जमीयत उलमा-ए-हिंद बुढ़ाना की बैठक हुई आयोजित सर्व सम्मति से विभिन्न प्रस्ताव पर बनी सहमति
1 min read
जमीयत उलमा-ए-हिंद बुढ़ाना की बैठक हुई आयोजित सर्व सम्मति से विभिन्न प्रस्ताव पर बनी सहमति।
बैठक की अध्यक्षता जमीयत उलमा-ए-हिंद बुढ़ाना के अध्यक्ष हाफिज मुहम्मद अल्लाह मेहर सिद्दीकी ने की।
बुढ़ाना जमीयत उलमा-ए-हिन्द बुढ़ाना की एक विशेष बैठक कस्बे के छोटा बाजार स्थित मदरसा तालीमुल इस्लाम में जमीयत उलमा-ए-हिंद बुढ़ाना के नगर अध्यक्ष हाफिज मुहम्मद अल्लाह मेहर सिद्दीकी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक का संचालन नगर सचिव मौलाना आसिफ इस्लाही ने किया। नगर महासचिव हाफिज तहसीन ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । बैठक में माहे रमज़ान की आमद का इस्तकबाल करते हुए सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने माहे रमज़ान में खूब खूब इबादत करने की लोगों की अपील करते हुए कहा कि गुनाहों से बचे। बैठक में वक्ताओं ने कहा ने कहा कि आगामी मार्च में माहे रमज़ान शुरू होने जा रहा है जिसमें सभी मुसलमानों द्वारा रोज़े रखे जाते है,वक्ताओं ने कहा कि यह महीना बड़ा बरकत वाला महीना है जिसमें अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करते है इस लिए सभी रोज़ेदार खूब इबादत करे। बैठक में संयुक्त महासचिव हाफिज राशिद ने कस्बे में यूनिट को ओर मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जो मौजूदा नगर अध्यक्ष के कार्यों में सहायक बन सके और जमीयत उलमा-ए-हिंद के कार्यक्रमों को मजबूती के साथ चला सके जिसपर सभी सदस्यों के ने अपने अपने विचार रखते हुए ईद के बाद होने वाली कार्यसमिति की बैठक में कोई फैसला लेने की बात कही। मुख्य अतिथि मौलाना खालिद क़ासमी ने कहा जमीयत उलमा-ए-हिंद की जो ख़िदमात है वो सुनहरे अल्फाजों में लिखने के योग्य है उन्होंने कहा हमें इस बात की खुशी है कि बुढ़ाना की यूनिट एक मजबूत यूनिट है और मजबूत समाजिक कार्य कर रही है ।काम करती है। मुफ्ती वसीम मुफ्ती फरमान ने माहे रमज़ान के संबंध में विस्तार पूर्वक ब्यान करते हुए कहा कि इस महीने की बड़ी बड़ी बरकत है उन्होंने कहा कि इस महीने में अभी मुसलमान रोज़ा नमाज की पाबंदी करे और ज़कात अदा करे। हाफिज अब्दुल गफ्फार हाजी शराफत मुफ्ती गुलफाम कासमी ने भी यूनिट को सक्रिय करने की बात रखी। जमीयत उलमा-ए-हिंद के वरिष्ट जिला उपाध्यक्ष एवं जिला मीडिया प्रभारी मौ0आसिफ कुरैशी ने कहा जो प्रस्ताव रखे गए है उनको अप्रैल के महीने में होने वाली बैठक में रख कर कोई फैसला लेने की राय रखी। इस दौरान जमीयत द्वारा जारी गये रोज़े इफ्तार के समय का भी कैलेंडर जारी किया गया। अपने अध्यक्षीय भाषण में हाफिज अल्लाह मेहर ने समाज में फैल रही बुराइयों पर विस्तार से चर्चा की ओर कहा की आज शादियों में डी0जे0 बजाया जा रहा है जिससे समाज में गलत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमारे उलमा ए दीन मस्जिदों के इमाम हज़रात जुमा के रोज़ नौजवानों में फैल रही बुराइयों के रोकने के लिए बयान फरमाये। अंत में मौलाना खालिद की दुआ पर बैठक का समापन हुआ। इस दौरान मुफ्ती वसीम,मुफ्ती गुलफाम,हाजी शराफत,मुफ्ती फरमान,मौलाना खालिद,मुफ्ती फ़ैजान क़ासमी,मौलाना शहजाद,अशरफ़ कुरैशी, हाफिज अब्दुल गफ्फार,क़ारी नदीम,हाफिज शहजाद, हाफिज कमाल,अबरार सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन जमीयत उलमा-ए-हिंद के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बैठक करते हुए….


