सीएम योगी ने बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए प्रदान किए
सीएम योगी ने बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए प्रदान किए नियुक्ति पत्र मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी रहे मौजूद। लखनऊ 7 मई प्राप्त समाचार के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें आयुष विभाग के 202 प्रोफेसर/रीडर/चिकित्सा अधिकारी/स्टाफ नर्स, व्यावसायिक शिक्षा विभाग के 272 अनुदेशक, और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के 7 नर्स/हॉस्टल वार्डन/कंपाउंडर शामिल थे।
मंत्री अग्रवाल ने आईटीआई के छात्रों द्वारा निर्मित ब्रह्मोस स्मृति चिन्ह देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बहुत प्रगति की है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया, जहाँ पहले दलाली और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 9 लाख से अधिक नौकरियाँ बिना किसी भ्रष्टाचार के दी गई हैं।
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि उनके विभाग ने पिछले 9 वर्षों में 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है और 7.5 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्रदान किया है।
उन्होंने स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के प्रयासों का भी उल्लेख किया, जैसे कि डीडीयूजीकेवाई के तहत ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाना और टाटा के माध्यम से आईटीआई में उद्योग की मांग के अनुरूप नए ट्रेड्स (जैसे सोलर, एविएशन, 3डी प्रिंटिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) शुरू करना।
मंत्री अग्रवाल ने आत्मनिर्भर भारत और $5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश और उनके विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने नए नियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह किया, और मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व की तुलना हनुमान जी से करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
नवचयनित अभ्यर्थियों में गाजीपुर के अमित थापा (आईटीआई अनुदेशक), चंदौली की अर्चना मौर्य (अनुदेशक), रायबरेली की डॉ. नेहा स्वरूप (आवासीय होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी), प्रोफेसर कमरुल हसन नारी (प्रोफेसर यूनानी) और बलिया की आरती (नर्स) शामिल थीं। सभी ने पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों का आभार व्यक्त किया।


