मंडलायुक्त सहारनपुर मंडल सहारनपुर ने किया पौधारोपण
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मंडलायुक्त सहारनपुर मंडल सहारनपुर ने किया पौधारोपण, “एक पेड़ माँ के नाम”अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
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मुजफ्फरनगर, 06 जुलाई 2027। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित वृक्षारोपण महायज्ञ-2027 एवं “एक पेड़ माँ के नाम” जन-अभियान के अंतर्गत आज महायज्ञ के छठे दिन तहसील दिवस के अवसर पर तहसील जानसठ परिसर में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंडलायुक्त सहारनपुर डॉ. रूपेश कुमार ने मालश्री का पौधा रोपित कर अभियान का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर द्वारा भी मालश्री का पौधा रोपित किया गया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर द्वारा फलदार पौधे का रोपण किया गया। प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग मुजफ्फरनगर द्वारा छायादार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण तून प्रजाति का पौधा रोपित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा भावी पीढ़ियों के लिए हरित विरासत के निर्माण का संकल्प लिया। सभी अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में प्रदेश भर में इस मानसून सत्र के दौरान 35 करोड़ से अधिक पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को अपनी माता के सम्मान एवं प्रकृति संरक्षण के भाव से कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मंडलायुक्त सहारनपुर मंडल सहारनपुर डॉ. रूपेश कुमार ने कहा कि “वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता और जल सुरक्षा के आधार स्तंभ हैं। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान भावनात्मक रूप से समाज को प्रकृति से जोड़ने का अभिनव प्रयास है। जिस प्रकार माँ जीवन का आधार होती है, उसी प्रकार वृक्ष भी जीवन के संरक्षक हैं। प्रत्येक नागरिक को पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि बढ़ते जलवायु परिवर्तन, तापमान वृद्धि तथा पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी आधारित वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ले ले तो प्रदेश और देश दोनों हरित एवं समृद्ध बन सकते हैं।
जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने कहा कि “वृक्षारोपण केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सतत जन आंदोलन है। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। जनपद में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा ग्राम पंचायतों के सहयोग से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है।”
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने घर, खेत, विद्यालय, कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान दें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने कहा कि “स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसके लिए वृक्षारोपण एक महत्वपूर्ण माध्यम है। फलदार एवं छायादार वृक्ष न केवल पर्यावरण को समृद्ध करते हैं बल्कि समाज को प्रत्यक्ष लाभ भी प्रदान करते हैं। पुलिस विभाग भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है और जनसहयोग से इसे सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं और वृक्षों की सुरक्षा को सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करें।
प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग मुजफ्फरनगर ने कहा कि “प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित 35 करोड़ पौधारोपण लक्ष्य को सफल बनाने हेतु सामाजिक वानिकी विभाग व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। विभिन्न प्रजातियों के पौधों का चयन स्थानीय परिस्थितियों, जैव विविधता संरक्षण तथा जन उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया गया है।”
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण की सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं बल्कि उन्हें जीवित रखने में निहित है। विभाग द्वारा पौधों के संरक्षण, निगरानी तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण तथा हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण हेतु अधिकाधिक पौधारोपण एवं पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।


