिए रालोद ने साधा बड़ा संदेश, जयंत बोले- जाति के दायरे से बाहर निकले समाज

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सामाजिक एकजुटता के जरिए रालोद ने साधा बड़ा संदेश, जयंत बोले- जाति के दायरे से बाहर निकले समाज

(वरिष्ठ पत्रकार मनोज पाल की विशेष खबरें)

मुजफ्फरनगर 20 सितंबर प्राप्त समाचार के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में सामाजिक समीकरणों के बीच राष्ट्रीय लोकदल ने मुजफ्फरनगर से सामाजिक एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की। रविवार को मुस्तफाबाद पचेंडा स्थित जनता इंटर कॉलेज में आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन में केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि समाज को जातीय खांचों में बांटने के बजाय संवाद और बराबरी की भावना को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रालोद का प्रयास किसी एक वर्ग को अपने साथ जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि सर्वसमाज को साथ लेकर आगे बढ़ने का है।

 

जयंत चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरनगर उनके परिवार की राजनीतिक कर्मभूमि रही है और चौधरी अजित सिंह ने समाज की दूरियां कम करने के लिए लंबे समय तक काम किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव किसी एक आयोजन से नहीं आता। अलग-अलग वर्गों के लोग जब एक-दूसरे के साथ बैठकर संवाद करते हैं, तभी सामाजिक दूरी घटती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।

 

संत रविदास के सामाजिक जुड़ाव और प्रेम के संदेश का उल्लेख करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि समाज में भेदभाव की जगह बराबरी और भाईचारे की भावना मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता है और अलग-अलग समुदाय एक-दूसरे का सम्मान करते हुए साथ आगे बढ़ें, यही सामाजिक समरसता का आधार है।

 

अंबेडकर और चरण सिंह की विचारधारा का किया उल्लेख

 

डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि उन्होंने जाति व्यवस्था को चुनौती देकर समानता और सामाजिक न्याय की बात रखी। उनके अनुसार अंबेडकर को किसी एक वर्ग या रंग तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की विविधता में उनके विचारों की छाप दिखाई देती है।

 

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सामाजिक संघर्षों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि चरण सिंह ने जाति तोड़ो सम्मेलनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का प्रयास किया था। जयंत ने कहा कि चौधरी चरण सिंह उनके लिए केवल राजनीतिक आदर्श नहीं, बल्कि साहस और संघर्ष की प्रेरणा भी हैं। समाज में बराबरी लाने के लिए लोगों को जातिगत नजरिये से ऊपर उठना होगा।

 

‘टीम आरएलडी’ को बताया सामाजिक सेतु

 

जयंत चौधरी ने कहा कि समाज को जोड़ने के उद्देश्य से ‘टीम आरएलडी’ बनाई गई है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव और घर तक जाकर लोगों से संवाद करें। उन्होंने कहा कि उनका जनता के साथ संबंध किसी एक जाति के आधार पर नहीं, बल्कि चौधरी चरण सिंह की उस विचारधारा से है जो समाज को जोड़ने की बात करती है।

 

उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चौधरी चरण सिंह को सम्मान दिए जाने को भी उन्होंने इस फैसले के पीछे एक कारण बताया। उन्होंने कहा कि रालोद का उद्देश्य केवल चुनाव या कुछ विधायकों तक सीमित नहीं है, बल्कि चौधरी चरण सिंह की विरासत और डॉ. अंबेडकर के समानता के विचार को व्यापक स्तर पर आगे ले जाना है।

 

किसान और युवाओं के मुद्दे उठाने की अपील

 

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से खेती, रोजगार, कारोबार और फसलों के उचित मूल्य जैसे मुद्दों पर सवाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे जमीन से उठने चाहिए और किसान की फसल की पर्ची उसका अधिकार है।

 

गन्ने के मूल्य और एथेनॉल नीति का उल्लेख करते हुए जयंत चौधरी ने दावा किया कि एथेनॉल नीति से गन्ना किसानों को लाभ मिला है। उन्होंने गन्ने के मूल्य और किसानों को किए गए भुगतान से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे।

 

सपा पर बिना नाम लिए निशाना

 

अपने संबोधन के दौरान जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर भी बिना सीधे नाम लिए निशाना साधा। उन्होंने सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की एक टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस पर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी समाज या वर्ग से जुड़ी टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और संबंधित नेता को अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए।

 

उन्होंने सपा नेतृत्व पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘पड़ा’ का मतलब रोज-रोज बदलता रहता है। जयंत चौधरी ने विपक्ष पर समाज को विभाजित करने के लिए नारेबाजी की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि सामाजिक मुद्दों पर संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

 

आगामी कार्यक्रमों की घोषणा

 

जयंत चौधरी ने बताया कि 12 अक्टूबर को फतेहपुर सीकरी, आगरा में स्वाभिमान रैली आयोजित की जाएगी। वहीं 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह के गांव में कार्यक्रम होगा, जिसमें सभी वर्गों के लोगों को आमंत्रित करने की बात कही गई। उन्होंने रालोद कार्यकर्ताओं से ‘भेदभाव नहीं, समानता’, ‘दूरी नहीं, संवाद’ और ‘टकराव नहीं, समन्वय’ का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंचने का आह्वान किया।

सम्मेलन के आयोजन में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक अनिल कुमार की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम में बिजनौर सांसद चंदन चौहान, रालोद विधानमंडल दल के नेता एवं बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान, विधायक मदन भैया, अशरफ अली खान, गुलाम मोहम्मद, प्रसन्न चौधरी, रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष तरसपाल मलिक, पूर्व विधायक नूर सलीम राणा, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, सहारनपुर मंडल प्रभारी प्रभात तोमर, जिलाध्यक्ष संजय राठी, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमा नागर,रेनू तोमर जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा, रामनिवास पाल, कृष्णपाल राठी, प्रदेश सचिव अशोक बालियान, सुधीर भारती, अजीत राठी सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की तैयारियों में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और सांसद चंदन चौहान की सक्रिय भूमिका भी रही थी।

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